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रणवीर सिंह बैन विवाद पर इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंटी, FWICE ने दी सफाई
बालीवुड डेस्क
डॉन 3 विवाद के बाद FWICE के फैसले पर चंकी पांडे, मनोज बाजपेयी और फिल्ममेकरों ने रखी राय
फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब इंडस्ट्री में एक बड़े टकराव का रूप ले चुका है। फरहान अख्तर द्वारा इस प्रोजेक्ट से पीछे हटने के बाद अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स फेडरेशन FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) के बीच तनाव बढ़ गया है। फेडरेशन ने हाल ही में रणवीर सिंह के साथ अपने सदस्यों द्वारा काम न करने का निर्णय लिया, जिसे कई लोगों ने “अनौपचारिक बैन” बताया है। हालांकि बाद में FWICE ने इसे “बैन नहीं, नॉन-कोऑपरेशन” करार दिया।
इस पूरे मामले के बीच अब इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे रणवीर सिंह के समर्थन में सामने आए हैं। एक तरफ जहां चंकी पांडे ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह भी एक समय ऐसे ही बैन का सामना कर चुके हैं, वहीं मनोज बाजपेयी और कई अन्य कलाकारों ने इस विवाद को जल्द सुलझाने की उम्मीद जताई है।
चंकी पांडे ने एक इंटरव्यू में बताया कि 1987 की हड़ताल के दौरान उनकी पहली फिल्म ‘आग ही आग’ की शूटिंग को लेकर विवाद हुआ था। उस समय फेडरेशन ने पूरी यूनिट को बैन कर दिया था। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री छोटी है और यहां ऐसे विवादों का असर हर किसी पर पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि माफी मांगने के बाद उनका बैन हटा दिया गया था। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में बातचीत और समाधान सबसे बेहतर रास्ता होता है।
दूसरी ओर, अभिनेता मनोज बाजपेयी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जगह इस तरह की चर्चा के लिए सही मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के लोग सोशल मीडिया से ही इस मामले के बारे में जान रहे हैं और किसी को भी पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मुद्दा जल्द ही आपसी बातचीत से सुलझ जाएगा, ताकि किसी भी तरह का तनाव लंबे समय तक न बना रहे।
फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी FWICE के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक अभिनेता पर रोक लगाने से सबसे ज्यादा नुकसान उन सैकड़ों मजदूरों और तकनीशियनों को होता है जो सेट पर काम करते हैं। उनके मुताबिक, एक बड़े स्टार के साथ शूटिंग बंद होने का मतलब पूरी टीम की आजीविका पर असर पड़ना है।
इसी बीच FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि इसे “बैन” कहना गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फेडरेशन कोई अदालत नहीं है और यह केवल अपने 30 क्राफ्ट्स के सदस्यों के बीच सहयोग न करने का निर्णय है। उनके अनुसार, यह एक ट्रेड यूनियन जैसा निर्णय है, न कि कानूनी प्रतिबंध।
रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच विवाद की शुरुआत फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर हुई बताई जा रही है। 2023 में फरहान अख्तर ने इस फिल्म की घोषणा रणवीर सिंह के साथ की थी। यह फ्रेंचाइजी पहले शाहरुख खान के साथ ‘डॉन’ और ‘डॉन 2’ के रूप में सफल रह चुकी है। लेकिन ‘डॉन 3’ की प्रोडक्शन प्रक्रिया कई कारणों से लगातार देरी में रही।
शूटिंग शेड्यूल में बदलाव, स्क्रिप्ट को लेकर मतभेद और अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्तता के चलते फिल्म आगे नहीं बढ़ सकी। इसी बीच रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने की खबरें सामने आईं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वह स्क्रिप्ट में बदलाव चाहते थे, जबकि प्रोडक्शन टीम इसके लिए तैयार नहीं थी।
इसके बाद मामला प्रोड्यूसर्स गिल्ड तक पहुंचा और यहां से विवाद और गहरा गया। फरहान अख्तर ने कथित तौर पर नुकसान की भरपाई के लिए 45 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी की। वहीं रणवीर सिंह की टीम का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले पर चुप्पी साधी है ताकि विवाद और न बढ़े।
FWICE ने इस मामले में तीन बार नोटिस भेजने के बाद 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा की कि उनके सदस्य रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे। हालांकि बाद में संगठन के नेताओं ने कहा कि यह निर्णय केवल उनके सदस्यों के लिए है, किसी पर कानूनी रोक नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ कलाकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री के हजारों वर्कर्स पर भी पड़ता है। FWICE के अनुसार, यह संस्था लगभग 4-5 लाख फिल्म वर्कर्स का प्रतिनिधित्व करती है और यदि कोई बड़ा निर्णय लिया जाता है तो उसका असर पूरे प्रोडक्शन सिस्टम पर पड़ सकता है। रणवीर सिंह की ओर से इस विवाद पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनकी टीम ने केवल इतना कहा है कि वह सभी सहयोगियों का सम्मान करते हैं और इस मामले को शांति और गरिमा के साथ संभालना चाहते हैं।
