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इंग्लैंड के सामने पूरी तरह बेबस दिखा भारत, टी-20 सीरीज में पहली बार 4 मैचों की हार
स्पोर्ट्स डेस्क
साउथैम्प्टन में इंग्लैंड ने 56 रन से जीता आखिरी मुकाबला, बटलर-ब्रूक की रिकॉर्ड 233 रन की साझेदारी; टीम इंडिया ट्रैफिक जाम के कारण देर से पहुंची स्टेडियम
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का समापन टीम इंडिया के लिए बेहद निराशाजनक रहा। साउथैम्प्टन के रोज बाउल स्टेडियम में खेले गए अंतिम मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 56 रन से हराकर सीरीज पर पूरी तरह अपना दबदबा कायम रखा। इस हार के साथ भारतीय टीम ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसे वह शायद कभी याद नहीं रखना चाहेगी। यह पहला मौका है जब भारत किसी टी-20 सीरीज या टूर्नामेंट में चार मुकाबले हार गया। इससे पहले भारतीय टीम किसी भी द्विपक्षीय टी-20 सीरीज या बड़े टूर्नामेंट में तीन से अधिक मैच कभी नहीं हारी थी।
मुकाबले की शुरुआत भी सामान्य नहीं रही। भारतीय टीम ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण तय समय से करीब आधे घंटे देर से स्टेडियम पहुंची, जिसके चलते मैच भी निर्धारित समय से 30 मिनट बाद शुरू हुआ। हालांकि मैच शुरू होने के बाद भी भारतीय टीम लय में नजर नहीं आई और इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच पर अपना नियंत्रण बना लिया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने तीन विकेट खोकर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले भी यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम था, जिसने इसी वर्ष मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ 246 रन बनाए थे। इस बार इंग्लैंड ने अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इंग्लैंड की इस विस्फोटक पारी के सबसे बड़े नायक रहे जोस बटलर और कप्तान हैरी ब्रूक। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की ऐतिहासिक साझेदारी की, जो टी-20 क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक और डेविड मिलर के नाम था, जिन्होंने 2022 में 174 रन जोड़े थे।
जोस बटलर ने 131 रन की शानदार पारी खेली और भारत के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने वेस्टइंडीज के एविन लुईस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 2017 में भारत के खिलाफ नाबाद 125 रन बनाए थे। वहीं हैरी ब्रूक ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पूरी सीरीज में कुल 229 रन बनाए और भारत के खिलाफ किसी द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने निकोलस पूरन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
इंग्लैंड की पारी के दौरान चौकों-छक्कों की बारिश देखने को मिली। पूरी टीम ने कुल 17 छक्के लगाए, जो भारत के खिलाफ किसी टी-20 मुकाबले में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। भारतीय गेंदबाज पूरे मैच में लय हासिल नहीं कर सके और लगातार दबाव में दिखाई दिए। नई गेंद से भी विकेट नहीं मिले और डेथ ओवरों में भी रन रोकने में नाकाम रहे।
257 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से ही दबाव में रही। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका। कुछ खिलाड़ियों ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि टीम कभी भी मुकाबले में वापसी करती नहीं दिखी। आखिरकार भारत निर्धारित ओवरों में लक्ष्य से 56 रन दूर रह गया और सीरीज का चौथा मुकाबला भी हार गया।
हालांकि इस मैच में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने एक अलग रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने लगातार सातवीं बार टी-20 अंतरराष्ट्रीय में टॉस जीतकर महेंद्र सिंह धोनी की बराबरी कर ली। धोनी ने 2010 से 2012 के बीच लगातार सात टॉस जीते थे। विराट कोहली छह लगातार टॉस जीतने के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भी एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने भारत के लिए अपना 53वां टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और बिना टेस्ट या वनडे डेब्यू किए सबसे ज्यादा टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री के नाम था, जिन्होंने 52 टी-20 मैच खेलने के बाद भी कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रारूप नहीं खेला था।
इंग्लैंड की यह जीत सिर्फ सीरीज जीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसने कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। बटलर और ब्रूक की साझेदारी इंग्लैंड के लिए टी-20 क्रिकेट में किसी भी विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी भी बन गई। इससे पहले डेविड मलान और इयोन मॉर्गन ने 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 182 रन जोड़े थे।
