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बिना बर्फ के कूलर देगा AC जैसी ठंडी हवा, बस गर्मी में अपनाएं ये आसान ट्रिक
लाइफस्टाइल डेस्क
गर्मियों में बिना बर्फ डाले भी कूलर से AC जैसी ठंडी हवा मिल सकती है। जानिए कूलर की सफाई और सही इस्तेमाल के आसान तरीके।
जैसे ही गर्मी बढ़ती है, कूलर और एसी की मांग घरों में फिर से बढ़ जाती है। लेकिन एसी चलाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। बढ़ते बिजली बिल से लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ता है। इस वजह से ज्यादातर लोग कूलर का सहारा लेते हैं, हालांकि कई बार कूलर से वो ठंडी हवा नहीं मिल पाती, जिसकी उम्मीद होती है। यही कारण है कि लोग बार-बार उसमें बर्फ डालते हैं, लेकिन राहत थोड़ी देर तक ही मिलती है। इन दिनों सोशल मीडिया और लोकल बाजारों में एक तरीका चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे बिना बर्फ के भी कूलर से एसी जैसी ठंडी हवा मिल सकती है। इसका राज बस कूलर की सही सफाई और सेटिंग में है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, लंबे समय तक बंद रहने से कूलर के हनीकॉम्ब पैड्स या घास पर धूल, मिट्टी और नमक जम जाता है। खासतौर पर उन जगहों पर जहां पानी खारा होता है, ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इससे हवा का फ्लो रुक जाता है और कूलर ठंडक कम दे पाता है। जानकारों का कहना है कि पहले पैड्स को निकालकर उन्हें अच्छी तरह साफ करना चाहिए। कई लोग इसके लिए पानी में सिरका या नींबू का रस मिलाकर पैड्स को कुछ देर भिगोते हैं, फिर तेज पानी से धोते हैं। इससे जमे हुए नमक और धूल हट जाते हैं। कहा जा रहा है कि इस एक काम से कूलर की कूलिंग पहले से काफी बेहतर हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, ऊपर लगी पानी की पाइपलाइन भी अक्सर जाम हो जाती है। छोटे-छोटे छेद बंद होने से पानी सही से गिरता नहीं और पैड्स सूखे रह जाते हैं। इसलिए इन छेदों को पतली सुई या तार से साफ करना जरूरी है। कई लोग इस हिस्से को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि असली ठंडक यहीं से प्रभावित होती है।
गर्मी के मौसम में कूलर को इस्तेमाल करने का तरीका भी मायने रखता है। अधिकारियों और तकनीकी जानकारों के अनुसार, कूलर को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां बाहर की ताजा हवा सीधे अंदर आ सके। बंद कमरे में कूलर चलाने से उमस बढ़ जाती है और हवा चिपचिपी महसूस होती है। इसलिए पुराने घरों में लोग दरवाजे या खिड़कियां थोड़ी खुली रखते थे। सही क्रॉस वेंटिलेशन मिलने पर कूलर ज्यादा प्रभावी तरीके से काम करता है।
एक और जरूरी बात है कि वाटर पंप और फैन की टाइमिंग को लेकर भी सावधानी रखनी चाहिए। कई लोग कूलर ऑन करते ही फैन चला देते हैं, जबकि पहले कुछ मिनट केवल पंप चालू रखना ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे पैड्स पूरी तरह गीले हो जाते हैं और फिर जब फैन चलता है तो हवा ज्यादा ठंडी लगती है। लोकल इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों का कहना है कि अगर कूलर की नियमित सफाई होती रहे और पानी का फ्लो सही बना रहा, तो बिना बर्फ के भी अच्छी ठंडक मिल सकती है। इस बीच, बढ़ती गर्मी में लोग ऐसे सस्ते और आसान उपाय तेजी से अपनाते हुए नजर आ रहे हैं।
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बिना बर्फ के कूलर देगा AC जैसी ठंडी हवा, बस गर्मी में अपनाएं ये आसान ट्रिक
लाइफस्टाइल डेस्क
जैसे ही गर्मी बढ़ती है, कूलर और एसी की मांग घरों में फिर से बढ़ जाती है। लेकिन एसी चलाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। बढ़ते बिजली बिल से लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ता है। इस वजह से ज्यादातर लोग कूलर का सहारा लेते हैं, हालांकि कई बार कूलर से वो ठंडी हवा नहीं मिल पाती, जिसकी उम्मीद होती है। यही कारण है कि लोग बार-बार उसमें बर्फ डालते हैं, लेकिन राहत थोड़ी देर तक ही मिलती है। इन दिनों सोशल मीडिया और लोकल बाजारों में एक तरीका चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे बिना बर्फ के भी कूलर से एसी जैसी ठंडी हवा मिल सकती है। इसका राज बस कूलर की सही सफाई और सेटिंग में है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, लंबे समय तक बंद रहने से कूलर के हनीकॉम्ब पैड्स या घास पर धूल, मिट्टी और नमक जम जाता है। खासतौर पर उन जगहों पर जहां पानी खारा होता है, ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इससे हवा का फ्लो रुक जाता है और कूलर ठंडक कम दे पाता है। जानकारों का कहना है कि पहले पैड्स को निकालकर उन्हें अच्छी तरह साफ करना चाहिए। कई लोग इसके लिए पानी में सिरका या नींबू का रस मिलाकर पैड्स को कुछ देर भिगोते हैं, फिर तेज पानी से धोते हैं। इससे जमे हुए नमक और धूल हट जाते हैं। कहा जा रहा है कि इस एक काम से कूलर की कूलिंग पहले से काफी बेहतर हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, ऊपर लगी पानी की पाइपलाइन भी अक्सर जाम हो जाती है। छोटे-छोटे छेद बंद होने से पानी सही से गिरता नहीं और पैड्स सूखे रह जाते हैं। इसलिए इन छेदों को पतली सुई या तार से साफ करना जरूरी है। कई लोग इस हिस्से को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि असली ठंडक यहीं से प्रभावित होती है।
गर्मी के मौसम में कूलर को इस्तेमाल करने का तरीका भी मायने रखता है। अधिकारियों और तकनीकी जानकारों के अनुसार, कूलर को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां बाहर की ताजा हवा सीधे अंदर आ सके। बंद कमरे में कूलर चलाने से उमस बढ़ जाती है और हवा चिपचिपी महसूस होती है। इसलिए पुराने घरों में लोग दरवाजे या खिड़कियां थोड़ी खुली रखते थे। सही क्रॉस वेंटिलेशन मिलने पर कूलर ज्यादा प्रभावी तरीके से काम करता है।
एक और जरूरी बात है कि वाटर पंप और फैन की टाइमिंग को लेकर भी सावधानी रखनी चाहिए। कई लोग कूलर ऑन करते ही फैन चला देते हैं, जबकि पहले कुछ मिनट केवल पंप चालू रखना ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे पैड्स पूरी तरह गीले हो जाते हैं और फिर जब फैन चलता है तो हवा ज्यादा ठंडी लगती है। लोकल इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों का कहना है कि अगर कूलर की नियमित सफाई होती रहे और पानी का फ्लो सही बना रहा, तो बिना बर्फ के भी अच्छी ठंडक मिल सकती है। इस बीच, बढ़ती गर्मी में लोग ऐसे सस्ते और आसान उपाय तेजी से अपनाते हुए नजर आ रहे हैं।
