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RBI के नए प्रस्ताव से बढ़ी चिंता, अब लोन नहीं चुकाया तो नहीं कर पाएंगे मोबाइल का इस्तेमाल!
बिजनेस डेस्क
RBI के प्रस्ताव के मुताबिक मोबाइल लोन की EMI नहीं चुकाने पर बैंक फोन की कुछ सुविधाएं बंद कर सकता है। नए नियमों पर चर्चा तेज।
मोबाइल फोन लोन पर खरीदारी करने वाले करोड़ों ग्राहकों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक का नया प्रस्ताव चर्चा का विषय बना हुआ है। RBI ने लोन रिकवरी से जुड़े नियमों में बदलाव का एक ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई ग्राहक लंबे समय तक मोबाइल लोन की ईएमआई नहीं चुकाता है, तो बैंक उसके स्मार्टफोन की कुछ सुविधाओं को सीमित कर सकता है। जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गईं। कुछ इसे सख्त कदम मानते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इससे लोन रिकवरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। हालांकि RBI ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सिर्फ उन डिवाइस पर लागू होगा, जिन्हें सीधे बैंक या फाइनेंस कंपनी के लोन से खरीदा गया हो।
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, यदि कोई ग्राहक 90 दिन तक लगातार EMI नहीं भरता, तो बैंक कार्रवाई कर सकता है। लेकिन इससे पहले ग्राहक को एक नोटिस देना जरूरी होगा। नोटिस मिलने के बाद, बैंक फोन की कुछ सुविधाएं बंद या सीमित कर सकेगा, लेकिन फोन को पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकेगा। RBI ने आश्वासन दिया है कि इंटरनेट एक्सेस, इनकमिंग कॉल, SOS फीचर और सरकारी इमरजेंसी अलर्ट जैसी जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी। इसका मतलब यह है कि ग्राहक पूरी तरह से संपर्क से बाहर नहीं होगा। बताया गया है कि इस सिस्टम को तकनीकी तौर पर लागू करने के लिए बैंकों और मोबाइल कंपनियों के बीच समन्वय की आवश्यकता पड़ेगी। फिलहाल, यह सिर्फ प्रस्ताव के स्तर पर है और इस पर सुझाव मांगे गए हैं।
RBI ने रिकवरी एजेंट्स के व्यवहार को लेकर भी सख्त रुख दिखाई है। नए प्रस्ताव में कहा गया है कि एजेंट ग्राहकों को परेशान नहीं कर सकेंगे और न ही गाली-गलौज कर सकेंगे या सोशल मीडिया पर कोई जानकारी साझा कर सकेंगे। जरूरत से ज्यादा कॉल और मैसेज भेजना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके अलावा, बैंकों को रिकवरी से जुड़ी हर कॉल का रिकॉर्ड रखना होगा। कब कॉल की गई, कितनी बार की गई और बातचीत में क्या कहा गया, इसका पूरा डेटा सुरक्षित रखना जरूरी होगा। एक और अहम बात यह है कि अगर ग्राहक बकाया EMI चुका देता है, तो बैंक को एक घंटे के भीतर फोन की बंद की गई सुविधाएं दोबारा शुरू करनी होंगी। ऐसा नहीं करने पर बैंक को हर घंटे के हिसाब से मुआवजा देना पड़ सकता है। RBI ने इन प्रस्तावों पर 31 मई तक लोगों और संस्थाओं से सुझाव मांगे हैं। माना जा रहा है कि नए नियम अक्टूबर 2026 से लागू किए जा सकते हैं।
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बिजनेस डेस्क
मोबाइल फोन लोन पर खरीदारी करने वाले करोड़ों ग्राहकों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक का नया प्रस्ताव चर्चा का विषय बना हुआ है। RBI ने लोन रिकवरी से जुड़े नियमों में बदलाव का एक ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई ग्राहक लंबे समय तक मोबाइल लोन की ईएमआई नहीं चुकाता है, तो बैंक उसके स्मार्टफोन की कुछ सुविधाओं को सीमित कर सकता है। जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गईं। कुछ इसे सख्त कदम मानते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इससे लोन रिकवरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। हालांकि RBI ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सिर्फ उन डिवाइस पर लागू होगा, जिन्हें सीधे बैंक या फाइनेंस कंपनी के लोन से खरीदा गया हो।
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, यदि कोई ग्राहक 90 दिन तक लगातार EMI नहीं भरता, तो बैंक कार्रवाई कर सकता है। लेकिन इससे पहले ग्राहक को एक नोटिस देना जरूरी होगा। नोटिस मिलने के बाद, बैंक फोन की कुछ सुविधाएं बंद या सीमित कर सकेगा, लेकिन फोन को पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकेगा। RBI ने आश्वासन दिया है कि इंटरनेट एक्सेस, इनकमिंग कॉल, SOS फीचर और सरकारी इमरजेंसी अलर्ट जैसी जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी। इसका मतलब यह है कि ग्राहक पूरी तरह से संपर्क से बाहर नहीं होगा। बताया गया है कि इस सिस्टम को तकनीकी तौर पर लागू करने के लिए बैंकों और मोबाइल कंपनियों के बीच समन्वय की आवश्यकता पड़ेगी। फिलहाल, यह सिर्फ प्रस्ताव के स्तर पर है और इस पर सुझाव मांगे गए हैं।
RBI ने रिकवरी एजेंट्स के व्यवहार को लेकर भी सख्त रुख दिखाई है। नए प्रस्ताव में कहा गया है कि एजेंट ग्राहकों को परेशान नहीं कर सकेंगे और न ही गाली-गलौज कर सकेंगे या सोशल मीडिया पर कोई जानकारी साझा कर सकेंगे। जरूरत से ज्यादा कॉल और मैसेज भेजना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके अलावा, बैंकों को रिकवरी से जुड़ी हर कॉल का रिकॉर्ड रखना होगा। कब कॉल की गई, कितनी बार की गई और बातचीत में क्या कहा गया, इसका पूरा डेटा सुरक्षित रखना जरूरी होगा। एक और अहम बात यह है कि अगर ग्राहक बकाया EMI चुका देता है, तो बैंक को एक घंटे के भीतर फोन की बंद की गई सुविधाएं दोबारा शुरू करनी होंगी। ऐसा नहीं करने पर बैंक को हर घंटे के हिसाब से मुआवजा देना पड़ सकता है। RBI ने इन प्रस्तावों पर 31 मई तक लोगों और संस्थाओं से सुझाव मांगे हैं। माना जा रहा है कि नए नियम अक्टूबर 2026 से लागू किए जा सकते हैं।