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इंग्लैंड के सामने पूरी तरह बेबस दिखा भारत, टी-20 सीरीज में पहली बार 4 मैचों की हार
स्पोर्ट्स डेस्क
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का समापन टीम इंडिया के लिए बेहद निराशाजनक रहा। साउथैम्प्टन के रोज बाउल स्टेडियम में खेले गए अंतिम मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 56 रन से हराकर सीरीज पर पूरी तरह अपना दबदबा कायम रखा। इस हार के साथ भारतीय टीम ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसे वह शायद कभी याद नहीं रखना चाहेगी। यह पहला मौका है जब भारत किसी टी-20 सीरीज या टूर्नामेंट में चार मुकाबले हार गया। इससे पहले भारतीय टीम किसी भी द्विपक्षीय टी-20 सीरीज या बड़े टूर्नामेंट में तीन से अधिक मैच कभी नहीं हारी थी।
मुकाबले की शुरुआत भी सामान्य नहीं रही। भारतीय टीम ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण तय समय से करीब आधे घंटे देर से स्टेडियम पहुंची, जिसके चलते मैच भी निर्धारित समय से 30 मिनट बाद शुरू हुआ। हालांकि मैच शुरू होने के बाद भी भारतीय टीम लय में नजर नहीं आई और इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच पर अपना नियंत्रण बना लिया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने तीन विकेट खोकर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले भी यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम था, जिसने इसी वर्ष मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ 246 रन बनाए थे। इस बार इंग्लैंड ने अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इंग्लैंड की इस विस्फोटक पारी के सबसे बड़े नायक रहे जोस बटलर और कप्तान हैरी ब्रूक। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की ऐतिहासिक साझेदारी की, जो टी-20 क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक और डेविड मिलर के नाम था, जिन्होंने 2022 में 174 रन जोड़े थे।
जोस बटलर ने 131 रन की शानदार पारी खेली और भारत के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने वेस्टइंडीज के एविन लुईस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 2017 में भारत के खिलाफ नाबाद 125 रन बनाए थे। वहीं हैरी ब्रूक ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए पूरी सीरीज में कुल 229 रन बनाए और भारत के खिलाफ किसी द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने निकोलस पूरन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
इंग्लैंड की पारी के दौरान चौकों-छक्कों की बारिश देखने को मिली। पूरी टीम ने कुल 17 छक्के लगाए, जो भारत के खिलाफ किसी टी-20 मुकाबले में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। भारतीय गेंदबाज पूरे मैच में लय हासिल नहीं कर सके और लगातार दबाव में दिखाई दिए। नई गेंद से भी विकेट नहीं मिले और डेथ ओवरों में भी रन रोकने में नाकाम रहे।
257 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से ही दबाव में रही। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका। कुछ खिलाड़ियों ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि टीम कभी भी मुकाबले में वापसी करती नहीं दिखी। आखिरकार भारत निर्धारित ओवरों में लक्ष्य से 56 रन दूर रह गया और सीरीज का चौथा मुकाबला भी हार गया।
हालांकि इस मैच में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने एक अलग रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने लगातार सातवीं बार टी-20 अंतरराष्ट्रीय में टॉस जीतकर महेंद्र सिंह धोनी की बराबरी कर ली। धोनी ने 2010 से 2012 के बीच लगातार सात टॉस जीते थे। विराट कोहली छह लगातार टॉस जीतने के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भी एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने भारत के लिए अपना 53वां टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और बिना टेस्ट या वनडे डेब्यू किए सबसे ज्यादा टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री के नाम था, जिन्होंने 52 टी-20 मैच खेलने के बाद भी कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रारूप नहीं खेला था।
इंग्लैंड की यह जीत सिर्फ सीरीज जीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसने कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। बटलर और ब्रूक की साझेदारी इंग्लैंड के लिए टी-20 क्रिकेट में किसी भी विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी भी बन गई। इससे पहले डेविड मलान और इयोन मॉर्गन ने 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 182 रन जोड़े थे।
