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मटके का पानी रहेगा बर्फ जैसा ठंडा, गर्मी में अपनाएं ये आसान देसी उपाय
लाइफस्टाइल डेस्क
गर्मी में मटके का पानी भी हो रहा गर्म? जानिए ऐसे आसान देसी जुगाड़ जिनसे 24 घंटे तक पानी रहेगा ठंडा और ताजा।
गर्मी के मौसम में ठंडा पानी लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन जाता है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री से भी ऊपर पहुंच रहा है और ऐसे में घर में रखा पानी जल्दी ही गुनगुना हो जाता है। ज्यादातर लोग फ्रिज का पानी पीना पसंद करते हैं, लेकिन लगातार बहुत ठंडा पानी पीना सेहत के लिए उतना अच्छा नहीं माना जाता। इसी वजह से अब मटके का पानी फिर से लोगों की पसंद बन रहा है। हालांकि, जब गर्मी बहुत ज्यादा होती है, तो मटके का पानी भी जल्दी ठंडा नहीं रहता। इस समस्या का हल पाने के लिए गांवों में कुछ पुराने देसी तरीके फिर से चर्चा में आ रहे हैं, जिनसे मटके का पानी लंबे समय तक ठंडा रखा जा सकता है।
बुजुर्गों का कहना है कि पहले बिना फ्रिज के भी लोग मटके का पानी घंटों तक ठंडा रखते थे। इसके लिए सबसे आसान तरीका यह है कि मटके पर मोटा सूती कपड़ा लपेटा जाए। कपड़े को ऊपर से नीचे तक अच्छे से ढंकना ज़रूरी है और फिर उसे पानी से भिगोया जाता है। कहा जाता है कि कपड़े की नमी धीरे-धीरे मटके की सतह को ठंडा रखती है, जिससे भीतर का पानी भी ठंडा रहता है। कई जगह सूती कपड़े की जगह टाट या बोरे का भी इस्तेमाल किया जाता है। गांवों में आज भी यह तरीका खूब अपनाया जाता है। खास बात यह है कि इसके लिए बिजली की जरूरत नहीं होती, और पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, मटके को रखने का स्थान भी पानी की ठंडक पर असर डालता है। अगर मटके को सीधे गर्म फर्श या धूप में रखा जाए, तो पानी जल्दी गर्म हो जाता है। इस स्थिति में लोग रेत या मिट्टी का सहारा लेते हैं। एक बड़े बर्तन में हल्की गीली रेत भरकर, उसके बीच में मटका रखा जाता है। इससे मटके को बाहर से ठंडक मिलती रहती है। यह भी बताया जा रहा है कि मटके की सतह पर मौजूद छोटे-छोटे छिद्र नमी को सोख लेते हैं, जिससे अंदर का पानी लंबे समय तक ठंडा बना रहता है। कुछ लोग बालू की जगह साधारण मिट्टी का भी उपयोग करते हैं।
इधर, कई इलाकों में सेंधा नमक का उपाय भी चर्चा में है। घरेलू जानकारों के अनुसार, नया मटका इस्तेमाल करने से पहले उसमें एक चम्मच सेंधा नमक डालकर कुछ घंटों के लिए पानी भरकर छोड़ दिया जाता है। फिर उस पानी को निकालकर साफ पानी भरा जाता है। ऐसा कहा जा रहा है कि इससे मटके की कूलिंग क्षमता बढ़ जाती है और पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है। हालांकि, विशेषज्ञ बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि मटके का प्राकृतिक ठंडा पानी शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद है, खासकर गर्मी और लू के मौसम में। इसी वजह से अब शहरों में भी लोग पुराने देसी तरीकों की ओर लौटते हुए नजर आ रहे हैं।
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मटके का पानी रहेगा बर्फ जैसा ठंडा, गर्मी में अपनाएं ये आसान देसी उपाय
लाइफस्टाइल डेस्क
गर्मी के मौसम में ठंडा पानी लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन जाता है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री से भी ऊपर पहुंच रहा है और ऐसे में घर में रखा पानी जल्दी ही गुनगुना हो जाता है। ज्यादातर लोग फ्रिज का पानी पीना पसंद करते हैं, लेकिन लगातार बहुत ठंडा पानी पीना सेहत के लिए उतना अच्छा नहीं माना जाता। इसी वजह से अब मटके का पानी फिर से लोगों की पसंद बन रहा है। हालांकि, जब गर्मी बहुत ज्यादा होती है, तो मटके का पानी भी जल्दी ठंडा नहीं रहता। इस समस्या का हल पाने के लिए गांवों में कुछ पुराने देसी तरीके फिर से चर्चा में आ रहे हैं, जिनसे मटके का पानी लंबे समय तक ठंडा रखा जा सकता है।
बुजुर्गों का कहना है कि पहले बिना फ्रिज के भी लोग मटके का पानी घंटों तक ठंडा रखते थे। इसके लिए सबसे आसान तरीका यह है कि मटके पर मोटा सूती कपड़ा लपेटा जाए। कपड़े को ऊपर से नीचे तक अच्छे से ढंकना ज़रूरी है और फिर उसे पानी से भिगोया जाता है। कहा जाता है कि कपड़े की नमी धीरे-धीरे मटके की सतह को ठंडा रखती है, जिससे भीतर का पानी भी ठंडा रहता है। कई जगह सूती कपड़े की जगह टाट या बोरे का भी इस्तेमाल किया जाता है। गांवों में आज भी यह तरीका खूब अपनाया जाता है। खास बात यह है कि इसके लिए बिजली की जरूरत नहीं होती, और पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, मटके को रखने का स्थान भी पानी की ठंडक पर असर डालता है। अगर मटके को सीधे गर्म फर्श या धूप में रखा जाए, तो पानी जल्दी गर्म हो जाता है। इस स्थिति में लोग रेत या मिट्टी का सहारा लेते हैं। एक बड़े बर्तन में हल्की गीली रेत भरकर, उसके बीच में मटका रखा जाता है। इससे मटके को बाहर से ठंडक मिलती रहती है। यह भी बताया जा रहा है कि मटके की सतह पर मौजूद छोटे-छोटे छिद्र नमी को सोख लेते हैं, जिससे अंदर का पानी लंबे समय तक ठंडा बना रहता है। कुछ लोग बालू की जगह साधारण मिट्टी का भी उपयोग करते हैं।
इधर, कई इलाकों में सेंधा नमक का उपाय भी चर्चा में है। घरेलू जानकारों के अनुसार, नया मटका इस्तेमाल करने से पहले उसमें एक चम्मच सेंधा नमक डालकर कुछ घंटों के लिए पानी भरकर छोड़ दिया जाता है। फिर उस पानी को निकालकर साफ पानी भरा जाता है। ऐसा कहा जा रहा है कि इससे मटके की कूलिंग क्षमता बढ़ जाती है और पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है। हालांकि, विशेषज्ञ बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि मटके का प्राकृतिक ठंडा पानी शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद है, खासकर गर्मी और लू के मौसम में। इसी वजह से अब शहरों में भी लोग पुराने देसी तरीकों की ओर लौटते हुए नजर आ रहे हैं।
