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संसद में गूंजा ‘सरके चुनर’ विवाद: सरकार ने सख्ती के संकेत दिए, डायरेक्टर ने दी सफाई
बॉलीवुड न्यूज
अश्लीलता के आरोपों पर राजनीतिक बहस तेज, सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर उठे सवाल
फिल्म KD: The Devil के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर विवाद अब संसद तक पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदोरिया ने लोकसभा में इस गाने के कथित अश्लील बोल और प्रस्तुति का मुद्दा उठाया, जिस पर केंद्र सरकार नेसख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने सदन में स्पष्ट किया कि विवादित गाने पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है और इसे बैन किया गया है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान के दायरे में है और समाज के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
सरकार का रुख
मंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहे कंटेंट को देखते हुए सरकार बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे मामलों में और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर इस गाने को लेकर व्यापक बहस चल रही है और कई संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
फिल्म पक्ष की सफाई
फिल्म के डायरेक्टर Prem Jogi ने विवाद को लेकर अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि गाने को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और इसे पूरे संदर्भ में समझने की जरूरत है।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि गाना प्रतीकात्मक रूप से बनाया गया है और इसका गलत अर्थ निकालना दर्शकों के नजरिए पर निर्भर करता है। उन्होंने सेंसर बोर्ड पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे उसके फैसले का सम्मान करेंगे।
परिवार और इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया
डायरेक्टर की पत्नी Rakshita ने भी सोशल मीडिया पर गाने के समर्थन में पोस्ट किए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले भी कई फिल्मों और गानों में इसी तरह के बोल और दृश्य रहे हैं, लेकिन इस बार ही इतना बड़ा विवाद क्यों हो रहा है।उन्होंने पुराने लोकप्रिय गानों और फिल्मों का हवाला देते हुए इसे चयनात्मक विरोध बताया।
क्या है पूरा मामला
यह गाना 14 मार्च को रिलीज हुआ था और इसमें Nora Fatehi और Sanjay Dutt नजर आए। रिलीज के तुरंत बाद गाने के बोल, डांस स्टेप्स और पिक्चराइजेशन को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई।
कई यूजर्स ने इसे डबल मीनिंग और आपत्तिजनक बताते हुए शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता गया और अब संसद तक पहुंच गया।
यह विवाद केवल एक गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सेंसरशिप के बीच संतुलन पर बड़ी बहस का हिस्सा बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में कंटेंट पर नियंत्रण और जिम्मेदारी दोनों ही जरूरी हैं। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री इसे रचनात्मक स्वतंत्रता के नजरिए से देख रही है।
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