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आटा, तेल, आलू, चायपत्ती... सब हुए महंगे, दोगुना तक बढ़ गया भाव! जानें कहां पहुंची कीमत
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महंगाई एक बार फिर से किचन का बजट बिगाड़ रही है। आटा और तेल समेत कई चीजों की कीमत आसमान पर पहुंच गई है। 10 किलो आटे के पैकेट की कीमत 30 रुपये तक बढ़ गई है। तेल की कीमत में भी प्रति लीटर 15 रुपये का उछाल आया है। जानकारों के मुताबिक आटे की कीमत अभी और बढ़ सकती है।
सब्जी की बढ़ती महंगाई के बीच अब आटा, मैदा, ब्रेड, रिफाइंड तेल, चायपत्ती लोगों के किचन का बजट बिगाड़ने लगे हैं। आटे के 10 किलो के पैकेट में 20 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है। ब्रेड के पैकेट पर भी 5 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। कई चीजों की कीमत पिछले साल के मुकाबले दोगुनी तक हो गई है। रिटेल कारोबारी प्रवीण ने बताया कि इन दिनों आटा से लेकर रिफाइन तेल के बढ़े दाम से लोग खरीदारी में कटौती कर रहे हैं।
प्रवीण ने बताया कि आटे के 10 किलो के पैकेट में करीब 20 से 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा चायपत्ती के एक किलो के पैकेट पर 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। दो महीने के अंदर रिफाइन तेल के दाम में भी प्रति लीटर 15 रुपये की उछाल आई है। इसके अलावा मैदा के रेट में प्रति किलो 5 रुपये बढ़ोतरी हुई है। आलू पिछले साल 20 से 25 रुपये प्रति किलो था। अब इसकी कीमत 40 से 50 रुपये प्रति किलो है। आशंका है कि आटे का रेट अभी और बढ़ सकता है।
क्यों बढ़ रहा आटे का दाम?
आटा कारोबारी राजीव गोयल ने बताया कि आटे के दाम में बढ़ोतरी का मुख्य कारण बाजारों में गेहूं की कमी है। पिछले साल केंद्र सरकार ने ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत आटा मिल मालिकों को गेहूं उपलब्ध कराया था, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ। इसकी वजह से बाजार में डिमांड के तहत गेहूं नहीं मिल पा रहा है, जिससे गेहूं महंगा हो गया।
राजीव ने बताया कि खुदरा मार्केट में आटे की कीमत में प्रति किलो 3 से 4 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 10 किलो के पैकेट में 20 से 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मील कारोबारियों को गेहूं उपलब्ध कराए, ताकि आटे की बढ़ रही कीमत पर लगाम लग सके।
बासमती और चने में गिरावट
इन दिनों अरहर दाल की कीमत करीब 200 रुपये प्रति किलो पर अटकी हुई है। हालांकि आने वाले कुछ दिनों में अरहर की नई फसल आने वाली है। दाल कारोबारियों का कहना है कि करीब एक महीने बाद लोगों को दाल की बढ़ी महंगाई से राहत मिलेगी।
रिटेल कारोबारी प्रवीण ने बताया कि उड़द दाल 160 रुपये प्रति किलो और मूंग दाल 140 रुपये प्रति किलो पर स्थिर है। हालांकि चने की दाल में प्रति किलो लगभग 10 रुपये की कमी आई है। वहीं, बासमती चावल के रेट में प्रति किलो 10 रुपये की गिरावट आई है।
मटर, पालक की कीमत आसमान पर
दिल्ली के लक्ष्मी नगर मार्केट में सब्जी बेचने वाले मकसूद ने बताया कि इस सीजन में पालक की कीमत आसमान छू रही है। मंडी में कीमत 70 रुपये हो गई है। इसकी वजह से रिटेल में बेचने के लिए नहीं आ रहे हैं। वहीं, मटर की कीमत 100 से 120 रुपये है। हालांकि सब्जी मंडी में बढ़िया क्वालिटी की मटर की कीमत 200 रुपये प्रति किलो है।
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सब्जी की बढ़ती महंगाई के बीच अब आटा, मैदा, ब्रेड, रिफाइंड तेल, चायपत्ती लोगों के किचन का बजट बिगाड़ने लगे हैं। आटे के 10 किलो के पैकेट में 20 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है। ब्रेड के पैकेट पर भी 5 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। कई चीजों की कीमत पिछले साल के मुकाबले दोगुनी तक हो गई है। रिटेल कारोबारी प्रवीण ने बताया कि इन दिनों आटा से लेकर रिफाइन तेल के बढ़े दाम से लोग खरीदारी में कटौती कर रहे हैं।
प्रवीण ने बताया कि आटे के 10 किलो के पैकेट में करीब 20 से 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा चायपत्ती के एक किलो के पैकेट पर 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। दो महीने के अंदर रिफाइन तेल के दाम में भी प्रति लीटर 15 रुपये की उछाल आई है। इसके अलावा मैदा के रेट में प्रति किलो 5 रुपये बढ़ोतरी हुई है। आलू पिछले साल 20 से 25 रुपये प्रति किलो था। अब इसकी कीमत 40 से 50 रुपये प्रति किलो है। आशंका है कि आटे का रेट अभी और बढ़ सकता है।
क्यों बढ़ रहा आटे का दाम?
आटा कारोबारी राजीव गोयल ने बताया कि आटे के दाम में बढ़ोतरी का मुख्य कारण बाजारों में गेहूं की कमी है। पिछले साल केंद्र सरकार ने ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत आटा मिल मालिकों को गेहूं उपलब्ध कराया था, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ। इसकी वजह से बाजार में डिमांड के तहत गेहूं नहीं मिल पा रहा है, जिससे गेहूं महंगा हो गया।
राजीव ने बताया कि खुदरा मार्केट में आटे की कीमत में प्रति किलो 3 से 4 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 10 किलो के पैकेट में 20 से 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मील कारोबारियों को गेहूं उपलब्ध कराए, ताकि आटे की बढ़ रही कीमत पर लगाम लग सके।
बासमती और चने में गिरावट
इन दिनों अरहर दाल की कीमत करीब 200 रुपये प्रति किलो पर अटकी हुई है। हालांकि आने वाले कुछ दिनों में अरहर की नई फसल आने वाली है। दाल कारोबारियों का कहना है कि करीब एक महीने बाद लोगों को दाल की बढ़ी महंगाई से राहत मिलेगी।
रिटेल कारोबारी प्रवीण ने बताया कि उड़द दाल 160 रुपये प्रति किलो और मूंग दाल 140 रुपये प्रति किलो पर स्थिर है। हालांकि चने की दाल में प्रति किलो लगभग 10 रुपये की कमी आई है। वहीं, बासमती चावल के रेट में प्रति किलो 10 रुपये की गिरावट आई है।
मटर, पालक की कीमत आसमान पर
दिल्ली के लक्ष्मी नगर मार्केट में सब्जी बेचने वाले मकसूद ने बताया कि इस सीजन में पालक की कीमत आसमान छू रही है। मंडी में कीमत 70 रुपये हो गई है। इसकी वजह से रिटेल में बेचने के लिए नहीं आ रहे हैं। वहीं, मटर की कीमत 100 से 120 रुपये है। हालांकि सब्जी मंडी में बढ़िया क्वालिटी की मटर की कीमत 200 रुपये प्रति किलो है।
