- Hindi News
- बालीवुड
- जैकी चैन की ज़िंदगी का आख़िरी नोट: मौत के बाद रिलीज़ होगा उनका खास गीत
जैकी चैन की ज़िंदगी का आख़िरी नोट: मौत के बाद रिलीज़ होगा उनका खास गीत
बालीवुड न्यूज़
20 घंटे की ट्रेनिंग, दर्जनों जानलेवा स्टंट, हॉलीवुड की बेरुखी और फिर वैश्विक स्टारडम—जैकी चैन की संघर्षगाथा
एक्शन फिल्मों की दुनिया को नई पहचान देने वाले जैकी चैन ने 71 साल की उम्र में अपने फैंस को भावुक कर दिया है। उन्होंने हाल ही में एक गीत रिकॉर्ड किया है, जिसे वह अपनी मृत्यु के बाद रिलीज़ करवाना चाहते हैं। मंच पर यह बात साझा करते वक्त उनकी आवाज़ में ठहराव और आंखों में अनुभव साफ झलक रहा था—मानो वह अपनी ज़िंदगी का आख़िरी संदेश खुद लिख रहे हों।
1954 में हांगकांग में जन्मे जैकी चैन का बचपन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। महज़ सात साल की उम्र में उन्हें चीनी ओपेरा ट्रेनिंग स्कूल भेज दिया गया, जहां दिन के करीब 20 घंटे शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण दिया जाता था। सख्त अनुशासन, कड़ी सज़ाएं और लगातार अभ्यास उनके बचपन का हिस्सा बन गए। बाद में उन्होंने लिखा कि वहां भावनाओं के लिए भी इजाज़त चाहिए होती थी।
यही कठोर ट्रेनिंग आगे चलकर उनके सबसे बड़े हथियार में बदली। 70 और 80 के दशक में जैकी ने लगभग हर खतरनाक स्टंट खुद किया। इस दौरान उन्हें 30 से ज्यादा गंभीर चोटें लगीं। 1986 में फिल्म ‘आर्मर ऑफ गॉड’ की शूटिंग के दौरान सिर में लगी गंभीर चोट ने उनकी जान तक खतरे में डाल दी थी। उस हादसे के बाद उन्होंने महसूस किया कि जिंदगी उन्हें दूसरा मौका दे रही है।
इसके बावजूद सफलता तुरंत नहीं मिली। करीब एक दशक तक हॉलीवुड ने उन्हें नज़रअंदाज़ किया। वजहें साफ थीं—एशियाई चेहरा, अलग अंदाज़ और भाषा। लेकिन जैकी चैन ने हार नहीं मानी। 1998 में आई ‘रश ऑवर’ ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्टार बना दिया और दुनिया भर में उनकी पहचान कायम हो गई।
जैकी की ज़िंदगी के कुछ सबसे चौंकाने वाले सच बाद में सामने आए। साल 2003 में उनके पिता ने बताया कि वे गुप्त एजेंसी से जुड़े रह चुके थे, जबकि उनकी मां का अतीत भी विवादों से भरा था। जैकी ने अपनी आत्मकथा में लिखा कि उनकी ज़िंदगी के सबसे बड़े राज उनके सबसे करीबी लोगों से जुड़े थे।
पर्सनल लाइफ को लेकर भी जैकी खुद को परफेक्ट नहीं मानते। उन्होंने स्वीकार किया कि वे अपने बेटे के लिए आदर्श पिता नहीं बन पाए। आज जब उनका ‘अंतिम गीत’ चर्चा में है, तो जैकी चैन का संदेश साफ है—ज़िंदगी में आख़िरी होने से मत डरो, अधूरा रह जाने से डरो।
-----
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
