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कैपिटल इंडिया फाइनांस का एयूएम वित्त वर्ष 2026 में 22 प्रतिशत बढ़कर 1,227 करोड़ रुपए पहुंचा; पीएटी में 243 प्रतिशत वृद्धि
Digital Desk
सीआईएफएल का एयूएम वित्त वर्ष 26 में 22 प्रतिशत बढ़ा, पीएटी में 243 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
कैपिटल इंडिया फाइनांस लिमिटेड (सीआईएफएल) ने वित्त वर्ष 26 के दौरान अपना एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 22 प्रतिशत बढ़ाकर 1,227.37 करोड़ रुपए कर लिया, जबकि डिस्बर्समेंट 62 प्रतिशत बढ़कर 753.54 करोड़ रुपए पहुंच गया। कंपनी ने सुरक्षित एमएसएमई लेंडिंग कारोबार, वितरण नेटवर्क विस्तार, टेक्नोलॉजी आधारित निष्पादन और बैलेंस शीट को मजबूत करने की रणनीति के जरिए यह वृद्धि हासिल की। वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पीएटी) वित्त वर्ष 26 में 243 प्रतिशत बढ़कर 40.36 करोड़ रुपए रहा।
कंपनी ने अपने विस्तार अभियान के तहत शाखा और वितरण नेटवर्क को वित्त वर्ष 25 के 29 केंद्रों से बढ़ाकर वित्त वर्ष 26 में 46 शाखाओं तक पहुंचाया। वहीं कुल रेवेन्यू 11 प्रतिशत बढ़कर 229.67 करोड़ रुपए पहुंच गया।
कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) पिनांक शाह ने कहा, 46 स्थानों तक नेटवर्क विस्तार और सुरक्षित एवं ग्रेन्युलर लेंडिंग पर लगातार फोकस की बदौलत हम एक मजबूत और अनुशासित लेंडिंग फ्रेंचाइजी तैयार कर रहे हैं। हमारे प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में बेहतर ग्रोथ ट्रैक्शन देखने को मिल रहा है। मजबूत जोखिम प्रबंधन, टेक्नोलॉजी आधारित निष्पादन और बेहतर देनदारी प्रोफाइल के साथ हम अगले चरण की स्थायी वृद्धि के लिए बेहतर स्थिति में हैं।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन सुरेंद्र राणा ने कहा, वित्त वर्ष 26, सीआईएफएल के लिए रणनीतिक पुनर्संतुलन का वर्ष रहा। इस दौरान हमने सुरक्षित एमएसएमई और रिटेल लेंडिंग कारोबार पर अपना फोकस और मजबूत किया। सीआईएचएल के विनिवेश के जरिए बैलेंस शीट को मजबूत करने के साथ-साथ कंपनी ने वितरण नेटवर्क, नेतृत्व टीम और कर्मचारी आधार का भी विस्तार किया।
वित्त वर्ष 26 के दौरान कंपनी का कैपिटल एडीक्वेसी रेशियो (सीएआर) 40.99 प्रतिशत और नेट एनपीए 1.32 प्रतिशत रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 26 में सूचीबद्ध एनसीडी जारी करने समेत कुल 600 करोड़ रुपए का कर्ज जुटाया, जिसमें पुराने और नए दोनों तरह के निवेशकों की भागीदारी रही। रणनीतिक पुनर्संरचना के तहत कंपनी ने कैपिटल इंडिया होम लोन्स लिमिटेड (सीआईएचएल) में अपनी पूरी हिस्सेदारी 267 करोड़ रुपए में बेच दी।
कंपनी की फिनटेक सहयोगी रैपिपे फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड ने भी वित्त वर्ष 26 में परिचालन स्तर पर सुधार दर्ज किया। कंपनी वित्त 26 में एबिटडा स्तर पर लाभ में आ गई और पिछले वित्त वर्ष की तुलना में घाटा कम करने में सफल रही।
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कैपिटल इंडिया फाइनांस का एयूएम वित्त वर्ष 2026 में 22 प्रतिशत बढ़कर 1,227 करोड़ रुपए पहुंचा; पीएटी में 243 प्रतिशत वृद्धि
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कैपिटल इंडिया फाइनांस लिमिटेड (सीआईएफएल) ने वित्त वर्ष 26 के दौरान अपना एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 22 प्रतिशत बढ़ाकर 1,227.37 करोड़ रुपए कर लिया, जबकि डिस्बर्समेंट 62 प्रतिशत बढ़कर 753.54 करोड़ रुपए पहुंच गया। कंपनी ने सुरक्षित एमएसएमई लेंडिंग कारोबार, वितरण नेटवर्क विस्तार, टेक्नोलॉजी आधारित निष्पादन और बैलेंस शीट को मजबूत करने की रणनीति के जरिए यह वृद्धि हासिल की। वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पीएटी) वित्त वर्ष 26 में 243 प्रतिशत बढ़कर 40.36 करोड़ रुपए रहा।
कंपनी ने अपने विस्तार अभियान के तहत शाखा और वितरण नेटवर्क को वित्त वर्ष 25 के 29 केंद्रों से बढ़ाकर वित्त वर्ष 26 में 46 शाखाओं तक पहुंचाया। वहीं कुल रेवेन्यू 11 प्रतिशत बढ़कर 229.67 करोड़ रुपए पहुंच गया।
कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) पिनांक शाह ने कहा, 46 स्थानों तक नेटवर्क विस्तार और सुरक्षित एवं ग्रेन्युलर लेंडिंग पर लगातार फोकस की बदौलत हम एक मजबूत और अनुशासित लेंडिंग फ्रेंचाइजी तैयार कर रहे हैं। हमारे प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में बेहतर ग्रोथ ट्रैक्शन देखने को मिल रहा है। मजबूत जोखिम प्रबंधन, टेक्नोलॉजी आधारित निष्पादन और बेहतर देनदारी प्रोफाइल के साथ हम अगले चरण की स्थायी वृद्धि के लिए बेहतर स्थिति में हैं।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन सुरेंद्र राणा ने कहा, वित्त वर्ष 26, सीआईएफएल के लिए रणनीतिक पुनर्संतुलन का वर्ष रहा। इस दौरान हमने सुरक्षित एमएसएमई और रिटेल लेंडिंग कारोबार पर अपना फोकस और मजबूत किया। सीआईएचएल के विनिवेश के जरिए बैलेंस शीट को मजबूत करने के साथ-साथ कंपनी ने वितरण नेटवर्क, नेतृत्व टीम और कर्मचारी आधार का भी विस्तार किया।
वित्त वर्ष 26 के दौरान कंपनी का कैपिटल एडीक्वेसी रेशियो (सीएआर) 40.99 प्रतिशत और नेट एनपीए 1.32 प्रतिशत रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 26 में सूचीबद्ध एनसीडी जारी करने समेत कुल 600 करोड़ रुपए का कर्ज जुटाया, जिसमें पुराने और नए दोनों तरह के निवेशकों की भागीदारी रही। रणनीतिक पुनर्संरचना के तहत कंपनी ने कैपिटल इंडिया होम लोन्स लिमिटेड (सीआईएचएल) में अपनी पूरी हिस्सेदारी 267 करोड़ रुपए में बेच दी।
कंपनी की फिनटेक सहयोगी रैपिपे फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड ने भी वित्त वर्ष 26 में परिचालन स्तर पर सुधार दर्ज किया। कंपनी वित्त 26 में एबिटडा स्तर पर लाभ में आ गई और पिछले वित्त वर्ष की तुलना में घाटा कम करने में सफल रही।
