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बेंगलुरु में CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे प्रकाश राज, सरकार से जवाबदेही की मांग तेज
Digital Desk
NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज भी होंगे शामिल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को मिला नया समर्थन।
बेंगलुरु में रविवार को होने वाले CJP के विरोध प्रदर्शन को उस समय और अधिक चर्चा मिली जब अभिनेता प्रकाश राज ने इसमें शामिल होने की पुष्टि की। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले और अन्य कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर चल रहे इस आंदोलन में अब कई सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग समर्थन दे रहे हैं। संगठन लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की बात कह रहा है। रविवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि वह इस शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करने के लिए बेंगलुरु पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों से भी इसमें शामिल होने की अपील की और कहा कि सरकार की विफलताओं को लेकर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। बताया जा रहा है कि उनके शामिल होने से प्रदर्शन को और अधिक सार्वजनिक ध्यान मिलने की संभावना है।
प्रकाश राज लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते रहे हैं। इससे पहले भी वह केंद्र सरकार की कई नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। हाल ही में दिल्ली में आयोजित CJP के पहले बड़े प्रदर्शन में भी उनके शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन उस समय उन्होंने पूर्व निर्धारित कार्यों का हवाला देते हुए कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने की जानकारी दी थी। अब बेंगलुरु में उनकी मौजूदगी को आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है।
CJP पिछले कुछ दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां सामने आई हैं और छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलनकारी शिक्षा मंत्रालय से जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना है कि केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून को हुए बड़े प्रदर्शन के बाद यह अभियान कई राज्यों तक पहुंच चुका है। 11 जून को पुणे, 12 जून को लखनऊ और 13 जून को अमृतसर में भी प्रदर्शन आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
इसी क्रम में रविवार को हैदराबाद में भी एक प्रदर्शन प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक वहां मौजूद लोगों को संबोधित कर सकते हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा या एक घटना का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और भरोसे से जुड़ा विषय है। इसलिए इसे व्यापक स्तर पर उठाया जा रहा है।
अमृतसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान आंदोलन से जुड़े नेताओं ने आगे की रणनीति का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 20 जून को बड़ी संख्या में समर्थक दिल्ली पहुंचेंगे और मांगें पूरी होने तक वहां डटे रहने की तैयारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। वहीं सरकार की ओर से इस मुद्दे पर पहले भी विभिन्न स्तरों पर जांच और कार्रवाई की बात कही जा चुकी है।
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बेंगलुरु में CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे प्रकाश राज, सरकार से जवाबदेही की मांग तेज
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बेंगलुरु में रविवार को होने वाले CJP के विरोध प्रदर्शन को उस समय और अधिक चर्चा मिली जब अभिनेता प्रकाश राज ने इसमें शामिल होने की पुष्टि की। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले और अन्य कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर चल रहे इस आंदोलन में अब कई सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग समर्थन दे रहे हैं। संगठन लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की बात कह रहा है। रविवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि वह इस शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करने के लिए बेंगलुरु पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों से भी इसमें शामिल होने की अपील की और कहा कि सरकार की विफलताओं को लेकर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। बताया जा रहा है कि उनके शामिल होने से प्रदर्शन को और अधिक सार्वजनिक ध्यान मिलने की संभावना है।
प्रकाश राज लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते रहे हैं। इससे पहले भी वह केंद्र सरकार की कई नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। हाल ही में दिल्ली में आयोजित CJP के पहले बड़े प्रदर्शन में भी उनके शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन उस समय उन्होंने पूर्व निर्धारित कार्यों का हवाला देते हुए कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने की जानकारी दी थी। अब बेंगलुरु में उनकी मौजूदगी को आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है।
CJP पिछले कुछ दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां सामने आई हैं और छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलनकारी शिक्षा मंत्रालय से जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना है कि केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून को हुए बड़े प्रदर्शन के बाद यह अभियान कई राज्यों तक पहुंच चुका है। 11 जून को पुणे, 12 जून को लखनऊ और 13 जून को अमृतसर में भी प्रदर्शन आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
इसी क्रम में रविवार को हैदराबाद में भी एक प्रदर्शन प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक वहां मौजूद लोगों को संबोधित कर सकते हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा या एक घटना का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और भरोसे से जुड़ा विषय है। इसलिए इसे व्यापक स्तर पर उठाया जा रहा है।
अमृतसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान आंदोलन से जुड़े नेताओं ने आगे की रणनीति का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 20 जून को बड़ी संख्या में समर्थक दिल्ली पहुंचेंगे और मांगें पूरी होने तक वहां डटे रहने की तैयारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। वहीं सरकार की ओर से इस मुद्दे पर पहले भी विभिन्न स्तरों पर जांच और कार्रवाई की बात कही जा चुकी है।
