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India AI Impact Summit में शिक्षा मंत्रालय ने रखा AI विजन, शिक्षा में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर जोर
Digital Desk
शिक्षा मंत्रालय ने AI को स्कूलों, उच्च शिक्षा, स्किलिंग और रिसर्च से जोड़ने की दिशा में सार्वजनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम एकीकरण पर जोर दिया।
भारत में शिक्षा व्यवस्था को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अनुरूप तैयार करने की दिशा में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं। India AI Impact Summit में मंत्रालय ने AI को शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर बड़े पैमाने पर लागू करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया।
शिक्षा मंत्रालय ने नई दिल्ली में “Ministry of Education – Pushing the Frontier of AI in India” नाम से विशेष सत्र आयोजित किया। इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी की भागीदारी रही। मंत्रालय ने इसे शिक्षा में AI की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में पेश किया।
नीति से बड़े स्तर पर लागू करने पर फोकस
मंत्रालय के अनुसार, AI को शिक्षा में शामिल करने का प्रयास केवल तकनीक उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसका फोकस पब्लिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, Centre of Excellence, शिक्षक प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम में AI का एकीकरण और उद्योग तथा स्टार्टअप के साथ सहयोग के जरिए इसे व्यापक स्तर पर लागू करने पर है।
सरकार ने इस विजन को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और Viksit Bharat 2047 के व्यापक लक्ष्यों से भी जोड़ा है। मंत्रालय का कहना है कि पिछले एक दशक में डिजिटल प्लेटफॉर्म, नीतिगत ढांचे, संस्थागत सुधार और बड़े स्तर पर क्षमता निर्माण के जरिए AI आधारित शिक्षा के लिए आधार तैयार किया गया है।
स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा और रिसर्च तक AI
शिक्षा मंत्रालय के AI विजन का दायरा केवल स्कूल शिक्षा तक सीमित नहीं है। इसमें स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, स्किलिंग, रिसर्च और इनोवेशन को शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि AI को शिक्षा प्रणाली में केवल एक अतिरिक्त डिजिटल टूल के तौर पर नहीं, बल्कि शिक्षण, प्रशिक्षण, शोध और संस्थागत क्षमता बढ़ाने वाले माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। हाल की शिक्षा बहस में इस बात पर जोर दिया गया है कि AI का इस्तेमाल छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए हो, न कि स्वतंत्र सोच और सीखने की प्रक्रिया का विकल्प बनने के लिए।
भारत के AI इकोसिस्टम से शिक्षा को जोड़ने की कोशिश
मंत्रालय के मुताबिक, उद्योग और स्टार्टअप के साथ सहयोग भी इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे शिक्षा संस्थानों में AI आधारित नवाचार, कौशल विकास और नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। India AI Impact Summit 2026 ने भारत में AI के व्यापक इस्तेमाल और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर चर्चा के लिए सरकार, उद्योग और अकादमिक जगत को एक मंच दिया। Summit का व्यापक उद्देश्य AI के विकास और उसके जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर सहयोग बढ़ाना रहा।
आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती यह होगी कि AI की तकनीकी क्षमता को बेहतर शिक्षण, समान अवसर, शिक्षक क्षमता और छात्रों की वास्तविक सीखने की जरूरतों से कैसे जोड़ा जाए। ऐसे में सरकार की नीति और उसके जमीनी क्रियान्वयन के बीच का अंतर महत्वपूर्ण रहेगा।
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