ज्वेलर्स की सुरक्षा के लिए स्टीलएज महोत्सव 2026 शुरू, 200 शहरों तक पहुंचेगा अभियान

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गुनेबो सेफ स्टोरेज की पहल में सेफ, वॉल्ट और हाई-सिक्योरिटी लॉकिंग सिस्टम की लाइव डेमो के साथ सुरक्षा जागरूकता पर जोर

ज्वेलरी कारोबार में बढ़ती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए गुनेबो सेफ स्टोरेज ने स्टीलएज महोत्सव 2026 के दूसरे संस्करण की शुरुआत की है। कंपनी के मुताबिक इस साल यह राष्ट्रव्यापी अभियान देश के 200 से ज्यादा शहरों में आयोजित किया जाएगा। इसके जरिए ज्वेलर्स और रिटेलर्स को आधुनिक फिजिकल सिक्योरिटी सिस्टम की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान सुरक्षा विशेषज्ञों के सत्र, उत्पादों के लाइव डेमो और कारोबारियों के साथ इंटरैक्टिव चर्चा रखी जाएगी। कंपनी का कहना है कि ज्वेलरी कारोबार में लगातार बढ़ती इन्वेंट्री और बदलती कारोबारी जरूरतों के बीच सिर्फ पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं रह गई है। ऐसे में प्रमाणित सेफ, वॉल्ट और आधुनिक लॉकिंग सिस्टम जैसे विकल्पों को लेकर कारोबारियों के बीच जागरूकता बढ़ाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

स्टीलएज महोत्सव के दौरान कंपनी अपने कई सुरक्षा समाधानों को कारोबारियों के सामने प्रदर्शित करेगी। इनमें प्रमाणित सेफ्स, डायनास्लाइड स्लाइडिंग वॉल्ट डोर, डायनाशील्ड मिनी वॉल्ट और हाई-सिक्योरिटी लॉकिंग सिस्टम शामिल हैं। इन उत्पादों के जरिए ज्वेलर्स को यह समझाने की कोशिश की जाएगी कि कीमती आभूषणों और अन्य मूल्यवान संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए किस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी के अनुसार आज ज्वेलरी स्टोर में सुरक्षा का मतलब केवल तिजोरी या मजबूत दरवाजे तक सीमित नहीं है। कारोबार के डिजिटल होने के साथ एक्सेस कंट्रोल, निगरानी और रिकॉर्डिंग जैसी जरूरतें भी बढ़ी हैं। इसी वजह से आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों में मल्टी-यूजर ऑथेंटिकेशन, बायोमेट्रिक एक्सेस, लाइव फिंगर डिटेक्शन, ऑडिट ट्रेल और मोबाइल आधारित मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

स्टीलएज महोत्सव को केवल उत्पादों के प्रचार तक सीमित नहीं रखा गया है। कंपनी इसे ज्वेलरी कारोबारियों के साथ सीधे संवाद का प्लेटफॉर्म भी बता रही है। अभियान के दौरान स्थानीय ज्वेलर्स, ज्वेलर्स एसोसिएशनों और उद्योग से जुड़े दूसरे लोगों के साथ सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रमों में विशेषज्ञ यह जानकारी देंगे कि अलग-अलग तरह के स्टोर और कारोबार के हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था कैसे तैयार की जा सकती है। लाइव डेमो के जरिए उत्पादों की कार्यप्रणाली भी दिखाई जाएगी। कंपनी का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था को कारोबार की जरूरत के हिसाब से तैयार करना जरूरी है, क्योंकि हर ज्वेलरी स्टोर में आभूषणों की मात्रा, स्टोरेज व्यवस्था और ग्राहकों की आवाजाही एक जैसी नहीं होती।

