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पाकिस्तान की धमकी: अगला युद्ध सीमा में नहीं, कोलकाता तक जाएगा, भारत में अंदर घुसकर मारेंगे
अंतर्राष्ट्रीय डेस्क
पाकिस्तान धमकी पर बढ़ा भारत-पाक तनाव, ख्वाजा आसिफ बोले संघर्ष सीमा से आगे जाएगा, भारत ने दी कड़ी चेतावनी।
भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में ऐसा बयान दिया है, जिसने दोनों देशों के रिश्तों में नई तल्खी पैदा कर दी है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर भविष्य में कोई टकराव होता है, तो वह सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के अंदरूनी हिस्सों तक फैल सकता है।
सियालकोट में दिया गया विवादित बयान
शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यदि भारत किसी तरह का फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन करता है, तो पाकिस्तान इस बार ज्यादा आक्रामक जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि भारत झूठे आरोप लगाने के लिए अपने ही लोगों या हिरासत में बंद पाकिस्तानियों का इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।
भारत की संभावित रणनीति पर सवाल
आसिफ ने यह भी कहा कि भारत द्वारा आतंकवाद के आरोपों को साबित करने के लिए शवों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित रणनीति बताया, लेकिन इस दावे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई पुष्टि सामने नहीं आई है। उनके बयान को भारत के खिलाफ मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
भारत की ओर से सख्त रुख
हालांकि इस ताजा बयान पर भारत की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी उकसावे का जवाब मजबूती से दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया था कि भारतीय सेना हर स्थिति के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
प्रॉक्सी वॉर और अफगानिस्तान का जिक्र
ख्वाजा आसिफ ने हाल के दिनों में यह आरोप भी लगाया था कि भारत और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ अप्रत्यक्ष युद्ध चला रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो पाकिस्तान अफगानिस्तान में भी सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
पूर्व राजनयिक का विवादित बयान
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी एक विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है, तो पाकिस्तान को भारत को निशाना बनाना चाहिए। उनका यह बयान भी क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाला माना गया था।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ी संवेदनशीलता
22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ऑपरेशन सिंदूर और सैन्य कार्रवाई
भारतीय सेना ने 7 मई की रात कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कदम उठाए, जिससे दोनों देशों के बीच चार दिनों तक तनाव बना रहा। अंततः 10 मई को सीजफायर के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया गया।
वर्तमान स्थिति और आगे की आशंकाएं
दोनों देशों के बयानों से साफ है कि आपसी अविश्वास अभी भी बरकरार है। ऐसे में किसी भी छोटे घटनाक्रम के बड़े संघर्ष में बदलने की आशंका बनी रहती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के बयान क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा पैदा करते हैं और दोनों देशों को संयम बरतने की जरूरत है।
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पाकिस्तान की धमकी: अगला युद्ध सीमा में नहीं, कोलकाता तक जाएगा, भारत में अंदर घुसकर मारेंगे
अंतर्राष्ट्रीय डेस्क
भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में ऐसा बयान दिया है, जिसने दोनों देशों के रिश्तों में नई तल्खी पैदा कर दी है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर भविष्य में कोई टकराव होता है, तो वह सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के अंदरूनी हिस्सों तक फैल सकता है।
सियालकोट में दिया गया विवादित बयान
शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यदि भारत किसी तरह का फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन करता है, तो पाकिस्तान इस बार ज्यादा आक्रामक जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि भारत झूठे आरोप लगाने के लिए अपने ही लोगों या हिरासत में बंद पाकिस्तानियों का इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।
भारत की संभावित रणनीति पर सवाल
आसिफ ने यह भी कहा कि भारत द्वारा आतंकवाद के आरोपों को साबित करने के लिए शवों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित रणनीति बताया, लेकिन इस दावे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई पुष्टि सामने नहीं आई है। उनके बयान को भारत के खिलाफ मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
भारत की ओर से सख्त रुख
हालांकि इस ताजा बयान पर भारत की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी उकसावे का जवाब मजबूती से दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया था कि भारतीय सेना हर स्थिति के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
प्रॉक्सी वॉर और अफगानिस्तान का जिक्र
ख्वाजा आसिफ ने हाल के दिनों में यह आरोप भी लगाया था कि भारत और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ अप्रत्यक्ष युद्ध चला रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो पाकिस्तान अफगानिस्तान में भी सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
पूर्व राजनयिक का विवादित बयान
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी एक विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है, तो पाकिस्तान को भारत को निशाना बनाना चाहिए। उनका यह बयान भी क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाला माना गया था।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ी संवेदनशीलता
22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ऑपरेशन सिंदूर और सैन्य कार्रवाई
भारतीय सेना ने 7 मई की रात कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कदम उठाए, जिससे दोनों देशों के बीच चार दिनों तक तनाव बना रहा। अंततः 10 मई को सीजफायर के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया गया।
वर्तमान स्थिति और आगे की आशंकाएं
दोनों देशों के बयानों से साफ है कि आपसी अविश्वास अभी भी बरकरार है। ऐसे में किसी भी छोटे घटनाक्रम के बड़े संघर्ष में बदलने की आशंका बनी रहती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के बयान क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा पैदा करते हैं और दोनों देशों को संयम बरतने की जरूरत है।
