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फॉर्च्यून इंडिया की सबसे पावरफुल महिला बनीं नीता अंबानी, टॉप-100 सूची में हासिल किया पहला स्थान
बिजनेस डेस्क
रिलायंस फाउंडेशन के सामाजिक कार्यों और नेतृत्व को मिला सम्मान, बेटी ईशा अंबानी भी टॉप-10 में शामिल; समारोह में महिला सशक्तिकरण और AI में महिलाओं की भागीदारी पर हुई चर्चा
भारत की अग्रणी उद्योगपति और रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी को फॉर्च्यून इंडिया की मोस्ट पावरफुल वुमन 2026 सूची में पहला स्थान मिला है। यह सम्मान उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है। खास बात यह रही कि इस सूची में उनकी बेटी ईशा अंबानी भी टॉप-10 में जगह बनाने में सफल रहीं।
फॉर्च्यून इंडिया की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान नीता अंबानी ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व का असली अर्थ केवल सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के दूसरे लोगों को आगे बढ़ने के अवसर देना है। उन्होंने कहा कि उनके लिए वास्तविक शक्ति दूसरों को सशक्त बनाने में है और भारत को आगे बढ़ाने के लिए करुणा, समावेशिता और सम्मान जैसे मूल्यों को अपनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति तभी संभव है, जब वहां की महिलाएं और बेटियां शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसरों के मामले में मजबूत हों। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा और उनके आत्मनिर्भर बनने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जब एक लड़की आगे बढ़ती है तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है।
रिलायंस फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, खेल, महिला सशक्तिकरण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में लगातार काम कर रहा है। फाउंडेशन के मुताबिक, उसके विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अब तक 10 करोड़ से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा चुकी है। इनमें करीब 2.9 करोड़ बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ मिला है। यही सामाजिक योगदान इस सम्मान की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
नीता अंबानी को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला था। इसी महीने 3 जुलाई को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित ताम्पा शहर में उन्हें AAPI ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन (AAPI) की ओर से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, खेल, संस्कृति और सामुदायिक विकास में उनके विशेष योगदान के लिए दिया गया था। लगातार मिल रहे इन सम्मानों ने उनके सामाजिक कार्यों को वैश्विक पहचान भी दिलाई है।
फॉर्च्यून इंडिया की इस प्रतिष्ठित सूची में दूसरे स्थान पर एचसीएल की चेयरपर्सन रोशनी नाडार मल्होत्रा रहीं। वहीं अपोलो समूह से जुड़ी रेड्डी सिस्टर्स—शोभना कामिनेनी, संगीता रेड्डी, प्रीथा रेड्डी और सुनीता रेड्डी—संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं। सूची में उद्योग, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी, मीडिया और सामाजिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को शामिल किया गया।
टॉप-15 में सावित्री जिंदल, प्रीति अडानी, किरण मजूमदार-शॉ, ईशा अंबानी, प्रिया नायर, बेला बजरिया और लीना नायर जैसी कई प्रमुख हस्तियों ने भी जगह बनाई। ईशा अंबानी का सातवें स्थान पर पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नई पीढ़ी का नेतृत्व भी अब भारतीय उद्योग जगत में मजबूत पहचान बना रहा है। वे रिलायंस रिटेल और डिजिटल कारोबार के विस्तार में अहम भूमिका निभा रही हैं।
इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी शामिल हुईं। उन्हें इस सूची में 18वां स्थान मिला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत के विकास का अगला दौर महिलाओं के उद्यमी बनने और रोजगार देने वाली भूमिका निभाने पर निर्भर करेगा। उन्होंने महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप और व्यवसायों को अधिक संस्थागत समर्थन देने की आवश्यकता बताई।
स्मृति ईरानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि AI को वास्तव में निष्पक्ष और समान बनाना है, तो उसके प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डेटा में महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि हर महिला अपने आप में सक्षम है और उसे अपनी क्षमता पर भरोसा रखना चाहिए।
समारोह में अभिनेत्री और उद्यमी कृति सेनन भी मौजूद रहीं। उन्हें फॉर्च्यून इंडिया की सूची में 75वां स्थान मिला। बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप पर आयोजित चर्चा के दौरान उन्होंने अपने स्किनकेयर ब्रांड ‘हाइफन’ के अनुभव साझा किए। कृति ने कहा कि किसी भी उपभोक्ता ब्रांड की असली सफलता केवल किसी बड़े चेहरे से नहीं, बल्कि उसके उत्पाद की गुणवत्ता से तय होती है।
