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शेयर बाजार में फिर दबाव, सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूटा
Digital Desk
निफ्टी 24,200 के आसपास पहुंचा, IT और रियल्टी शेयरों में बिकवाली हावी; कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर ग्लोबल संकेतों का असर
मुंबई में मंगलवार 18 अगस्त को शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा नीचे आकर 77,350 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी करीब 100 अंक फिसलकर 24,200 के स्तर के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार की चाल कमजोर रही और ज्यादातर बड़े सेक्टर दबाव में नजर आए। IT शेयरों में बिकवाली ज्यादा रही, वहीं रियल्टी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखा गया। बाजार की इस गिरावट के पीछे विदेशी संकेतों का असर साफ दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गई है। अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी सीजफायर की अवधि खत्म होने से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की चिंता भी निवेशकों के बीच है। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। Reuters के मुताबिक शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 77,418.06 और निफ्टी 24,219.80 पर था। उस समय IT इंडेक्स करीब 1.4% नीचे था और 16 प्रमुख सेक्टरों में से 9 में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की चाल पर सिर्फ घरेलू संकेतों का असर नहीं है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और तेल की कीमतों में उछाल को लेकर भी निवेशक सतर्क हैं। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी एसेट्स ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं, जिसका असर उभरते बाजारों में आने वाली पूंजी पर पड़ सकता है। सोमवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब 2,535 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की थी। यह तीन सप्ताह में सबसे बड़ा दैनिक विदेशी आउटफ्लो बताया गया है। हालांकि अगस्त के पहले पखवाड़े में विदेशी निवेशकों की तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं रही थी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान FPIs ने भारतीय इक्विटी में 16,621 करोड़ रुपए लगाए थे। यानी बाजार में विदेशी पैसों की दिशा अभी लगातार एक जैसी नहीं है और दिन के हिसाब से इसमें बदलाव दिख रहा है।
इस बीच घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII बाजार को संभालने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक हाल के 7 दिनों में DII की खरीदारी करीब 15,653 करोड़ रुपए रही, जबकि FII/FPI की ओर से 3,540 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली हुई। पिछले 30 दिनों के आंकड़ों में भी घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी मजबूत बनी हुई है। ऐसे में बाजार में एक तरफ विदेशी बिकवाली का दबाव है तो दूसरी तरफ घरेलू फंड और संस्थागत निवेशक गिरावट में खरीदारी कर रहे हैं। इसी वजह से प्रमुख इंडेक्सों में उतार-चढ़ाव तेज बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव के साथ-साथ कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन और आगे की कमाई पर भी है।
आज IPO बाजार में भी हलचल बनी हुई है। Milky Mist Dairy Food के शेयरों ने NSE और BSE पर 165 रुपए के भाव से एंट्री की, जो 140 रुपए के इश्यू प्राइस से करीब 17.86% ज्यादा है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बाजार में कमजोर सेंटीमेंट के बीच भी मजबूत रही। लिस्टिंग के बाद शेयर 181.50 रुपए तक पहुंचा और इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 30% की बढ़त दर्ज की। कंपनी के IPO को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था और यह देश की बड़ी डेयरी कंपनियों में से एक का बाजार में प्रवेश है। Milky Mist IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज कम करने और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में किया जाना है।
प्राइमरी मार्केट में आज दो बड़े IPO की भी चर्चा है। Horizon Industrial Parks और Lalithaa Jewellery Mart के इश्यू का मंगलवार को दूसरा दिन है। दोनों IPO 17 अगस्त को खुले थे और 19 अगस्त तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेंगे। Horizon Industrial Parks करीब 2,600 करोड़ रुपए जुटाने की योजना के साथ बाजार में आया है। इसका प्राइस बैंड 57 से 60 रुपए प्रति शेयर रखा गया है। पहले दिन इश्यू को अपेक्षाकृत धीमी प्रतिक्रिया मिली थी। वहीं Lalithaa Jewellery Mart का IPO करीब 1,700 करोड़ रुपए का है और दूसरे दिन इसमें निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती दिखी। रिपोर्ट के अनुसार पहले दिन के बाद इस इश्यू का करीब 69% हिस्सा सब्सक्राइब हो चुका था।
एशियाई बाजारों की चाल भी मंगलवार को भारतीय बाजार के पक्ष में नहीं रही। जापान का निक्केई नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी गिरावट में रहे। जापानी बाजार में कमजोरी सबसे ज्यादा दिखाई दी। ग्लोबल मार्केट में निवेशक इस समय तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर खास नजर रख रहे हैं। अमेरिका में भी सोमवार को प्रमुख इंडेक्सों में गिरावट रही थी। Dow Jones, Nasdaq और S&P 500 तीनों कमजोर बंद हुए। ऐसे संकेतों का असर अगले दिन एशियाई बाजारों पर भी दिखाई देता है और भारतीय बाजार शुरुआती कारोबार में इससे अछूता नहीं रहा।
सोमवार यानी 17 अगस्त को भी घरेलू बाजार में बिकवाली रही थी। सेंसेक्स 280 अंक से ज्यादा गिरकर 77,728 के आसपास बंद हुआ था, जबकि निफ्टी करीब 78 अंक नीचे 24,287 के स्तर पर रहा। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में दबाव रहने से निवेशकों की नजर अब बाजार के अगले सपोर्ट लेवल पर है। IT शेयरों में बिकवाली और महंगे कच्चे तेल की चिंता के साथ रियल्टी शेयर भी दबाव में हैं। दूसरी ओर कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में खबरों और तिमाही नतीजों के आधार पर खरीदारी दिखाई दे रही है। बाजार में इस समय इंडेक्स की चाल से ज्यादा स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल रहा है।
