भारत में अग्नि-6 MIRV टेस्ट पर पाकिस्तान की चिंता, जहीर काजमी ने उठाए सवाल

नेशनल डेस्क

By Rohit.P
On

भारत के MIRV अग्नि मिसाइल टेस्ट पर पाकिस्तान ने जताई चिंता। जहीर काजमी ने क्षेत्रीय असंतुलन और वैश्विक रणनीति पर उठाए सवाल।

भारत द्वारा MIRV तकनीक से लैस अग्नि मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद दक्षिण एशिया में रणनीतिक हलचल तेज हो गई है। 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किए गए इस परीक्षण ने न सिर्फ भारत की मिसाइल क्षमता को नई ऊंचाई दी है बल्कि पड़ोसी देशों की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। इसी को लेकर पाकिस्तान के स्ट्रैटजिक प्लान्स डिवीजन के आर्म्स कंट्रोल एडवाइजर जहीर काजमी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि भारत अब ऐसी दिशा में आगे बढ़ चुका है जहां उसकी क्षमताएं वैश्विक स्तर पर किसी भी लक्ष्य को प्रभावित कर सकती हैं और इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया काफी सीमित दिख रही है।

इस परीक्षण में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जो एक ही मिसाइल को कई वारहेड्स के साथ अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता देता है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के अनुसार, परीक्षण सफल रहा और कई पेलोड्स ने हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग निर्धारित लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाया। विशेषज्ञों के मुताबिक यह तकनीक भारत की सामरिक क्षमता को नई दिशा देती है, क्योंकि अब एक ही मिसाइल से कई रणनीतिक ठिकानों को एक साथ प्रभावित किया जा सकता है। यह क्षमता अब तक केवल कुछ चुनिंदा देशों जैसे अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस के पास ही मानी जाती थी।

जहीर काजमी ने इस विकास पर चिंता जताते हुए कहा कि यह सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं बल्कि रणनीतिक संतुलन में बड़ा बदलाव है। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत की बढ़ती अंतरमहाद्वीपीय क्षमता का वास्तविक उद्देश्य क्या है और क्या इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ेगा। उनके अनुसार, पश्चिमी देश अक्सर पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताओं पर सवाल उठाते हैं लेकिन भारत के मामलों में उतनी सख्ती नहीं दिखाई जाती। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की तकनीकें क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को बदल सकती हैं और इससे दक्षिण एशिया में हथियारों की प्रतिस्पर्धा बढ़ने का खतरा रहता है। 

भारत की ओर से हालांकि इस परीक्षण को पूरी तरह वैज्ञानिक और रक्षा तकनीक के विकास का हिस्सा बताया गया है। DRDO अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण देश की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि MIRV क्षमता किसी भी देश की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है, जिससे संभावित खतरे की स्थिति में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
10 May 2026 By Rohit.P

भारत में अग्नि-6 MIRV टेस्ट पर पाकिस्तान की चिंता, जहीर काजमी ने उठाए सवाल

नेशनल डेस्क

भारत द्वारा MIRV तकनीक से लैस अग्नि मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद दक्षिण एशिया में रणनीतिक हलचल तेज हो गई है। 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किए गए इस परीक्षण ने न सिर्फ भारत की मिसाइल क्षमता को नई ऊंचाई दी है बल्कि पड़ोसी देशों की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। इसी को लेकर पाकिस्तान के स्ट्रैटजिक प्लान्स डिवीजन के आर्म्स कंट्रोल एडवाइजर जहीर काजमी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि भारत अब ऐसी दिशा में आगे बढ़ चुका है जहां उसकी क्षमताएं वैश्विक स्तर पर किसी भी लक्ष्य को प्रभावित कर सकती हैं और इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया काफी सीमित दिख रही है।

इस परीक्षण में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जो एक ही मिसाइल को कई वारहेड्स के साथ अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता देता है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के अनुसार, परीक्षण सफल रहा और कई पेलोड्स ने हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग निर्धारित लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाया। विशेषज्ञों के मुताबिक यह तकनीक भारत की सामरिक क्षमता को नई दिशा देती है, क्योंकि अब एक ही मिसाइल से कई रणनीतिक ठिकानों को एक साथ प्रभावित किया जा सकता है। यह क्षमता अब तक केवल कुछ चुनिंदा देशों जैसे अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस के पास ही मानी जाती थी।

जहीर काजमी ने इस विकास पर चिंता जताते हुए कहा कि यह सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं बल्कि रणनीतिक संतुलन में बड़ा बदलाव है। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत की बढ़ती अंतरमहाद्वीपीय क्षमता का वास्तविक उद्देश्य क्या है और क्या इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ेगा। उनके अनुसार, पश्चिमी देश अक्सर पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताओं पर सवाल उठाते हैं लेकिन भारत के मामलों में उतनी सख्ती नहीं दिखाई जाती। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की तकनीकें क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को बदल सकती हैं और इससे दक्षिण एशिया में हथियारों की प्रतिस्पर्धा बढ़ने का खतरा रहता है। 

भारत की ओर से हालांकि इस परीक्षण को पूरी तरह वैज्ञानिक और रक्षा तकनीक के विकास का हिस्सा बताया गया है। DRDO अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण देश की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि MIRV क्षमता किसी भी देश की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है, जिससे संभावित खतरे की स्थिति में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pakistans-concern-over-agni-6-mirv-test-in-india-zaheer-kazmi/article-53055

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.