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वर्किंग ऑवर्स विवाद फिर चर्चा में: दीपिका की 8 घंटे शिफ्ट मांग और रणवीर सिंह के पुराने बयान से इंडस्ट्री में नई बहस
बॉलीवुड न्यूज
दीपिका पादुकोण की सीमित वर्किंग आवर्स की मांग से छिड़ी बहस, रणवीर सिंह का पुराना बयान फिर वायरल होने से इंडस्ट्री में काम करने के तरीकों पर फिर से उठे सवाल
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटे को लेकर बहस एक बार फिर चर्चा में है। यह मुद्दा तब और गर्म हो गया जब दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट की मांग सामने आई और इसके साथ ही उनके पति रणवीर सिंह का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल होने लगा। दोनों कलाकारों के काम करने के अलग-अलग नजरिए ने इंडस्ट्री में बहस को नया मोड़ दे दिया है।
दीपिका पादुकोण ने हाल ही में वर्किंग ऑवर्स को लेकर अपनी राय रखते हुए कहा था कि शूटिंग के लंबे और अनिश्चित घंटे कलाकारों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। उनका कहना था कि इंडस्ट्री में 8 घंटे से ज्यादा काम करना सामान्य मान लिया गया है, जबकि यह संतुलित कार्य संस्कृति के खिलाफ है। यह बयान सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में वर्क-लाइफ बैलेंस पर चर्चा तेज हो गई।
दूसरी ओर, रणवीर सिंह का एक पुराना इंटरव्यू क्लिप फिर से सामने आया है, जिसमें उन्होंने शूटिंग के घंटों को लेकर अलग दृष्टिकोण रखा था। उन्होंने कहा था कि अगर किसी सीन को बेहतर बनाने के लिए तय समय से थोड़ा अधिक काम करना पड़े, तो इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, कई बार फिल्म की गुणवत्ता के लिए अतिरिक्त शूटिंग जरूरी हो जाती है।
रणवीर सिंह ने यह भी कहा था कि वह काम को केवल एक तय समय सीमा या लेन-देन की तरह नहीं देखते। उनके मुताबिक, यदि किसी दृश्य के लिए 8 घंटे पर्याप्त नहीं हैं, तो टीम को थोड़ी और मेहनत करनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि उनकी इस कार्यशैली का असर कभी-कभी सह-कलाकारों और यूनिट पर पड़ता है।
इस मुद्दे पर फिल्म इंडस्ट्री में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ कलाकारों और तकनीकी सदस्यों का मानना है कि तय शिफ्ट समय जरूरी है ताकि कलाकारों और क्रू की सेहत पर असर न पड़े। वहीं कुछ लोग इसे क्रिएटिव इंडस्ट्री की जरूरत बताते हैं, जहां काम की प्रकृति समय से ज्यादा परिणाम पर निर्भर करती है।
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बॉलीवुड न्यूज
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटे को लेकर बहस एक बार फिर चर्चा में है। यह मुद्दा तब और गर्म हो गया जब दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट की मांग सामने आई और इसके साथ ही उनके पति रणवीर सिंह का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल होने लगा। दोनों कलाकारों के काम करने के अलग-अलग नजरिए ने इंडस्ट्री में बहस को नया मोड़ दे दिया है।
दीपिका पादुकोण ने हाल ही में वर्किंग ऑवर्स को लेकर अपनी राय रखते हुए कहा था कि शूटिंग के लंबे और अनिश्चित घंटे कलाकारों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। उनका कहना था कि इंडस्ट्री में 8 घंटे से ज्यादा काम करना सामान्य मान लिया गया है, जबकि यह संतुलित कार्य संस्कृति के खिलाफ है। यह बयान सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में वर्क-लाइफ बैलेंस पर चर्चा तेज हो गई।
दूसरी ओर, रणवीर सिंह का एक पुराना इंटरव्यू क्लिप फिर से सामने आया है, जिसमें उन्होंने शूटिंग के घंटों को लेकर अलग दृष्टिकोण रखा था। उन्होंने कहा था कि अगर किसी सीन को बेहतर बनाने के लिए तय समय से थोड़ा अधिक काम करना पड़े, तो इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, कई बार फिल्म की गुणवत्ता के लिए अतिरिक्त शूटिंग जरूरी हो जाती है।
रणवीर सिंह ने यह भी कहा था कि वह काम को केवल एक तय समय सीमा या लेन-देन की तरह नहीं देखते। उनके मुताबिक, यदि किसी दृश्य के लिए 8 घंटे पर्याप्त नहीं हैं, तो टीम को थोड़ी और मेहनत करनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि उनकी इस कार्यशैली का असर कभी-कभी सह-कलाकारों और यूनिट पर पड़ता है।
इस मुद्दे पर फिल्म इंडस्ट्री में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ कलाकारों और तकनीकी सदस्यों का मानना है कि तय शिफ्ट समय जरूरी है ताकि कलाकारों और क्रू की सेहत पर असर न पड़े। वहीं कुछ लोग इसे क्रिएटिव इंडस्ट्री की जरूरत बताते हैं, जहां काम की प्रकृति समय से ज्यादा परिणाम पर निर्भर करती है।
