जनरल उपेंद्र द्विवेदी सेवानिवृत्त, जनरल धीरज सेठ बने भारतीय सेना के नए प्रमुख

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करीब चार दशक के सैन्य अनुभव वाले जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला। सेवानिवृत्ति से पहले जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना की उपलब्धियों और ऑपरेशन सिंदूर का विशेष उल्लेख किया

भारतीय सेना में मंगलवार को नेतृत्व परिवर्तन का महत्वपूर्ण दिन रहा। जनरल उपेंद्र द्विवेदी अपने कार्यकाल को पूरा करने के बाद आर्मी चीफ के पद से सेवानिवृत्त हो गए। पद छोड़ने से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने सेना के अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारतीय सेना ने हर चुनौती का मजबूती, संतुलन और पूरी सतर्कता के साथ सामना किया। उनके अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी मोर्चों पर सेना ने अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया और बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप खुद को लगातार तैयार रखा। अपने विदाई संबोधन में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारतीय सेना की रणनीतिक तैयारी, समन्वय और त्वरित कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के तहत सेना की तैनाती पूरी मजबूती के साथ जारी रही, जबकि पश्चिमी मोर्चे पर भी सैनिकों ने अनुशासन और संयम के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उनके मुताबिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति फिलहाल स्थिर जरूर है, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और सीमा पर चौकसी में किसी तरह की कमी नहीं आने दी गई है।

जनरल द्विवेदी ने अपने संबोधन में तीनों सेनाओं के बीच बढ़ते तालमेल को भी भारतीय सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि थल सेना, नौसेना और वायुसेना ने साझा रणनीति, बेहतर समन्वय और आपसी विश्वास के साथ कई अहम जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने इस दौरान जवानों, अधिकारियों और सैन्य नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना की सफलता केवल नेतृत्व की नहीं बल्कि प्रत्येक सैनिक की निष्ठा, समर्पण और अनुशासन का परिणाम होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी भारतीय सेना इसी पेशेवर भावना के साथ देश की सुरक्षा करती रहेगी। सेवानिवृत्ति के साथ ही जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाल लिया। करीब चार दशक के सैन्य अनुभव वाले जनरल सेठ को भारतीय सेना का अनुभवी अधिकारी माना जाता है। उन्होंने दिसंबर 1986 में सेना में कमीशन प्राप्त किया था और अपने लंबे करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आर्मी चीफ बनने से पहले वह उप सेना प्रमुख के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। सैन्य रणनीति, सीमा प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें सेना के वरिष्ठ अधिकारियों में प्रमुख स्थान हासिल रहा है। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी, ऐसी उम्मीद की जा रही है।

जनरल धीरज सेठ सैन्य परंपरा वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल के पद से वर्ष 1997 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने अपने सैन्य करियर में XXI स्ट्राइक कोर और III कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य संरचनाओं की कमान भी संभाली थी। ऐसे माहौल में पले-बढ़े जनरल धीरज सेठ ने भी सेना में लंबी और सफल सेवा दी है। सैन्य जिम्मेदारियों के अलावा उन्हें खेलों में भी गहरी रुचि है। टेनिस और गोल्फ उनके पसंदीदा खेलों में शामिल हैं। उनकी पत्नी का नाम कोमल सेठ है और वे कई सामाजिक एवं सैन्य कल्याण गतिविधियों से भी जुड़ी रही हैं। जनरल धीरज सेठ ऐसे समय में सेना की कमान संभाल रहे हैं जब भारत की सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर सतर्कता बनाए रखने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा, ड्रोन युद्ध और संयुक्त सैन्य अभियानों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नए सेना प्रमुख के सामने पारंपरिक सैन्य तैयारियों के साथ भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सेना को और अधिक सक्षम बनाने की जिम्मेदारी होगी। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पद छोड़ते समय नए सेना प्रमुख के प्रति पूरा विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनरल धीरज सेठ एक अनुभवी सैनिक और सक्षम नेता हैं। उन्हें भरोसा है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए नई उपलब्धियां हासिल करेगी। नेतृत्व परिवर्तन की इस प्रक्रिया को भारतीय सेना की मजबूत संस्थागत व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है, जहां अनुभव, अनुशासन और निरंतरता के साथ जिम्मेदारियों का हस्तांतरण किया जाता है।

