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सीनियर सिटीजंस स्कीम से हर महीने 20,500 तक की आय, 8.2% ब्याज दर बरकरार
बिजनेस न्यूज
पोस्ट ऑफिस की SCSS योजना रिटायर लोगों के लिए स्थिर इनकम का सुरक्षित विकल्प बनी, तिमाही भुगतान व्यवस्था जारीसरकार ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके चलते सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) में निवेश करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तरह 8.2% सालाना ब्याज मिलता रहेगा। इस योजना के तहत अधिकतम निवेश सीमा और तिमाही भुगतान संरचना इसे रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का मजबूत साधन बना रही है। कौन, क्या और कितनी कमाई? सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए है। इसमें एकमुश्त निवेश कर नियमित आय प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना है। यदि कोई निवेशक अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये का निवेश करता है, तो उसे सालाना लगभग 2,46,000 रुपये ब्याज मिलता है। यह राशि तिमाही आधार पर 61,500 रुपये बनती है, जो औसतन 20,500 रुपये प्रति माह की आय के बराबर है। कहां और कैसे खुलता है खाता? यह खाता किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में खोला जा सकता है। न्यूनतम निवेश 1,000 रुपये है, जबकि अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये निर्धारित है। खाता खोलने के बाद निवेशक को हर तीन महीने में ब्याज सीधे उसके बचत खाते में प्राप्त होता है। क्यों बढ़ रही है लोकप्रियता? बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय की आवश्यकता के चलते यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जोखिम-रहित निवेश विकल्प होने के कारण यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो शेयर बाजार या अन्य अस्थिर साधनों से बचना चाहते हैं। परिपक्वता और नियम इस योजना की अवधि 5 वर्ष की होती है। जरूरत पड़ने पर समय से पहले खाता बंद किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए पेनल्टी लागू होती है। निवेशक चाहें तो इसे 3-3 वर्ष के लिए आगे भी बढ़ा सकते हैं। ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को किया जाता है। यदि ब्याज राशि समय पर नहीं निकाली जाती, तो उस पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता, जिससे नियमित निकासी को प्रोत्साहन मिलता है। टैक्स लाभ भी उपलब्ध इस योजना में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का लाभ मिलता है। यह सुविधा इसे टैक्स सेविंग और इनकम जनरेशन दोनों दृष्टि से उपयोगी बनाती है। आगे की स्थिति और विशेषज्ञ राय वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दर स्थिर रहने से निवेशकों का भरोसा बना रहेगा। हालांकि, लंबे समय में महंगाई के मुकाबले रिटर्न की वास्तविक वैल्यू पर भी ध्यान देना जरूरी है।
सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके चलते सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) में निवेश करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तरह 8.2% सालाना ब्याज मिलता रहेगा। इस योजना के तहत अधिकतम निवेश सीमा और तिमाही भुगतान संरचना इसे रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का मजबूत साधन बना रही है।
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए है। इसमें एकमुश्त निवेश कर नियमित आय प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना है। यदि कोई निवेशक अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये का निवेश करता है, तो उसे सालाना लगभग 2,46,000 रुपये ब्याज मिलता है। यह राशि तिमाही आधार पर 61,500 रुपये बनती है, जो औसतन 20,500 रुपये प्रति माह की आय के बराबर है।
यह खाता किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में खोला जा सकता है। न्यूनतम निवेश 1,000 रुपये है, जबकि अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये निर्धारित है। खाता खोलने के बाद निवेशक को हर तीन महीने में ब्याज सीधे उसके बचत खाते में प्राप्त होता है।
बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय की आवश्यकता के चलते यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जोखिम-रहित निवेश विकल्प होने के कारण यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो शेयर बाजार या अन्य अस्थिर साधनों से बचना चाहते हैं।
इस योजना की अवधि 5 वर्ष की होती है। जरूरत पड़ने पर समय से पहले खाता बंद किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए पेनल्टी लागू होती है। निवेशक चाहें तो इसे 3-3 वर्ष के लिए आगे भी बढ़ा सकते हैं। ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को किया जाता है।यदि ब्याज राशि समय पर नहीं निकाली जाती, तो उस पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता, जिससे नियमित निकासी को प्रोत्साहन मिलता है।
इस योजना में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का लाभ मिलता है। यह सुविधा इसे टैक्स सेविंग और इनकम जनरेशन दोनों दृष्टि से उपयोगी बनाती है।
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सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके चलते सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) में निवेश करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तरह 8.2% सालाना ब्याज मिलता रहेगा। इस योजना के तहत अधिकतम निवेश सीमा और तिमाही भुगतान संरचना इसे रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का मजबूत साधन बना रही है।
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए है। इसमें एकमुश्त निवेश कर नियमित आय प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना है। यदि कोई निवेशक अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये का निवेश करता है, तो उसे सालाना लगभग 2,46,000 रुपये ब्याज मिलता है। यह राशि तिमाही आधार पर 61,500 रुपये बनती है, जो औसतन 20,500 रुपये प्रति माह की आय के बराबर है।
यह खाता किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में खोला जा सकता है। न्यूनतम निवेश 1,000 रुपये है, जबकि अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये निर्धारित है। खाता खोलने के बाद निवेशक को हर तीन महीने में ब्याज सीधे उसके बचत खाते में प्राप्त होता है।
बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय की आवश्यकता के चलते यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जोखिम-रहित निवेश विकल्प होने के कारण यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो शेयर बाजार या अन्य अस्थिर साधनों से बचना चाहते हैं।
इस योजना की अवधि 5 वर्ष की होती है। जरूरत पड़ने पर समय से पहले खाता बंद किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए पेनल्टी लागू होती है। निवेशक चाहें तो इसे 3-3 वर्ष के लिए आगे भी बढ़ा सकते हैं। ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को किया जाता है।यदि ब्याज राशि समय पर नहीं निकाली जाती, तो उस पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता, जिससे नियमित निकासी को प्रोत्साहन मिलता है।
इस योजना में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का लाभ मिलता है। यह सुविधा इसे टैक्स सेविंग और इनकम जनरेशन दोनों दृष्टि से उपयोगी बनाती है।
