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भारत-पाकिस्तान तक पहुँचा ईरान-इजराइल संघर्ष का असर, सुरक्षा अलर्ट और वैश्विक चिंता गहराई
अंतराष्ट्रीय न्यूज
Narendra Modi ने क्षेत्रीय नेताओं से बात की; Karachi में हिंसा, Jammu and Kashmir में कड़ी पाबंदियां, भारतीयों की सुरक्षा पर फोकस
मध्य-पूर्व में जारी सैन्य टकराव का प्रभाव अब दक्षिण एशिया तक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि भारत के जम्मू-कश्मीर में एहतियातन कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू की गई हैं। भारत सरकार ने क्षेत्रीय हालात की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा और कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है।
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक में विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संभावित क्षेत्रीय प्रभावों की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan और इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से टेलीफोन पर बातचीत कर हालात पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
पाकिस्तान के Karachi में विदेशी दूतावास परिसर के बाहर हुए प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। वहीं भारत में जम्मू-कश्मीर के कई संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। श्रीनगर सहित प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल और संचार नियंत्रण जैसे कदम उठाए गए हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें हजारों छात्र और पेशेवर शामिल हैं। एयरस्पेस बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है और कई यात्री विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को यात्रा स्थिति की नियमित जानकारी लेने की सलाह दी है।
ऊर्जा बाजारों पर भी तनाव का प्रभाव दिखाई दे रहा है। वैश्विक तेल आपूर्ति के महत्वपूर्ण मार्गों पर अनिश्चितता बढ़ने से कीमतों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो ईंधन कीमतों और व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
कूटनीतिक स्तर पर भारत ने संयम और संवाद का समर्थन किया है। विदेश नीति विश्लेषकों का कहना है कि भारत की प्राथमिकता क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका और शांति प्रयासों पर स्थिति निर्भर करेगी।
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