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भोपाल में CM मोहन यादव की बैठक, किसान योजनाओं पर मंथन
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल बैठक में किसान हितैषी योजनाओं पर चर्चा, कलेक्टरों से भी करेंगे समीक्षा किसान कल्याण वर्ष को लेकर सरकार ने तेज की तैयारी। बैठक के बाद फैसलों को जमीन पर उतारने की रणनीति बनेगी।
राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण स्कूल में वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक का फोकस किसान कल्याण वर्ष के तहत लागू की जा रही योजनाओं की समीक्षा और नई घोषणाओं पर रहा। बैठक में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, राजस्व, वित्त और ग्रामीण विकास सहित कई विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य किसानों के लिए योजनाओं को और प्रभावी बनाना और उनके क्रियान्वयन की गति तेज करना है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करेंगे, ताकि लिए गए निर्णयों को तुरंत लागू किया जा सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश की। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत घटाने और सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। इसमें सिंचाई, बिजली, फसल खरीदी और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
योजनाओं पर फोकस
बैठक के दौरान किसान हित में नई योजनाओं और मौजूदा योजनाओं के विस्तार पर मंथन किया गया। अधिकारियों ने सुझाव दिए कि कैसे किसानों को बेहतर बाजार, तकनीकी सहायता और वित्तीय लाभ दिया जा सकता है। बता दें,सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
गेहूं खरीदी बढ़ी
बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने जानकारी दी थी कि प्रदेश में रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया गया है। पहले यह लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन था, जिसे अब बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने गेहूं खरीदी प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। अब खरीदी सप्ताह में छह दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है। उड़द की खरीदी पर बोनस देने और किसानों को सस्ते दर पर कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने जैसे फैसले भी चर्चा में रहे।
साथ ही किसानों को अब दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई समितियों का गठन किया गया है।
इस बैठक का सीधा असर राज्य के किसानों पर पड़ने की उम्मीद है। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से कृषि क्षेत्र में स्थिरता और आय में वृद्धि संभव मानी जा रही है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री कलेक्टरों के साथ समीक्षा करेंगे, जहां उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि सभी योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू हों। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नीति स्तर पर लिए गए फैसले जमीनी स्तर पर भी असर दिखाएं।
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भोपाल में CM मोहन यादव की बैठक, किसान योजनाओं पर मंथन
भोपाल (म.प्र.)
राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण स्कूल में वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक का फोकस किसान कल्याण वर्ष के तहत लागू की जा रही योजनाओं की समीक्षा और नई घोषणाओं पर रहा। बैठक में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, राजस्व, वित्त और ग्रामीण विकास सहित कई विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य किसानों के लिए योजनाओं को और प्रभावी बनाना और उनके क्रियान्वयन की गति तेज करना है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करेंगे, ताकि लिए गए निर्णयों को तुरंत लागू किया जा सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश की। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत घटाने और सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। इसमें सिंचाई, बिजली, फसल खरीदी और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
योजनाओं पर फोकस
बैठक के दौरान किसान हित में नई योजनाओं और मौजूदा योजनाओं के विस्तार पर मंथन किया गया। अधिकारियों ने सुझाव दिए कि कैसे किसानों को बेहतर बाजार, तकनीकी सहायता और वित्तीय लाभ दिया जा सकता है। बता दें,सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
गेहूं खरीदी बढ़ी
बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने जानकारी दी थी कि प्रदेश में रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया गया है। पहले यह लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन था, जिसे अब बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने गेहूं खरीदी प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। अब खरीदी सप्ताह में छह दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है। उड़द की खरीदी पर बोनस देने और किसानों को सस्ते दर पर कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने जैसे फैसले भी चर्चा में रहे।
साथ ही किसानों को अब दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई समितियों का गठन किया गया है।
इस बैठक का सीधा असर राज्य के किसानों पर पड़ने की उम्मीद है। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से कृषि क्षेत्र में स्थिरता और आय में वृद्धि संभव मानी जा रही है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री कलेक्टरों के साथ समीक्षा करेंगे, जहां उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि सभी योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू हों। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नीति स्तर पर लिए गए फैसले जमीनी स्तर पर भी असर दिखाएं।
