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ठंड में पालतू कुत्ते को कैसे रखें फिट और हेल्दी, आसान देखभाल से बीमारी रहेगी दूर
लाइफ स्टाइल
सर्दियों में पालतू डॉग की सेहत को लेकर लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानिए एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए जरूरी विंटर केयर टिप्स
देश के कई हिस्सों में सर्दी का असर तेज़ हो चुका है और इसका सीधा प्रभाव पालतू जानवरों, खासकर कुत्तों की सेहत पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में डॉग्स की देखभाल को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही कुत्तों को सर्दी, इंफेक्शन और सुस्ती का शिकार बना सकती है। चूंकि पालतू कुत्ते अपनी परेशानी शब्दों में नहीं बता पाते, इसलिए उनकी देखभाल की जिम्मेदारी पूरी तरह मालिकों पर होती है।
पशु चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम में कुत्तों की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। खासतौर पर पपी, बुजुर्ग और शॉर्ट फर वाले डॉग्स को सर्दी ज्यादा प्रभावित करती है। यह सुबह-शाम के समय और खुले इलाकों में ज्यादा देखने को मिलता है।
इसका कारण यह है कि ठंडी हवा, ठंडा फर्श और तापमान में अचानक गिरावट से डॉग्स को जोड़ों में दर्द, खांसी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सर्दियों में डॉग को जरूरत से ज्यादा बाहर न घुमाएं। दिन के समय धूप में थोड़ी देर टहलाना फायदेमंद माना जाता है, लेकिन तापमान गिरने के बाद बाहर छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है।
इसके लिए ऊनी कपड़े और जैकेट कारगर साबित होते हैं। बाहर ले जाते समय डॉग को वॉर्म कपड़े पहनाना चाहिए। यदि घर में केनेल या डॉगहाउस है, तो उसके दरवाजे पर शॉल या मोटा कपड़ा लगाया जा सकता है, ताकि ठंडी हवा सीधे अंदर न जाए। हालांकि, वेंटिलेशन का ध्यान रखना भी जरूरी है।
पशु विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में बार-बार नहलाने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और नहलाने के बाद डॉग के फर को पूरी तरह सुखाएं। गीले फर के साथ बाहर ले जाना बीमारी को न्योता दे सकता है। इसी तरह ठंड में डॉग के बाल शेव करना भी नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि फर ही उन्हें प्राकृतिक रूप से गर्म रखता है।
फर्श और हीटर से जुड़ी सावधानी भी अहम है। ठंडे फर्श पर सोने से कुत्ते जल्दी बीमार पड़ सकते हैं, इसलिए उनके लिए गर्म बिस्तर का इंतजाम जरूरी है। वहीं, रूम हीटर या ब्लोअर के पास डॉग को अकेला छोड़ना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि जलने का खतरा रहता है।
डाइट और पानी का संतुलन, सर्दियों में भी उतना ही जरूरी है। कई डॉग ठंड में कम पानी पीते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है। ऐसे में हर कुछ घंटों में ताजा और सामान्य तापमान का पानी देना चाहिए। ज्यादा फैटी फूड से बचें और उनकी शारीरिक गतिविधि के अनुसार ही भोजन दें।
यदि डॉग असामान्य रूप से सुस्त दिखे, खाना-पीना छोड़ दे या लगातार कांपता रहे, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। यह खबर आज की ताज़ा ख़बरें और पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही जानकारी से पालतू कुत्तों को सर्दियों में स्वस्थ और फुर्तीला रखा जा सकता है।
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देश के कई हिस्सों में सर्दी का असर तेज़ हो चुका है और इसका सीधा प्रभाव पालतू जानवरों, खासकर कुत्तों की सेहत पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में डॉग्स की देखभाल को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही कुत्तों को सर्दी, इंफेक्शन और सुस्ती का शिकार बना सकती है। चूंकि पालतू कुत्ते अपनी परेशानी शब्दों में नहीं बता पाते, इसलिए उनकी देखभाल की जिम्मेदारी पूरी तरह मालिकों पर होती है।
पशु चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम में कुत्तों की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। खासतौर पर पपी, बुजुर्ग और शॉर्ट फर वाले डॉग्स को सर्दी ज्यादा प्रभावित करती है। यह सुबह-शाम के समय और खुले इलाकों में ज्यादा देखने को मिलता है।
इसका कारण यह है कि ठंडी हवा, ठंडा फर्श और तापमान में अचानक गिरावट से डॉग्स को जोड़ों में दर्द, खांसी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सर्दियों में डॉग को जरूरत से ज्यादा बाहर न घुमाएं। दिन के समय धूप में थोड़ी देर टहलाना फायदेमंद माना जाता है, लेकिन तापमान गिरने के बाद बाहर छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है।
इसके लिए ऊनी कपड़े और जैकेट कारगर साबित होते हैं। बाहर ले जाते समय डॉग को वॉर्म कपड़े पहनाना चाहिए। यदि घर में केनेल या डॉगहाउस है, तो उसके दरवाजे पर शॉल या मोटा कपड़ा लगाया जा सकता है, ताकि ठंडी हवा सीधे अंदर न जाए। हालांकि, वेंटिलेशन का ध्यान रखना भी जरूरी है।
पशु विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में बार-बार नहलाने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और नहलाने के बाद डॉग के फर को पूरी तरह सुखाएं। गीले फर के साथ बाहर ले जाना बीमारी को न्योता दे सकता है। इसी तरह ठंड में डॉग के बाल शेव करना भी नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि फर ही उन्हें प्राकृतिक रूप से गर्म रखता है।
फर्श और हीटर से जुड़ी सावधानी भी अहम है। ठंडे फर्श पर सोने से कुत्ते जल्दी बीमार पड़ सकते हैं, इसलिए उनके लिए गर्म बिस्तर का इंतजाम जरूरी है। वहीं, रूम हीटर या ब्लोअर के पास डॉग को अकेला छोड़ना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि जलने का खतरा रहता है।
डाइट और पानी का संतुलन, सर्दियों में भी उतना ही जरूरी है। कई डॉग ठंड में कम पानी पीते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है। ऐसे में हर कुछ घंटों में ताजा और सामान्य तापमान का पानी देना चाहिए। ज्यादा फैटी फूड से बचें और उनकी शारीरिक गतिविधि के अनुसार ही भोजन दें।
यदि डॉग असामान्य रूप से सुस्त दिखे, खाना-पीना छोड़ दे या लगातार कांपता रहे, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। यह खबर आज की ताज़ा ख़बरें और पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही जानकारी से पालतू कुत्तों को सर्दियों में स्वस्थ और फुर्तीला रखा जा सकता है।
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