गुनेबो सेफ स्टोरेज के हेड मार्केटिंग एवं प्रोडक्ट मैनेजमेंट, एशिया, अनिर्बान मुखुटी ने कहा कि भारत का ज्वेलरी उद्योग तेजी से बदल रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को भी उसी गति से आगे बढ़ने की जरूरत है। उनके मुताबिक स्टीलएज महोत्सव के जरिए ज्वेलर्स को नई सुरक्षा तकनीकों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए समाधानों के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रमाणित सुरक्षा समाधानों में निवेश अब केवल अतिरिक्त सुविधा नहीं रह गया है, बल्कि कारोबार की जरूरत बनता जा रहा है। कंपनी के अनुसार बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच वह एकीकृत और भरोसेमंद समाधान विकसित करने पर लगातार काम कर रही है।

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आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था में अब कई ऐसी तकनीकें भी शामिल हो गई हैं, जिनका इस्तेमाल पहले सिर्फ बड़े कॉरपोरेट या उच्च-सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों में देखने को मिलता था। मल्टी-यूजर ऑथेंटिकेशन के जरिए अलग-अलग कर्मचारियों के लिए एक्सेस तय किया जा सकता है। बायोमेट्रिक सिस्टम में फिंगरप्रिंट आधारित पहचान का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं ऑडिट ट्रेल से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि सुरक्षा प्रणाली को किस समय और किस यूजर ने एक्सेस किया। मोबाइल आधारित मैनेजमेंट और क्लाउड मॉनिटरिंग जैसे विकल्पों से कारोबारी दूर रहते हुए भी सुरक्षा गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। हालांकि इन सुविधाओं का इस्तेमाल कारोबारी जरूरत और सिस्टम की क्षमता के हिसाब से किया जाता है।

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स्टीलएज का फिजिकल सिक्योरिटी कारोबार में लंबा अनुभव रहा है। कंपनी के मुताबिक ब्रांड के पास 90 साल से ज्यादा की विरासत है। इसके पोर्टफोलियो में प्रमाणित सेफ्स के अलावा स्ट्रॉन्ग रूम डोर्स, मॉड्यूलर वॉल्ट सिस्टम, वॉल्ट एक्सेसरीज, फायर-रेजिस्टेंट कैबिनेट्स और हाई-सिक्योरिटी लॉकिंग सिस्टम शामिल हैं। इन उत्पादों को वाणिज्यिक और संस्थागत ग्राहकों की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ज्वेलरी सेक्टर में इन समाधानों का इस्तेमाल कीमती धातुओं, आभूषणों और अन्य मूल्यवान सामान को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।

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गुनेबो ग्रुप की शुरुआत स्वीडन के गॉथेनबर्ग से हुई और कंपनी का इतिहास 250 साल से ज्यादा पुराना बताया जाता है। समूह फिजिकल सिक्योरिटी के क्षेत्र में काम करता है और कैश, कीमती सामान तथा लोगों की सुरक्षा से जुड़े समाधान उपलब्ध कराता है। बैंकिंग, रिटेल, सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक इमारतों, औद्योगिक इकाइयों और हाई-रिस्क साइट्स जैसे क्षेत्रों में कंपनी के सुरक्षा समाधान इस्तेमाल किए जाते हैं। भारत में भी समूह लंबे समय से मौजूद है। वर्ष 2000 में गुनेबो ग्रुप ने भारतीय कंपनी स्टीलएज का अधिग्रहण किया था।

स्टीलएज की भारत में शुरुआत 1932 में हुई थी। कंपनी ने शुरुआती दौर से ही फिजिकल सिक्योरिटी के क्षेत्र में काम किया और समय के साथ अपने उत्पादों में तकनीकी बदलाव किए। मौजूदा पोर्टफोलियो में सेफ्स, वॉल्ट्स, स्ट्रॉन्ग-रूम डोर्स, मॉड्यूलर वॉल्ट सिस्टम्स, फायर-रेजिस्टेंट कैबिनेट्स, सेफ डिपॉजिट लॉकर, इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम और दूसरी सुरक्षा एक्सेसरीज शामिल हैं। कंपनी के अनुसार अब स्टीलएज महोत्सव 2026 के जरिए इन्हीं समाधानों को देश के अलग-अलग बाजारों तक ले जाने की तैयारी है। 200 से ज्यादा शहरों में होने वाले कार्यक्रमों में स्थानीय ज्वेलर्स के साथ सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर बातचीत की जाएगी।

www.dainikjagranmpcg.com
18 Aug 2026 By Priyanka

ज्वेलर्स की सुरक्षा के लिए स्टीलएज महोत्सव 2026 शुरू, 200 शहरों तक पहुंचेगा अभियान

