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बेलिंगहैम के डबल गोल से इंग्लैंड सेमीफाइनल में, नॉर्वे को 2-1 से हराकर अर्जेंटीना से भिड़ंत तय
स्पोर्ट्स डेस्क
एक्स्ट्रा टाइम में जूड बेलिंगहैम बने जीत के हीरो, 2018 के बाद पहली बार विश्व कप के अंतिम चार में पहुंचा इंग्लैंड।
फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। मियामी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। मुकाबला निर्धारित 90 मिनट तक 1-1 की बराबरी पर रहा, लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम ने विजयी गोल दागकर इंग्लैंड को जीत दिला दी। इस जीत के साथ इंग्लैंड 2018 के बाद पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है, जहां अब उसका सामना मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से 15 जुलाई को होगा।
इस मुकाबले के सबसे बड़े नायक रहे रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी जूड बेलिंगहैम। उन्होंने मैच में दोनों गोल कर टीम की जीत सुनिश्चित की। बेलिंगहैम की शानदार फॉर्म पूरे टूर्नामेंट में देखने को मिल रही है और अब उनके नाम छह गोल हो चुके हैं। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन भी छह गोल कर चुके हैं। पहली बार ऐसा हुआ है जब इंग्लैंड के दो खिलाड़ियों ने एक ही विश्व कप में पांच या उससे अधिक गोल किए हैं।
मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों ने सतर्क अंदाज में की। शुरुआती मिनटों में गेंद पर कब्जे के लिए संघर्ष चलता रहा। इंग्लैंड ने कई आक्रमण किए, लेकिन नॉर्वे की मजबूत रक्षापंक्ति ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। दूसरी ओर नॉर्वे ने भी तेज काउंटर अटैक के जरिए इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति को चुनौती दी।
36वें मिनट में नॉर्वे को सफलता मिली। एंड्रियास शेल्डेरुप ने शानदार मूव तैयार करते हुए गोल दागा और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद इंग्लैंड पर दबाव बढ़ गया, लेकिन टीम ने संयम नहीं खोया। पहले हाफ के इंजरी टाइम में जूड बेलिंगहैम ने गोल कर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला दिया। यह गोल कुछ समय के लिए विवादों में भी रहा क्योंकि आशंका जताई गई कि गेंद एरियल कैमरा केबल से टकराई थी।
हालांकि वीडियो तकनीक और मैच बॉल में लगे सेंसर की जांच के बाद फीफा ने स्पष्ट किया कि गेंद किसी भी वायर से नहीं टकराई थी। इसलिए गोल पूरी तरह वैध माना गया। फीफा ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस विवाद को समाप्त कर दिया।
दूसरे हाफ में नॉर्वे ने एक बार फिर शानदार शुरुआत की। 56वें मिनट में टॉरब्योर्न हेगम ने कॉर्नर के बाद रीबाउंड पर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद यह गोल रद्द कर दिया गया। जांच में पाया गया कि गोल बनने से पहले एरलिंग हालैंड ने बॉक्स के अंदर फाउल किया था। इसके चलते नॉर्वे को बढ़त नहीं मिल सकी।
इस मैच में एरलिंग हालैंड का प्रदर्शन भी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। पूरे मुकाबले में वह एक भी गोल नहीं कर सके। यह मौजूदा विश्व कप का पहला मैच था जिसमें हालैंड स्कोरशीट पर अपना नाम दर्ज नहीं करा सके। अतिरिक्त समय के दौरान उन्हें मैदान से बाहर भी बुला लिया गया।
निर्धारित 90 मिनट और इंजरी टाइम के बाद मुकाबला 1-1 से बराबरी पर रहा, जिसके कारण मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में इंग्लैंड ने निर्णायक हमला किया। जूड बेलिंगहैम ने शानदार फिनिशिंग करते हुए दूसरा गोल दागा और टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। इसके बाद इंग्लैंड की टीम ने मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए अंतिम सीटी तक अपनी बढ़त कायम रखी।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने विश्व कप इतिहास में चौथी बार सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले टीम 1966, 1990 और 2018 में अंतिम चार तक पहुंची थी। इंग्लैंड ने अपना एकमात्र विश्व कप खिताब 1966 में पश्चिम जर्मनी को हराकर जीता था। अब एक बार फिर टीम खिताब जीतने के सपने को साकार करने से सिर्फ दो कदम दूर है।
गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने भी इस मुकाबले में एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने विश्व कप में इंग्लैंड के लिए अपना 18वां मैच खेला और दिग्गज गोलकीपर पीटर शिल्टन के 17 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब पिकफोर्ड विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड के सबसे अधिक मैच खेलने वाले गोलकीपर बन गए हैं।
दूसरी ओर नॉर्वे के लिए यह विश्व कप अभियान कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। टीम पहली बार विश्व कप क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी। इससे पहले नॉर्वे 1938 और 1998 में राउंड ऑफ-16 तक पहुंचा था, जबकि 1994 में ग्रुप चरण से बाहर हो गया था। हालांकि इस बार टीम ने शानदार प्रदर्शन कर दुनिया की शीर्ष टीमों को कड़ी चुनौती दी।