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रणवीर सिंह बैन विवाद पर इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंटी, FWICE ने दी सफाई
बालीवुड डेस्क
फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब इंडस्ट्री में एक बड़े टकराव का रूप ले चुका है। फरहान अख्तर द्वारा इस प्रोजेक्ट से पीछे हटने के बाद अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स फेडरेशन FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) के बीच तनाव बढ़ गया है। फेडरेशन ने हाल ही में रणवीर सिंह के साथ अपने सदस्यों द्वारा काम न करने का निर्णय लिया, जिसे कई लोगों ने “अनौपचारिक बैन” बताया है। हालांकि बाद में FWICE ने इसे “बैन नहीं, नॉन-कोऑपरेशन” करार दिया।
इस पूरे मामले के बीच अब इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे रणवीर सिंह के समर्थन में सामने आए हैं। एक तरफ जहां चंकी पांडे ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह भी एक समय ऐसे ही बैन का सामना कर चुके हैं, वहीं मनोज बाजपेयी और कई अन्य कलाकारों ने इस विवाद को जल्द सुलझाने की उम्मीद जताई है।
चंकी पांडे ने एक इंटरव्यू में बताया कि 1987 की हड़ताल के दौरान उनकी पहली फिल्म ‘आग ही आग’ की शूटिंग को लेकर विवाद हुआ था। उस समय फेडरेशन ने पूरी यूनिट को बैन कर दिया था। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री छोटी है और यहां ऐसे विवादों का असर हर किसी पर पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि माफी मांगने के बाद उनका बैन हटा दिया गया था। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में बातचीत और समाधान सबसे बेहतर रास्ता होता है।
दूसरी ओर, अभिनेता मनोज बाजपेयी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जगह इस तरह की चर्चा के लिए सही मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के लोग सोशल मीडिया से ही इस मामले के बारे में जान रहे हैं और किसी को भी पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मुद्दा जल्द ही आपसी बातचीत से सुलझ जाएगा, ताकि किसी भी तरह का तनाव लंबे समय तक न बना रहे।
फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी FWICE के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक अभिनेता पर रोक लगाने से सबसे ज्यादा नुकसान उन सैकड़ों मजदूरों और तकनीशियनों को होता है जो सेट पर काम करते हैं। उनके मुताबिक, एक बड़े स्टार के साथ शूटिंग बंद होने का मतलब पूरी टीम की आजीविका पर असर पड़ना है।
इसी बीच FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि इसे “बैन” कहना गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फेडरेशन कोई अदालत नहीं है और यह केवल अपने 30 क्राफ्ट्स के सदस्यों के बीच सहयोग न करने का निर्णय है। उनके अनुसार, यह एक ट्रेड यूनियन जैसा निर्णय है, न कि कानूनी प्रतिबंध।
रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच विवाद की शुरुआत फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर हुई बताई जा रही है। 2023 में फरहान अख्तर ने इस फिल्म की घोषणा रणवीर सिंह के साथ की थी। यह फ्रेंचाइजी पहले शाहरुख खान के साथ ‘डॉन’ और ‘डॉन 2’ के रूप में सफल रह चुकी है। लेकिन ‘डॉन 3’ की प्रोडक्शन प्रक्रिया कई कारणों से लगातार देरी में रही।
शूटिंग शेड्यूल में बदलाव, स्क्रिप्ट को लेकर मतभेद और अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्तता के चलते फिल्म आगे नहीं बढ़ सकी। इसी बीच रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने की खबरें सामने आईं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वह स्क्रिप्ट में बदलाव चाहते थे, जबकि प्रोडक्शन टीम इसके लिए तैयार नहीं थी।
इसके बाद मामला प्रोड्यूसर्स गिल्ड तक पहुंचा और यहां से विवाद और गहरा गया। फरहान अख्तर ने कथित तौर पर नुकसान की भरपाई के लिए 45 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी की। वहीं रणवीर सिंह की टीम का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले पर चुप्पी साधी है ताकि विवाद और न बढ़े।
FWICE ने इस मामले में तीन बार नोटिस भेजने के बाद 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा की कि उनके सदस्य रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे। हालांकि बाद में संगठन के नेताओं ने कहा कि यह निर्णय केवल उनके सदस्यों के लिए है, किसी पर कानूनी रोक नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ कलाकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री के हजारों वर्कर्स पर भी पड़ता है। FWICE के अनुसार, यह संस्था लगभग 4-5 लाख फिल्म वर्कर्स का प्रतिनिधित्व करती है और यदि कोई बड़ा निर्णय लिया जाता है तो उसका असर पूरे प्रोडक्शन सिस्टम पर पड़ सकता है। रणवीर सिंह की ओर से इस विवाद पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनकी टीम ने केवल इतना कहा है कि वह सभी सहयोगियों का सम्मान करते हैं और इस मामले को शांति और गरिमा के साथ संभालना चाहते हैं।