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ज्वेलरी कारोबार में बढ़ती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए गुनेबो सेफ स्टोरेज ने स्टीलएज महोत्सव 2026 के दूसरे संस्करण की शुरुआत की है। कंपनी के मुताबिक इस साल यह राष्ट्रव्यापी अभियान देश के 200 से ज्यादा शहरों में आयोजित किया जाएगा। इसके जरिए ज्वेलर्स और रिटेलर्स को आधुनिक फिजिकल सिक्योरिटी सिस्टम की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान सुरक्षा विशेषज्ञों के सत्र, उत्पादों के लाइव डेमो और कारोबारियों के साथ इंटरैक्टिव चर्चा रखी जाएगी। कंपनी का कहना है कि ज्वेलरी कारोबार में लगातार बढ़ती इन्वेंट्री और बदलती कारोबारी जरूरतों के बीच सिर्फ पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं रह गई है। ऐसे में प्रमाणित सेफ, वॉल्ट और आधुनिक लॉकिंग सिस्टम जैसे विकल्पों को लेकर कारोबारियों के बीच जागरूकता बढ़ाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

स्टीलएज महोत्सव के दौरान कंपनी अपने कई सुरक्षा समाधानों को कारोबारियों के सामने प्रदर्शित करेगी। इनमें प्रमाणित सेफ्स, डायनास्लाइड स्लाइडिंग वॉल्ट डोर, डायनाशील्ड मिनी वॉल्ट और हाई-सिक्योरिटी लॉकिंग सिस्टम शामिल हैं। इन उत्पादों के जरिए ज्वेलर्स को यह समझाने की कोशिश की जाएगी कि कीमती आभूषणों और अन्य मूल्यवान संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए किस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी के अनुसार आज ज्वेलरी स्टोर में सुरक्षा का मतलब केवल तिजोरी या मजबूत दरवाजे तक सीमित नहीं है। कारोबार के डिजिटल होने के साथ एक्सेस कंट्रोल, निगरानी और रिकॉर्डिंग जैसी जरूरतें भी बढ़ी हैं। इसी वजह से आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों में मल्टी-यूजर ऑथेंटिकेशन, बायोमेट्रिक एक्सेस, लाइव फिंगर डिटेक्शन, ऑडिट ट्रेल और मोबाइल आधारित मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

स्टीलएज महोत्सव को केवल उत्पादों के प्रचार तक सीमित नहीं रखा गया है। कंपनी इसे ज्वेलरी कारोबारियों के साथ सीधे संवाद का प्लेटफॉर्म भी बता रही है। अभियान के दौरान स्थानीय ज्वेलर्स, ज्वेलर्स एसोसिएशनों और उद्योग से जुड़े दूसरे लोगों के साथ सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रमों में विशेषज्ञ यह जानकारी देंगे कि अलग-अलग तरह के स्टोर और कारोबार के हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था कैसे तैयार की जा सकती है। लाइव डेमो के जरिए उत्पादों की कार्यप्रणाली भी दिखाई जाएगी। कंपनी का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था को कारोबार की जरूरत के हिसाब से तैयार करना जरूरी है, क्योंकि हर ज्वेलरी स्टोर में आभूषणों की मात्रा, स्टोरेज व्यवस्था और ग्राहकों की आवाजाही एक जैसी नहीं होती।

गुनेबो सेफ स्टोरेज के हेड मार्केटिंग एवं प्रोडक्ट मैनेजमेंट, एशिया, अनिर्बान मुखुटी ने कहा कि भारत का ज्वेलरी उद्योग तेजी से बदल रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को भी उसी गति से आगे बढ़ने की जरूरत है। उनके मुताबिक स्टीलएज महोत्सव के जरिए ज्वेलर्स को नई सुरक्षा तकनीकों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए समाधानों के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रमाणित सुरक्षा समाधानों में निवेश अब केवल अतिरिक्त सुविधा नहीं रह गया है, बल्कि कारोबार की जरूरत बनता जा रहा है। कंपनी के अनुसार बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच वह एकीकृत और भरोसेमंद समाधान विकसित करने पर लगातार काम कर रही है।

आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था में अब कई ऐसी तकनीकें भी शामिल हो गई हैं, जिनका इस्तेमाल पहले सिर्फ बड़े कॉरपोरेट या उच्च-सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों में देखने को मिलता था। मल्टी-यूजर ऑथेंटिकेशन के जरिए अलग-अलग कर्मचारियों के लिए एक्सेस तय किया जा सकता है। बायोमेट्रिक सिस्टम में फिंगरप्रिंट आधारित पहचान का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं ऑडिट ट्रेल से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि सुरक्षा प्रणाली को किस समय और किस यूजर ने एक्सेस किया। मोबाइल आधारित मैनेजमेंट और क्लाउड मॉनिटरिंग जैसे विकल्पों से कारोबारी दूर रहते हुए भी सुरक्षा गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। हालांकि इन सुविधाओं का इस्तेमाल कारोबारी जरूरत और सिस्टम की क्षमता के हिसाब से किया जाता है।

स्टीलएज का फिजिकल सिक्योरिटी कारोबार में लंबा अनुभव रहा है। कंपनी के मुताबिक ब्रांड के पास 90 साल से ज्यादा की विरासत है। इसके पोर्टफोलियो में प्रमाणित सेफ्स के अलावा स्ट्रॉन्ग रूम डोर्स, मॉड्यूलर वॉल्ट सिस्टम, वॉल्ट एक्सेसरीज, फायर-रेजिस्टेंट कैबिनेट्स और हाई-सिक्योरिटी लॉकिंग सिस्टम शामिल हैं। इन उत्पादों को वाणिज्यिक और संस्थागत ग्राहकों की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ज्वेलरी सेक्टर में इन समाधानों का इस्तेमाल कीमती धातुओं, आभूषणों और अन्य मूल्यवान सामान को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।

गुनेबो ग्रुप की शुरुआत स्वीडन के गॉथेनबर्ग से हुई और कंपनी का इतिहास 250 साल से ज्यादा पुराना बताया जाता है। समूह फिजिकल सिक्योरिटी के क्षेत्र में काम करता है और कैश, कीमती सामान तथा लोगों की सुरक्षा से जुड़े समाधान उपलब्ध कराता है। बैंकिंग, रिटेल, सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक इमारतों, औद्योगिक इकाइयों और हाई-रिस्क साइट्स जैसे क्षेत्रों में कंपनी के सुरक्षा समाधान इस्तेमाल किए जाते हैं। भारत में भी समूह लंबे समय से मौजूद है। वर्ष 2000 में गुनेबो ग्रुप ने भारतीय कंपनी स्टीलएज का अधिग्रहण किया था।

स्टीलएज की भारत में शुरुआत 1932 में हुई थी। कंपनी ने शुरुआती दौर से ही फिजिकल सिक्योरिटी के क्षेत्र में काम किया और समय के साथ अपने उत्पादों में तकनीकी बदलाव किए। मौजूदा पोर्टफोलियो में सेफ्स, वॉल्ट्स, स्ट्रॉन्ग-रूम डोर्स, मॉड्यूलर वॉल्ट सिस्टम्स, फायर-रेजिस्टेंट कैबिनेट्स, सेफ डिपॉजिट लॉकर, इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम और दूसरी सुरक्षा एक्सेसरीज शामिल हैं। कंपनी के अनुसार अब स्टीलएज महोत्सव 2026 के जरिए इन्हीं समाधानों को देश के अलग-अलग बाजारों तक ले जाने की तैयारी है। 200 से ज्यादा शहरों में होने वाले कार्यक्रमों में स्थानीय ज्वेलर्स के साथ सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर बातचीत की जाएगी।

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