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सलकनपुर देवी धाम के प्रबंधन पर विक्रम मस्ताल के सवाल, दान राशि की जांच की मांग
Digital Desk
कांग्रेस नेता और अभिनेता विक्रम मस्ताल ने मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता की मांग उठाई, दान राशि और सुरक्षा व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।
सीहोर जिले के प्रसिद्ध सलकनपुर विजयासन देवी धाम के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। बुधनी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी और अभिनेता विक्रम शर्मा मस्ताल ने मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और दान राशि के उपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया कि मंदिर में आने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे और दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि उनके आरोपों पर मंदिर प्रबंधन या संबंधित प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। विक्रम शर्मा मस्ताल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में धार्मिक संस्थानों से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने सलकनपुर देवी धाम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यहां भी दान राशि और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई सवाल लंबे समय से उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी धार्मिक संस्था में जनता की आस्था से जुड़ा धन आता है तो उसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इसकी जानकारी सार्वजनिक होना आवश्यक है। उन्होंने मंदिर में पहले हुई चोरी की एक घटना का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि मंदिर जैसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर बड़ी चोरी होना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में आखिर कहां चूक हुई और चोरी के मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चोरी में कितनी राशि या सामग्री का नुकसान हुआ और इस संबंध में जनता को अब तक स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। विक्रम मस्ताल ने कहा कि सलकनपुर देवी धाम में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मंदिर में नकद दान, आभूषण और अन्य भेंट अर्पित करते हैं। उनका कहना है कि यह धन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। इसलिए मंदिर की वार्षिक आय, व्यय और विकास कार्यों पर खर्च की जाने वाली राशि का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
उन्होंने मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि लंबे समय से मंदिर के संचालन और प्रबंधन में सीमित लोगों का प्रभाव बना हुआ है और इसमें व्यापक पारदर्शिता दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों का संचालन नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की शंका की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिए जाएं तो विवाद अपने आप समाप्त हो सकते हैं। अपने बयान में विक्रम मस्ताल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने मांग की कि मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, दान राशि के उपयोग और प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि मंदिर की वार्षिक आय और खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं के बीच किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे। सलकनपुर देवी धाम प्रदेश का प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रबंधन को लेकर उठने वाले किसी भी सवाल का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से आरोप लगाए जाते हैं तो उनकी जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। विक्रम मस्ताल ने जिन बिंदुओं को उठाया है, उनकी पुष्टि किसी जांच एजेंसी या सक्षम प्राधिकरण द्वारा नहीं की गई है। दूसरी ओर, मंदिर प्रबंधन की ओर से भी अभी तक इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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सलकनपुर देवी धाम के प्रबंधन पर विक्रम मस्ताल के सवाल, दान राशि की जांच की मांग
Digital Desk
सीहोर जिले के प्रसिद्ध सलकनपुर विजयासन देवी धाम के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। बुधनी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी और अभिनेता विक्रम शर्मा मस्ताल ने मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और दान राशि के उपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया कि मंदिर में आने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे और दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि उनके आरोपों पर मंदिर प्रबंधन या संबंधित प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। विक्रम शर्मा मस्ताल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में धार्मिक संस्थानों से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने सलकनपुर देवी धाम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यहां भी दान राशि और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई सवाल लंबे समय से उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी धार्मिक संस्था में जनता की आस्था से जुड़ा धन आता है तो उसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इसकी जानकारी सार्वजनिक होना आवश्यक है। उन्होंने मंदिर में पहले हुई चोरी की एक घटना का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि मंदिर जैसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर बड़ी चोरी होना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में आखिर कहां चूक हुई और चोरी के मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चोरी में कितनी राशि या सामग्री का नुकसान हुआ और इस संबंध में जनता को अब तक स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। विक्रम मस्ताल ने कहा कि सलकनपुर देवी धाम में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मंदिर में नकद दान, आभूषण और अन्य भेंट अर्पित करते हैं। उनका कहना है कि यह धन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। इसलिए मंदिर की वार्षिक आय, व्यय और विकास कार्यों पर खर्च की जाने वाली राशि का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
उन्होंने मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि लंबे समय से मंदिर के संचालन और प्रबंधन में सीमित लोगों का प्रभाव बना हुआ है और इसमें व्यापक पारदर्शिता दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों का संचालन नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की शंका की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिए जाएं तो विवाद अपने आप समाप्त हो सकते हैं। अपने बयान में विक्रम मस्ताल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने मांग की कि मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, दान राशि के उपयोग और प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि मंदिर की वार्षिक आय और खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं के बीच किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे। सलकनपुर देवी धाम प्रदेश का प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रबंधन को लेकर उठने वाले किसी भी सवाल का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से आरोप लगाए जाते हैं तो उनकी जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। विक्रम मस्ताल ने जिन बिंदुओं को उठाया है, उनकी पुष्टि किसी जांच एजेंसी या सक्षम प्राधिकरण द्वारा नहीं की गई है। दूसरी ओर, मंदिर प्रबंधन की ओर से भी अभी तक इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