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फॉर्च्यून इंडिया की सबसे पावरफुल महिला बनीं नीता अंबानी, टॉप-100 सूची में हासिल किया पहला स्थान
बिजनेस डेस्क
भारत की अग्रणी उद्योगपति और रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी को फॉर्च्यून इंडिया की मोस्ट पावरफुल वुमन 2026 सूची में पहला स्थान मिला है। यह सम्मान उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है। खास बात यह रही कि इस सूची में उनकी बेटी ईशा अंबानी भी टॉप-10 में जगह बनाने में सफल रहीं।
फॉर्च्यून इंडिया की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान नीता अंबानी ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व का असली अर्थ केवल सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के दूसरे लोगों को आगे बढ़ने के अवसर देना है। उन्होंने कहा कि उनके लिए वास्तविक शक्ति दूसरों को सशक्त बनाने में है और भारत को आगे बढ़ाने के लिए करुणा, समावेशिता और सम्मान जैसे मूल्यों को अपनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति तभी संभव है, जब वहां की महिलाएं और बेटियां शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसरों के मामले में मजबूत हों। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा और उनके आत्मनिर्भर बनने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जब एक लड़की आगे बढ़ती है तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है।
रिलायंस फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, खेल, महिला सशक्तिकरण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में लगातार काम कर रहा है। फाउंडेशन के मुताबिक, उसके विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अब तक 10 करोड़ से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा चुकी है। इनमें करीब 2.9 करोड़ बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ मिला है। यही सामाजिक योगदान इस सम्मान की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
नीता अंबानी को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला था। इसी महीने 3 जुलाई को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित ताम्पा शहर में उन्हें AAPI ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन (AAPI) की ओर से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, खेल, संस्कृति और सामुदायिक विकास में उनके विशेष योगदान के लिए दिया गया था। लगातार मिल रहे इन सम्मानों ने उनके सामाजिक कार्यों को वैश्विक पहचान भी दिलाई है।
फॉर्च्यून इंडिया की इस प्रतिष्ठित सूची में दूसरे स्थान पर एचसीएल की चेयरपर्सन रोशनी नाडार मल्होत्रा रहीं। वहीं अपोलो समूह से जुड़ी रेड्डी सिस्टर्स—शोभना कामिनेनी, संगीता रेड्डी, प्रीथा रेड्डी और सुनीता रेड्डी—संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं। सूची में उद्योग, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी, मीडिया और सामाजिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को शामिल किया गया।
टॉप-15 में सावित्री जिंदल, प्रीति अडानी, किरण मजूमदार-शॉ, ईशा अंबानी, प्रिया नायर, बेला बजरिया और लीना नायर जैसी कई प्रमुख हस्तियों ने भी जगह बनाई। ईशा अंबानी का सातवें स्थान पर पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नई पीढ़ी का नेतृत्व भी अब भारतीय उद्योग जगत में मजबूत पहचान बना रहा है। वे रिलायंस रिटेल और डिजिटल कारोबार के विस्तार में अहम भूमिका निभा रही हैं।
इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी शामिल हुईं। उन्हें इस सूची में 18वां स्थान मिला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत के विकास का अगला दौर महिलाओं के उद्यमी बनने और रोजगार देने वाली भूमिका निभाने पर निर्भर करेगा। उन्होंने महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप और व्यवसायों को अधिक संस्थागत समर्थन देने की आवश्यकता बताई।
स्मृति ईरानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि AI को वास्तव में निष्पक्ष और समान बनाना है, तो उसके प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डेटा में महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि हर महिला अपने आप में सक्षम है और उसे अपनी क्षमता पर भरोसा रखना चाहिए।
समारोह में अभिनेत्री और उद्यमी कृति सेनन भी मौजूद रहीं। उन्हें फॉर्च्यून इंडिया की सूची में 75वां स्थान मिला। बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप पर आयोजित चर्चा के दौरान उन्होंने अपने स्किनकेयर ब्रांड ‘हाइफन’ के अनुभव साझा किए। कृति ने कहा कि किसी भी उपभोक्ता ब्रांड की असली सफलता केवल किसी बड़े चेहरे से नहीं, बल्कि उसके उत्पाद की गुणवत्ता से तय होती है।
