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सोना 3,151 उछला, 1.55 लाख पर; चांदी एक दिन में 8,432 महंगी
बिजनेस न्यूज
वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ती निवेश मांग के बीच कीमती धातुओं में तेजी, इस साल अब तक सोना 21 हजार से ज्यादा चढ़ा
देश के बुलियन बाजार में लगातार आज दूसरे दिन तेजी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर ₹3,151 बढ़कर ₹1.55 लाख पर पहुंच गया, जबकि चांदी ₹8,432 उछलकर ₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम हो गई।
2026 में अब तक सोने की कीमत करीब ₹21,540 और चांदी ₹14,810 बढ़ चुकी है। इससे पहले 29 जनवरी को दोनों धातुओं ने अपने उच्च स्तर भी छुए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों के सतर्क रुख ने कीमती धातुओं को सहारा दिया है।
कीमतों में तेजी के पीछे कई कारक बताए जा रहे हैं। फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर अतिरिक्त मार्जिन हटने से बाजार में खरीदारी बढ़ी है। भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है। अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती के संकेतों ने भी सोने की मांग को बल दिया है। हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने कम कीमत पर खरीदारी बढ़ाई, जिससे बाजार में तेजी आई।
देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम भिन्न रहने के पीछे स्थानीय मांग, परिवहन लागत और ज्वेलर्स के स्टॉक मूल्य जैसे कारण जिम्मेदार माने जाते हैं। आयात केंद्रों से दूरी और सुरक्षा खर्च स्थानीय कीमतों को प्रभावित करते हैं। दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में अधिक खपत के कारण कीमतों में अंतर देखा जाता है।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को खरीदारी से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना खरीदना, आधिकारिक स्रोतों से कीमत का मिलान करना और कैरेट के अनुसार मूल्य समझना जरूरी बताया गया है। चांदी की खरीद में शुद्धता की जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाजार में नकली उत्पादों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बाजार विश्लेष
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कों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेत, मुद्रा विनिमय दर और निवेश प्रवृत्तियां कीमतों की दिशा तय करेंगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो कीमती धातुओं में मजबूती जारी रह सकती है। वहीं मांग में कमी आने पर कीमतों में अस्थिरता की संभावना भी बनी रहेगी।
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