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नॉर्वे चेस में वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को वेस्ली ने हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
प्रज्ञानानंदा भी हारकर पिछड़े, दिव्या देशमुख ने हम्पी को हराकर शानदार जीत दर्ज की
नॉर्वे चेस 2026 टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में भारतीय खिलाड़ियों के लिए दिन मिला-जुला रहा, जहां वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंदा को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज कर देश को गर्व महसूस कराया। यह राउंड बेहद रोमांचक रहा, जिसमें कई मुकाबले आखिरी चरण तक गए और परिणाम आर्मगेडन तक तय हुए। टूर्नामेंट में अब प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी होती जा रही है, जहां हर अंक खिलाड़ियों की रैंकिंग और स्थिति पर बड़ा असर डाल रहा है।
वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश का मुकाबला अमेरिका के अनुभवी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो से हुआ। यह मैच काफी लंबा और रणनीतिक रहा, जिसमें गुकेश ने शुरुआत से ही मजबूत पकड़ बनाई और मध्य गेम तक वेस्ली सो पर दबाव बनाए रखा। क्लासिकल गेम 116 चालों तक चला और अंत में ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन इसके बाद हुए आर्मगेडन टाईब्रेकर में वेस्ली सो ने बाजी मार ली। इस हार के बाद गुकेश को बड़ा झटका लगा, हालांकि उनका प्रदर्शन फिर भी काफी प्रतिस्पर्धी रहा। मैच के बाद वेस्ली सो ने टिप्पणी की कि गुकेश का खेल उनकी रैंकिंग के स्तर जैसा प्रभावी नहीं दिखा, जिसने इस मुकाबले को और चर्चा में ला दिया।
इसी राउंड में भारत के एक और युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। प्रज्ञानानंदा ने शुरुआती चरण में शानदार स्थिति बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि वे आसानी से मैच जीत सकते हैं, लेकिन मध्य चरण में कुछ रणनीतिक गलतियों के कारण उनका नियंत्रण कमजोर पड़ गया। इसका फायदा उठाते हुए फिरोजा ने जोरदार वापसी की और मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ अलीरेजा फिरोजा लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए 6 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं, जिससे वह इस टूर्नामेंट के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक बन गए हैं।
डिफेंडिंग चैंपियन मैग्नस कार्लसन ने भी अपने अनुभव का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी के विंसेंट कीमर के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना किया। क्लासिकल मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन आर्मगेडन में कार्लसन ने दबाव में बेहतर खेल दिखाते हुए जीत हासिल की। हालांकि, कीमर ने पूरे मैच में शानदार प्रदर्शन किया और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को कड़ी टक्कर देकर सभी का ध्यान खींचा। इस मुकाबले ने यह साबित किया कि नॉर्वे चेस में कोई भी खिलाड़ी आसानी से जीत हासिल नहीं कर सकता।
महिला वर्ग में भारत के लिए सबसे बड़ी खुशी दिव्या देशमुख की जीत रही, जिन्होंने अनुभवी ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को आर्मगेडन में हराकर शानदार प्रदर्शन किया। यह जीत दिव्या के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने एक दिग्गज खिलाड़ी के खिलाफ दबाव में बेहतरीन खेल दिखाया। इस जीत के साथ दिव्या संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं और उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। मैच के बाद उन्होंने कहा कि नॉर्वे चेस का आर्मगेडन प्रारूप और “कन्फेशन रूम” अनुभव उन्हें बहुत पसंद आ रहा है, जहां खिलाड़ी अपने विचार दर्शकों के साथ साझा करते हैं।
राउंड-2 के बाद अंक तालिका में अलीरेजा फिरोजा 6 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंकों के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। महिला वर्ग में बिबिसारा असाउबायेवा 4.5 अंकों के साथ आगे चल रही हैं। टूर्नामेंट अब धीरे-धीरे निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है, जहां हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह राउंड सीख और चुनौतियों से भरा रहा। जहां गुकेश और प्रज्ञानानंदा को हार का सामना करना पड़ा, वहीं दिव्या देशमुख की जीत ने भारत के लिए सकारात्मक संकेत दिए। आने वाले राउंड में सभी खिलाड़ियों पर दबाव और बढ़ेगा और दर्शकों को और भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
