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सोना ₹177 चढ़कर ₹1.44 लाख पहुंचा, चांदी ₹2.27 लाख किलो हुई
बिजनेस डेस्क
आईबीजेए के ताजा आंकड़ों में सोने-चांदी दोनों में बढ़त दर्ज, 2026 में अब तक सोना करीब ₹11 हजार महंगा जबकि चांदी अभी भी साल की शुरुआत के स्तर से नीचे।
सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार, 8 जुलाई को फिर हलचल देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 177 रुपए बढ़कर करीब 1.44 लाख रुपए पर पहुंच गई। वहीं एक किलो चांदी का भाव 150 रुपए की तेजी के साथ 2.27 लाख रुपए हो गया। पिछले कुछ महीनों से कीमती धातुओं के दाम लगातार ऊपर-नीचे हो रहे हैं और इसका असर आम खरीदारों से लेकर निवेशकों तक पर साफ दिखाई दे रहा है। बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और निवेशकों की खरीदारी का असर घरेलू बाजार में भी लगातार देखने को मिल रहा है।
साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोने ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.44 लाख रुपए के आसपास पहुंच चुकी है। यानी महज कुछ महीनों में सोना करीब 11 हजार रुपए महंगा हो चुका है। हालांकि इस दौरान कीमतों में कई बार उतार-चढ़ाव भी आया। कुछ दिनों तक गिरावट देखने को मिली तो कई कारोबारी सत्रों में तेजी लौट आई। बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निवेश की तलाश में लोग अब भी सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है।
चांदी की बात करें तो आज इसमें हल्की तेजी जरूर दर्ज हुई, लेकिन साल की शुरुआत के मुकाबले इसकी कीमत अब भी नीचे बनी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए था, जबकि अब यह 2.27 लाख रुपए के आसपास कारोबार कर रही है। यानी इस अवधि में करीब 3 हजार रुपए की गिरावट दर्ज की गई है। कारोबारियों का कहना है कि औद्योगिक मांग, अंतरराष्ट्रीय बाजार और निवेशकों की गतिविधियों के कारण चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
इस साल कीमती धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। 29 जनवरी 2026 को सोने ने करीब 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई बनाया था। वहीं चांदी ने भी लगभग 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उसके बाद बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव के चलते दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट आई। अब एक बार फिर बाजार में हलचल बढ़ने से निवेशकों की नजर अगले कुछ महीनों की चाल पर टिकी हुई है। कई निवेशक मानते हैं कि लंबी अवधि में सोना अब भी सुरक्षित निवेश का विकल्प बना हुआ है, जबकि चांदी में जोखिम के साथ बेहतर रिटर्न की संभावना भी रहती है।
ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी विशेषज्ञ कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं। सबसे पहले हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना तय शुद्धता का है। इसके अलावा खरीदारी से पहले उस दिन का ताजा बाजार भाव जरूर जांच लेना चाहिए। अलग-अलग कैरेट के सोने की कीमत अलग होती है, इसलिए बिल में दर्ज जानकारी और वजन को भी ध्यान से देखना जरूरी है। कई ग्राहक केवल डिजाइन देखकर खरीदारी कर लेते हैं, लेकिन मेकिंग चार्ज, टैक्स और शुद्धता की जानकारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
चांदी खरीदते समय भी सतर्क रहना जरूरी है। बाजार में असली और नकली दोनों तरह के उत्पाद उपलब्ध रहते हैं। असली चांदी की पहचान के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं। मैग्नेट टेस्ट में असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। आइस टेस्ट में चांदी पर रखी बर्फ तेजी से पिघलती है क्योंकि इसकी तापीय चालकता अधिक होती है। इसके अलावा असली चांदी में किसी तरह की गंध नहीं होती, जबकि मिलावटी धातु में तांबे जैसी गंध महसूस हो सकती है। सफेद कपड़े से रगड़ने पर हल्का काला निशान आना भी शुद्ध चांदी की एक सामान्य पहचान माना जाता है।
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सोना ₹177 चढ़कर ₹1.44 लाख पहुंचा, चांदी ₹2.27 लाख किलो हुई
बिजनेस डेस्क
सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार, 8 जुलाई को फिर हलचल देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 177 रुपए बढ़कर करीब 1.44 लाख रुपए पर पहुंच गई। वहीं एक किलो चांदी का भाव 150 रुपए की तेजी के साथ 2.27 लाख रुपए हो गया। पिछले कुछ महीनों से कीमती धातुओं के दाम लगातार ऊपर-नीचे हो रहे हैं और इसका असर आम खरीदारों से लेकर निवेशकों तक पर साफ दिखाई दे रहा है। बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और निवेशकों की खरीदारी का असर घरेलू बाजार में भी लगातार देखने को मिल रहा है।
साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोने ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.44 लाख रुपए के आसपास पहुंच चुकी है। यानी महज कुछ महीनों में सोना करीब 11 हजार रुपए महंगा हो चुका है। हालांकि इस दौरान कीमतों में कई बार उतार-चढ़ाव भी आया। कुछ दिनों तक गिरावट देखने को मिली तो कई कारोबारी सत्रों में तेजी लौट आई। बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निवेश की तलाश में लोग अब भी सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है।
चांदी की बात करें तो आज इसमें हल्की तेजी जरूर दर्ज हुई, लेकिन साल की शुरुआत के मुकाबले इसकी कीमत अब भी नीचे बनी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए था, जबकि अब यह 2.27 लाख रुपए के आसपास कारोबार कर रही है। यानी इस अवधि में करीब 3 हजार रुपए की गिरावट दर्ज की गई है। कारोबारियों का कहना है कि औद्योगिक मांग, अंतरराष्ट्रीय बाजार और निवेशकों की गतिविधियों के कारण चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
इस साल कीमती धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। 29 जनवरी 2026 को सोने ने करीब 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई बनाया था। वहीं चांदी ने भी लगभग 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उसके बाद बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव के चलते दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट आई। अब एक बार फिर बाजार में हलचल बढ़ने से निवेशकों की नजर अगले कुछ महीनों की चाल पर टिकी हुई है। कई निवेशक मानते हैं कि लंबी अवधि में सोना अब भी सुरक्षित निवेश का विकल्प बना हुआ है, जबकि चांदी में जोखिम के साथ बेहतर रिटर्न की संभावना भी रहती है।
ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी विशेषज्ञ कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं। सबसे पहले हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना तय शुद्धता का है। इसके अलावा खरीदारी से पहले उस दिन का ताजा बाजार भाव जरूर जांच लेना चाहिए। अलग-अलग कैरेट के सोने की कीमत अलग होती है, इसलिए बिल में दर्ज जानकारी और वजन को भी ध्यान से देखना जरूरी है। कई ग्राहक केवल डिजाइन देखकर खरीदारी कर लेते हैं, लेकिन मेकिंग चार्ज, टैक्स और शुद्धता की जानकारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
चांदी खरीदते समय भी सतर्क रहना जरूरी है। बाजार में असली और नकली दोनों तरह के उत्पाद उपलब्ध रहते हैं। असली चांदी की पहचान के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं। मैग्नेट टेस्ट में असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। आइस टेस्ट में चांदी पर रखी बर्फ तेजी से पिघलती है क्योंकि इसकी तापीय चालकता अधिक होती है। इसके अलावा असली चांदी में किसी तरह की गंध नहीं होती, जबकि मिलावटी धातु में तांबे जैसी गंध महसूस हो सकती है। सफेद कपड़े से रगड़ने पर हल्का काला निशान आना भी शुद्ध चांदी की एक सामान्य पहचान माना जाता है।
