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जंग के असर पर देश अलर्ट, PM मोदी आज सभी CM से करेंगे अहम चर्चा, बोले- कोरोना जैसी परीक्षा आ सकती है!
देश-विदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करेंगे, जिसमें ईरान संकट और उसके भारत पर असर को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
देश में वैश्विक हालात को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव और उसके संभावित असर पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। हालांकि जानकारी के मुताबिक चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।
ईरान जंग को लेकर केंद्र की चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने 24 मार्च को राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान संकेत दिया था कि यदि ईरान से जुड़ा संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसके दूरगामी और गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने आगाह किया था कि देश को एक बार फिर कोरोना काल जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग बेहद जरूरी होगा।
पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार का आश्वासन
ईरान संकट के बीच देश में ईंधन की कमी को लेकर फैल रही खबरों को सरकार ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास फिलहाल पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जो लगभग 60 दिनों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही किल्लत की खबरें भ्रामक हैं और इनका मकसद लोगों में घबराहट पैदा करना है।
सरकार ने चेतावनी दी है कि इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि बाजार में अनावश्यक पैनिक बाइंग की स्थिति न बने।
एलपीजी को लेकर सख्त नियम लागू
घरेलू गैस की मांग में अचानक बढ़ोतरी के चलते सरकार ने कुछ नए नियम लागू किए हैं। 6 मार्च से घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के बीच 21 दिन का अंतर अनिवार्य कर दिया गया। इसके बाद 9 मार्च को शहरी इलाकों में इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। वहीं 12 मार्च को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह अवधि बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई।
इसके अलावा 14 मार्च को एक अहम फैसला लेते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने पाइप गैस यानी PNG उपयोगकर्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर रखना गैरकानूनी घोषित कर दिया। अब जिन उपभोक्ताओं के पास PNG कनेक्शन है, उन्हें अपने एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करने होंगे और वे रिफिल नहीं करा पाएंगे।
केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
सरकार का मानना है कि वैश्विक संकट के समय में राज्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी उद्देश्य से यह बैठक बुलाई गई है, ताकि संभावित चुनौतियों के लिए पहले से रणनीति तैयार की जा सके और आवश्यक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो।
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देश में वैश्विक हालात को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव और उसके संभावित असर पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। हालांकि जानकारी के मुताबिक चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।
ईरान जंग को लेकर केंद्र की चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने 24 मार्च को राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान संकेत दिया था कि यदि ईरान से जुड़ा संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसके दूरगामी और गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने आगाह किया था कि देश को एक बार फिर कोरोना काल जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग बेहद जरूरी होगा।
पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार का आश्वासन
ईरान संकट के बीच देश में ईंधन की कमी को लेकर फैल रही खबरों को सरकार ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास फिलहाल पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जो लगभग 60 दिनों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही किल्लत की खबरें भ्रामक हैं और इनका मकसद लोगों में घबराहट पैदा करना है।
सरकार ने चेतावनी दी है कि इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि बाजार में अनावश्यक पैनिक बाइंग की स्थिति न बने।
एलपीजी को लेकर सख्त नियम लागू
घरेलू गैस की मांग में अचानक बढ़ोतरी के चलते सरकार ने कुछ नए नियम लागू किए हैं। 6 मार्च से घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के बीच 21 दिन का अंतर अनिवार्य कर दिया गया। इसके बाद 9 मार्च को शहरी इलाकों में इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। वहीं 12 मार्च को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह अवधि बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई।
इसके अलावा 14 मार्च को एक अहम फैसला लेते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने पाइप गैस यानी PNG उपयोगकर्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर रखना गैरकानूनी घोषित कर दिया। अब जिन उपभोक्ताओं के पास PNG कनेक्शन है, उन्हें अपने एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करने होंगे और वे रिफिल नहीं करा पाएंगे।
केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
सरकार का मानना है कि वैश्विक संकट के समय में राज्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी उद्देश्य से यह बैठक बुलाई गई है, ताकि संभावित चुनौतियों के लिए पहले से रणनीति तैयार की जा सके और आवश्यक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो।