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30 Jun 2026 By Vaishnavi.J

जनरल उपेंद्र द्विवेदी सेवानिवृत्त, जनरल धीरज सेठ बने भारतीय सेना के नए प्रमुख

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भारतीय सेना में मंगलवार को नेतृत्व परिवर्तन का महत्वपूर्ण दिन रहा। जनरल उपेंद्र द्विवेदी अपने कार्यकाल को पूरा करने के बाद आर्मी चीफ के पद से सेवानिवृत्त हो गए। पद छोड़ने से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने सेना के अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारतीय सेना ने हर चुनौती का मजबूती, संतुलन और पूरी सतर्कता के साथ सामना किया। उनके अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी मोर्चों पर सेना ने अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया और बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप खुद को लगातार तैयार रखा। अपने विदाई संबोधन में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारतीय सेना की रणनीतिक तैयारी, समन्वय और त्वरित कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के तहत सेना की तैनाती पूरी मजबूती के साथ जारी रही, जबकि पश्चिमी मोर्चे पर भी सैनिकों ने अनुशासन और संयम के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उनके मुताबिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति फिलहाल स्थिर जरूर है, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और सीमा पर चौकसी में किसी तरह की कमी नहीं आने दी गई है।

जनरल द्विवेदी ने अपने संबोधन में तीनों सेनाओं के बीच बढ़ते तालमेल को भी भारतीय सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि थल सेना, नौसेना और वायुसेना ने साझा रणनीति, बेहतर समन्वय और आपसी विश्वास के साथ कई अहम जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने इस दौरान जवानों, अधिकारियों और सैन्य नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना की सफलता केवल नेतृत्व की नहीं बल्कि प्रत्येक सैनिक की निष्ठा, समर्पण और अनुशासन का परिणाम होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी भारतीय सेना इसी पेशेवर भावना के साथ देश की सुरक्षा करती रहेगी। सेवानिवृत्ति के साथ ही जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाल लिया। करीब चार दशक के सैन्य अनुभव वाले जनरल सेठ को भारतीय सेना का अनुभवी अधिकारी माना जाता है। उन्होंने दिसंबर 1986 में सेना में कमीशन प्राप्त किया था और अपने लंबे करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आर्मी चीफ बनने से पहले वह उप सेना प्रमुख के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। सैन्य रणनीति, सीमा प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें सेना के वरिष्ठ अधिकारियों में प्रमुख स्थान हासिल रहा है। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी, ऐसी उम्मीद की जा रही है।

जनरल धीरज सेठ सैन्य परंपरा वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल के पद से वर्ष 1997 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने अपने सैन्य करियर में XXI स्ट्राइक कोर और III कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य संरचनाओं की कमान भी संभाली थी। ऐसे माहौल में पले-बढ़े जनरल धीरज सेठ ने भी सेना में लंबी और सफल सेवा दी है। सैन्य जिम्मेदारियों के अलावा उन्हें खेलों में भी गहरी रुचि है। टेनिस और गोल्फ उनके पसंदीदा खेलों में शामिल हैं। उनकी पत्नी का नाम कोमल सेठ है और वे कई सामाजिक एवं सैन्य कल्याण गतिविधियों से भी जुड़ी रही हैं। जनरल धीरज सेठ ऐसे समय में सेना की कमान संभाल रहे हैं जब भारत की सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर सतर्कता बनाए रखने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा, ड्रोन युद्ध और संयुक्त सैन्य अभियानों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नए सेना प्रमुख के सामने पारंपरिक सैन्य तैयारियों के साथ भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सेना को और अधिक सक्षम बनाने की जिम्मेदारी होगी। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पद छोड़ते समय नए सेना प्रमुख के प्रति पूरा विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनरल धीरज सेठ एक अनुभवी सैनिक और सक्षम नेता हैं। उन्हें भरोसा है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए नई उपलब्धियां हासिल करेगी। नेतृत्व परिवर्तन की इस प्रक्रिया को भारतीय सेना की मजबूत संस्थागत व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है, जहां अनुभव, अनुशासन और निरंतरता के साथ जिम्मेदारियों का हस्तांतरण किया जाता है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/general-upendra-dwivedi-retired-general-dheeraj-seth-becomes-the-new/article-57410

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