- Hindi News
- बिजनेस
- वंदे भारत बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेज: दिल्ली से पटना सफर सिर्फ 4 घंटे में संभव, अगले साल ट्रायल
वंदे भारत बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेज: दिल्ली से पटना सफर सिर्फ 4 घंटे में संभव, अगले साल ट्रायल
बिजनेस न्यूज
बेंगलुरु में तैयार हुआ हाई-स्पीड ट्रेन प्लांट; 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी स्वदेशी B28 ट्रेन
देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत विकसित हो रही ‘वंदे भारत बुलेट ट्रेन’ के जरिए आने वाले समय में दिल्ली से पटना की दूरी महज चार घंटे में तय की जा सकेगी। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बेंगलुरु में इस ट्रेन के निर्माण के लिए तैयार विशेष प्लांट का उद्घाटन करते हुए यह जानकारी दी।
क्या है पूरा प्रोजेक्ट
यह परियोजना स्वदेशी तकनीक पर आधारित हाई-स्पीड ट्रेन सेट ‘B28’ के निर्माण से जुड़ी है, जिसे आम तौर पर ‘वंदे भारत बुलेट ट्रेन’ कहा जा रहा है। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी। इसे BEML के बेंगलुरु स्थित अत्याधुनिक ‘आदित्य कॉम्प्लेक्स’ में तैयार किया जाएगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस हाई-स्पीड ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप अगले वर्ष परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगा। शुरुआती ट्रायल गुजरात के सूरत-वापी सेक्शन में किया जाएगा, जो Ahmedabad-Mumbai Bullet Train Corridor का हिस्सा है। इस कॉरिडोर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिकांश काम पूरा हो चुका है।
कैसे बदलेगा यात्रा समय
मौजूदा समय में दिल्ली से पटना की दूरी तय करने में ट्रेनों को 12 से 16 घंटे तक का समय लगता है। लेकिन यदि B28 ट्रेन 250 से 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, तो यह सफर करीब चार घंटे में पूरा हो सकता है। इसी मॉडल के आधार पर बेंगलुरु से चेन्नई (353 किमी) की दूरी 73 मिनट में तय करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और BEML मिलकर काम कर रहे हैं। डिजाइन से लेकर निर्माण तक पूरी प्रक्रिया स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। रेल मंत्री के अनुसार, यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का अहम हिस्सा है, जिसमें भारत अपनी हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक खुद विकसित कर रहा है।
हाई-स्पीड रेल से यात्रा समय में भारी कमी आएगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह परियोजना भारत को वैश्विक स्तर पर आधुनिक रेल तकनीक वाले देशों की श्रेणी में मजबूत स्थिति दिला सकती है।रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और इंजीनियरिंग सेक्टर को नई दिशा मिलेगी।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
वंदे भारत बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेज: दिल्ली से पटना सफर सिर्फ 4 घंटे में संभव, अगले साल ट्रायल
बिजनेस न्यूज
देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत विकसित हो रही ‘वंदे भारत बुलेट ट्रेन’ के जरिए आने वाले समय में दिल्ली से पटना की दूरी महज चार घंटे में तय की जा सकेगी। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बेंगलुरु में इस ट्रेन के निर्माण के लिए तैयार विशेष प्लांट का उद्घाटन करते हुए यह जानकारी दी।
क्या है पूरा प्रोजेक्ट
यह परियोजना स्वदेशी तकनीक पर आधारित हाई-स्पीड ट्रेन सेट ‘B28’ के निर्माण से जुड़ी है, जिसे आम तौर पर ‘वंदे भारत बुलेट ट्रेन’ कहा जा रहा है। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी। इसे BEML के बेंगलुरु स्थित अत्याधुनिक ‘आदित्य कॉम्प्लेक्स’ में तैयार किया जाएगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस हाई-स्पीड ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप अगले वर्ष परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगा। शुरुआती ट्रायल गुजरात के सूरत-वापी सेक्शन में किया जाएगा, जो Ahmedabad-Mumbai Bullet Train Corridor का हिस्सा है। इस कॉरिडोर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिकांश काम पूरा हो चुका है।
कैसे बदलेगा यात्रा समय
मौजूदा समय में दिल्ली से पटना की दूरी तय करने में ट्रेनों को 12 से 16 घंटे तक का समय लगता है। लेकिन यदि B28 ट्रेन 250 से 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, तो यह सफर करीब चार घंटे में पूरा हो सकता है। इसी मॉडल के आधार पर बेंगलुरु से चेन्नई (353 किमी) की दूरी 73 मिनट में तय करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और BEML मिलकर काम कर रहे हैं। डिजाइन से लेकर निर्माण तक पूरी प्रक्रिया स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। रेल मंत्री के अनुसार, यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का अहम हिस्सा है, जिसमें भारत अपनी हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक खुद विकसित कर रहा है।
हाई-स्पीड रेल से यात्रा समय में भारी कमी आएगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह परियोजना भारत को वैश्विक स्तर पर आधुनिक रेल तकनीक वाले देशों की श्रेणी में मजबूत स्थिति दिला सकती है।रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और इंजीनियरिंग सेक्टर को नई दिशा मिलेगी।