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बेलिंगहैम के डबल गोल से इंग्लैंड सेमीफाइनल में, नॉर्वे को 2-1 से हराकर अर्जेंटीना से भिड़ंत तय
स्पोर्ट्स डेस्क
फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। मियामी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। मुकाबला निर्धारित 90 मिनट तक 1-1 की बराबरी पर रहा, लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम ने विजयी गोल दागकर इंग्लैंड को जीत दिला दी। इस जीत के साथ इंग्लैंड 2018 के बाद पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है, जहां अब उसका सामना मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से 15 जुलाई को होगा।
इस मुकाबले के सबसे बड़े नायक रहे रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी जूड बेलिंगहैम। उन्होंने मैच में दोनों गोल कर टीम की जीत सुनिश्चित की। बेलिंगहैम की शानदार फॉर्म पूरे टूर्नामेंट में देखने को मिल रही है और अब उनके नाम छह गोल हो चुके हैं। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन भी छह गोल कर चुके हैं। पहली बार ऐसा हुआ है जब इंग्लैंड के दो खिलाड़ियों ने एक ही विश्व कप में पांच या उससे अधिक गोल किए हैं।
मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों ने सतर्क अंदाज में की। शुरुआती मिनटों में गेंद पर कब्जे के लिए संघर्ष चलता रहा। इंग्लैंड ने कई आक्रमण किए, लेकिन नॉर्वे की मजबूत रक्षापंक्ति ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। दूसरी ओर नॉर्वे ने भी तेज काउंटर अटैक के जरिए इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति को चुनौती दी।
36वें मिनट में नॉर्वे को सफलता मिली। एंड्रियास शेल्डेरुप ने शानदार मूव तैयार करते हुए गोल दागा और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद इंग्लैंड पर दबाव बढ़ गया, लेकिन टीम ने संयम नहीं खोया। पहले हाफ के इंजरी टाइम में जूड बेलिंगहैम ने गोल कर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला दिया। यह गोल कुछ समय के लिए विवादों में भी रहा क्योंकि आशंका जताई गई कि गेंद एरियल कैमरा केबल से टकराई थी।
हालांकि वीडियो तकनीक और मैच बॉल में लगे सेंसर की जांच के बाद फीफा ने स्पष्ट किया कि गेंद किसी भी वायर से नहीं टकराई थी। इसलिए गोल पूरी तरह वैध माना गया। फीफा ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस विवाद को समाप्त कर दिया।
दूसरे हाफ में नॉर्वे ने एक बार फिर शानदार शुरुआत की। 56वें मिनट में टॉरब्योर्न हेगम ने कॉर्नर के बाद रीबाउंड पर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद यह गोल रद्द कर दिया गया। जांच में पाया गया कि गोल बनने से पहले एरलिंग हालैंड ने बॉक्स के अंदर फाउल किया था। इसके चलते नॉर्वे को बढ़त नहीं मिल सकी।
इस मैच में एरलिंग हालैंड का प्रदर्शन भी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। पूरे मुकाबले में वह एक भी गोल नहीं कर सके। यह मौजूदा विश्व कप का पहला मैच था जिसमें हालैंड स्कोरशीट पर अपना नाम दर्ज नहीं करा सके। अतिरिक्त समय के दौरान उन्हें मैदान से बाहर भी बुला लिया गया।
निर्धारित 90 मिनट और इंजरी टाइम के बाद मुकाबला 1-1 से बराबरी पर रहा, जिसके कारण मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में इंग्लैंड ने निर्णायक हमला किया। जूड बेलिंगहैम ने शानदार फिनिशिंग करते हुए दूसरा गोल दागा और टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। इसके बाद इंग्लैंड की टीम ने मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए अंतिम सीटी तक अपनी बढ़त कायम रखी।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने विश्व कप इतिहास में चौथी बार सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले टीम 1966, 1990 और 2018 में अंतिम चार तक पहुंची थी। इंग्लैंड ने अपना एकमात्र विश्व कप खिताब 1966 में पश्चिम जर्मनी को हराकर जीता था। अब एक बार फिर टीम खिताब जीतने के सपने को साकार करने से सिर्फ दो कदम दूर है।
गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने भी इस मुकाबले में एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने विश्व कप में इंग्लैंड के लिए अपना 18वां मैच खेला और दिग्गज गोलकीपर पीटर शिल्टन के 17 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब पिकफोर्ड विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड के सबसे अधिक मैच खेलने वाले गोलकीपर बन गए हैं।
दूसरी ओर नॉर्वे के लिए यह विश्व कप अभियान कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। टीम पहली बार विश्व कप क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी। इससे पहले नॉर्वे 1938 और 1998 में राउंड ऑफ-16 तक पहुंचा था, जबकि 1994 में ग्रुप चरण से बाहर हो गया था। हालांकि इस बार टीम ने शानदार प्रदर्शन कर दुनिया की शीर्ष टीमों को कड़ी चुनौती दी।