शेयर बाजार में फिर दबाव, सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूटा
Digital Desk
मुंबई में मंगलवार 18 अगस्त को शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा नीचे आकर 77,350 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी करीब 100 अंक फिसलकर 24,200 के स्तर के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार की चाल कमजोर रही और ज्यादातर बड़े सेक्टर दबाव में नजर आए। IT शेयरों में बिकवाली ज्यादा रही, वहीं रियल्टी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखा गया। बाजार की इस गिरावट के पीछे विदेशी संकेतों का असर साफ दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गई है। अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी सीजफायर की अवधि खत्म होने से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की चिंता भी निवेशकों के बीच है। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। Reuters के मुताबिक शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 77,418.06 और निफ्टी 24,219.80 पर था। उस समय IT इंडेक्स करीब 1.4% नीचे था और 16 प्रमुख सेक्टरों में से 9 में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की चाल पर सिर्फ घरेलू संकेतों का असर नहीं है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और तेल की कीमतों में उछाल को लेकर भी निवेशक सतर्क हैं। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी एसेट्स ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं, जिसका असर उभरते बाजारों में आने वाली पूंजी पर पड़ सकता है। सोमवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब 2,535 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की थी। यह तीन सप्ताह में सबसे बड़ा दैनिक विदेशी आउटफ्लो बताया गया है। हालांकि अगस्त के पहले पखवाड़े में विदेशी निवेशकों की तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं रही थी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान FPIs ने भारतीय इक्विटी में 16,621 करोड़ रुपए लगाए थे। यानी बाजार में विदेशी पैसों की दिशा अभी लगातार एक जैसी नहीं है और दिन के हिसाब से इसमें बदलाव दिख रहा है।
इस बीच घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII बाजार को संभालने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक हाल के 7 दिनों में DII की खरीदारी करीब 15,653 करोड़ रुपए रही, जबकि FII/FPI की ओर से 3,540 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली हुई। पिछले 30 दिनों के आंकड़ों में भी घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी मजबूत बनी हुई है। ऐसे में बाजार में एक तरफ विदेशी बिकवाली का दबाव है तो दूसरी तरफ घरेलू फंड और संस्थागत निवेशक गिरावट में खरीदारी कर रहे हैं। इसी वजह से प्रमुख इंडेक्सों में उतार-चढ़ाव तेज बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव के साथ-साथ कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन और आगे की कमाई पर भी है।
आज IPO बाजार में भी हलचल बनी हुई है। Milky Mist Dairy Food के शेयरों ने NSE और BSE पर 165 रुपए के भाव से एंट्री की, जो 140 रुपए के इश्यू प्राइस से करीब 17.86% ज्यादा है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बाजार में कमजोर सेंटीमेंट के बीच भी मजबूत रही। लिस्टिंग के बाद शेयर 181.50 रुपए तक पहुंचा और इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 30% की बढ़त दर्ज की। कंपनी के IPO को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था और यह देश की बड़ी डेयरी कंपनियों में से एक का बाजार में प्रवेश है। Milky Mist IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज कम करने और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में किया जाना है।
प्राइमरी मार्केट में आज दो बड़े IPO की भी चर्चा है। Horizon Industrial Parks और Lalithaa Jewellery Mart के इश्यू का मंगलवार को दूसरा दिन है। दोनों IPO 17 अगस्त को खुले थे और 19 अगस्त तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेंगे। Horizon Industrial Parks करीब 2,600 करोड़ रुपए जुटाने की योजना के साथ बाजार में आया है। इसका प्राइस बैंड 57 से 60 रुपए प्रति शेयर रखा गया है। पहले दिन इश्यू को अपेक्षाकृत धीमी प्रतिक्रिया मिली थी। वहीं Lalithaa Jewellery Mart का IPO करीब 1,700 करोड़ रुपए का है और दूसरे दिन इसमें निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती दिखी। रिपोर्ट के अनुसार पहले दिन के बाद इस इश्यू का करीब 69% हिस्सा सब्सक्राइब हो चुका था।
एशियाई बाजारों की चाल भी मंगलवार को भारतीय बाजार के पक्ष में नहीं रही। जापान का निक्केई नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी गिरावट में रहे। जापानी बाजार में कमजोरी सबसे ज्यादा दिखाई दी। ग्लोबल मार्केट में निवेशक इस समय तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर खास नजर रख रहे हैं। अमेरिका में भी सोमवार को प्रमुख इंडेक्सों में गिरावट रही थी। Dow Jones, Nasdaq और S&P 500 तीनों कमजोर बंद हुए। ऐसे संकेतों का असर अगले दिन एशियाई बाजारों पर भी दिखाई देता है और भारतीय बाजार शुरुआती कारोबार में इससे अछूता नहीं रहा।
सोमवार यानी 17 अगस्त को भी घरेलू बाजार में बिकवाली रही थी। सेंसेक्स 280 अंक से ज्यादा गिरकर 77,728 के आसपास बंद हुआ था, जबकि निफ्टी करीब 78 अंक नीचे 24,287 के स्तर पर रहा। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में दबाव रहने से निवेशकों की नजर अब बाजार के अगले सपोर्ट लेवल पर है। IT शेयरों में बिकवाली और महंगे कच्चे तेल की चिंता के साथ रियल्टी शेयर भी दबाव में हैं। दूसरी ओर कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में खबरों और तिमाही नतीजों के आधार पर खरीदारी दिखाई दे रही है। बाजार में इस समय इंडेक्स की चाल से ज्यादा स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल रहा है।
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