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नॉर्वे चेस में वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को वेस्ली ने हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
नॉर्वे चेस 2026 टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में भारतीय खिलाड़ियों के लिए दिन मिला-जुला रहा, जहां वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंदा को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज कर देश को गर्व महसूस कराया। यह राउंड बेहद रोमांचक रहा, जिसमें कई मुकाबले आखिरी चरण तक गए और परिणाम आर्मगेडन तक तय हुए। टूर्नामेंट में अब प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी होती जा रही है, जहां हर अंक खिलाड़ियों की रैंकिंग और स्थिति पर बड़ा असर डाल रहा है।
वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश का मुकाबला अमेरिका के अनुभवी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो से हुआ। यह मैच काफी लंबा और रणनीतिक रहा, जिसमें गुकेश ने शुरुआत से ही मजबूत पकड़ बनाई और मध्य गेम तक वेस्ली सो पर दबाव बनाए रखा। क्लासिकल गेम 116 चालों तक चला और अंत में ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन इसके बाद हुए आर्मगेडन टाईब्रेकर में वेस्ली सो ने बाजी मार ली। इस हार के बाद गुकेश को बड़ा झटका लगा, हालांकि उनका प्रदर्शन फिर भी काफी प्रतिस्पर्धी रहा। मैच के बाद वेस्ली सो ने टिप्पणी की कि गुकेश का खेल उनकी रैंकिंग के स्तर जैसा प्रभावी नहीं दिखा, जिसने इस मुकाबले को और चर्चा में ला दिया।
इसी राउंड में भारत के एक और युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। प्रज्ञानानंदा ने शुरुआती चरण में शानदार स्थिति बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि वे आसानी से मैच जीत सकते हैं, लेकिन मध्य चरण में कुछ रणनीतिक गलतियों के कारण उनका नियंत्रण कमजोर पड़ गया। इसका फायदा उठाते हुए फिरोजा ने जोरदार वापसी की और मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ अलीरेजा फिरोजा लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए 6 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं, जिससे वह इस टूर्नामेंट के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक बन गए हैं।
डिफेंडिंग चैंपियन मैग्नस कार्लसन ने भी अपने अनुभव का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी के विंसेंट कीमर के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना किया। क्लासिकल मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन आर्मगेडन में कार्लसन ने दबाव में बेहतर खेल दिखाते हुए जीत हासिल की। हालांकि, कीमर ने पूरे मैच में शानदार प्रदर्शन किया और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को कड़ी टक्कर देकर सभी का ध्यान खींचा। इस मुकाबले ने यह साबित किया कि नॉर्वे चेस में कोई भी खिलाड़ी आसानी से जीत हासिल नहीं कर सकता।
महिला वर्ग में भारत के लिए सबसे बड़ी खुशी दिव्या देशमुख की जीत रही, जिन्होंने अनुभवी ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को आर्मगेडन में हराकर शानदार प्रदर्शन किया। यह जीत दिव्या के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने एक दिग्गज खिलाड़ी के खिलाफ दबाव में बेहतरीन खेल दिखाया। इस जीत के साथ दिव्या संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं और उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। मैच के बाद उन्होंने कहा कि नॉर्वे चेस का आर्मगेडन प्रारूप और “कन्फेशन रूम” अनुभव उन्हें बहुत पसंद आ रहा है, जहां खिलाड़ी अपने विचार दर्शकों के साथ साझा करते हैं।
राउंड-2 के बाद अंक तालिका में अलीरेजा फिरोजा 6 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंकों के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। महिला वर्ग में बिबिसारा असाउबायेवा 4.5 अंकों के साथ आगे चल रही हैं। टूर्नामेंट अब धीरे-धीरे निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है, जहां हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह राउंड सीख और चुनौतियों से भरा रहा। जहां गुकेश और प्रज्ञानानंदा को हार का सामना करना पड़ा, वहीं दिव्या देशमुख की जीत ने भारत के लिए सकारात्मक संकेत दिए। आने वाले राउंड में सभी खिलाड़ियों पर दबाव और बढ़ेगा और दर्शकों को और भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
