- Hindi News
- देश विदेश
- मीटर बिल रिचार्ज करने की टेंशन जल्द होगी खत्म, जून से ऐसे मिलेगा पोस्टपेड बिल
मीटर बिल रिचार्ज करने की टेंशन जल्द होगी खत्म, जून से ऐसे मिलेगा पोस्टपेड बिल
नेशनल डेस्क
UPPCL ने प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू की। जून से SMS, WhatsApp और ऐप्स पर मिलेगा बिजली बिल।
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। Prepaid Meter Bill सिस्टम को लेकर UPPCL ने नया अपडेट जारी किया है, जिसके बाद अब प्रीपेड बिजली मीटर को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग की तरफ से साफ कहा गया है कि मई 2026 का बिल अब जून 2026 से उपभोक्ताओं को सीधे फोन पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए रिचार्ज की टेंशन लगभग खत्म मानी जा रही है, क्योंकि बिल अब पहले की तरह तय तारीखों पर भेजा जाएगा।
UPPCL ने अपने आधिकारिक पोस्ट में यह भी बताया है कि उपभोक्ताओं को बिल पाने के लिए अलग-अलग डिजिटल विकल्प दिए जाएंगे। पहले जहां मीटर रीडिंग के बाद घर-घर बिल पहुंचाया जाता था, वहीं अब सिस्टम डिजिटल हो गया है। प्रीपेड मीटर के बढ़ते इस्तेमाल के बाद यह बदलाव जरूरी माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 1 जून से 10 जून के बीच उपभोक्ताओं को उनका बिल मोबाइल पर SMS या WhatsApp के जरिए भेज दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और लोगों को समय पर जानकारी मिलती रहेगी।
अब बात करते हैं कि आखिर उपभोक्ता अपना बिजली बिल कैसे प्राप्त कर सकेंगे। सबसे आसान तरीका SMS बताया गया है। इसके तहत डिस्कॉम की तरफ से सीधे उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जाएगा। अगर किसी को कई मैसेज के बीच अपना बिल ढूंढने में परेशानी हो रही है, तो वह अपने मोबाइल के SMS सर्च में कस्टमर आईडी डालकर संबंधित बिल मैसेज आसानी से खोज सकता है। यह तरीका उन लोगों के लिए काफी उपयोगी रहेगा जो स्मार्टफोन या ऐप्स का इस्तेमाल कम करते हैं।
दूसरा तरीका WhatsApp का है, जिसे UPPCL ने काफी आसान बताया है। इसके लिए अलग-अलग डिस्कॉम के आधिकारिक नंबर जारी किए गए हैं। पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल और केस्को के लिए अलग-अलग नंबर दिए गए हैं। उपभोक्ता को बस अपने डिस्कॉम के नंबर पर “Hi” भेजना होता है। इसके बाद आगे दिए गए विकल्पों में से Electricity Bill चुनना होता है और फिर अपनी कस्टमर आईडी डालनी होती है। इसके बाद पूरा बिल WhatsApp चैट में ही मिल जाता है। यह तरीका खासकर उन लोगों के लिए सुविधाजनक है जो मोबाइल ऐप्स की बजाय मैसेजिंग ऐप ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
तीसरा विकल्प पेमेंट ऐप्स का है, जिसमें PhonePe और Google Pay जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन ऐप्स पर Electricity Bill सेक्शन में जाकर राज्य, डिस्कॉम और कस्टमर आईडी डालकर बिल देखा जा सकता है। यहां से उपभोक्ता सीधे UPI के जरिए भुगतान भी कर सकते हैं। यह तरीका सबसे तेज माना जा रहा है क्योंकि इसमें बिल देखने और भुगतान दोनों की सुविधा एक ही जगह मिल जाती है।
अगर किसी उपभोक्ता को इन सभी तरीकों में दिक्कत आती है, तो चौथा विकल्प 1912 हेल्पलाइन नंबर है। इस नंबर पर कॉल करके ग्राहक सेवा अधिकारी से सीधे बात की जा सकती है। कॉल कनेक्ट होने के बाद उपभोक्ता को अपनी कस्टमर आईडी बतानी होती है और फिर बिल की पूरी जानकारी मिल जाती है। UPPCL का कहना है कि यह हेल्पलाइन उन लोगों के लिए काफी मददगार होगी जो डिजिटल माध्यमों से सहज नहीं हैं।
कुल मिलाकर यह बदलाव बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा सिस्टम अपडेट माना जा रहा है। प्रीपेड मीटर बिल व्यवस्था से पोस्टपेड सिस्टम की तरफ यह शिफ्टिंग आने वाले समय में उपभोक्ताओं के अनुभव को काफी बदल सकती है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मीटर बिल रिचार्ज करने की टेंशन जल्द होगी खत्म, जून से ऐसे मिलेगा पोस्टपेड बिल
नेशनल डेस्क
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। Prepaid Meter Bill सिस्टम को लेकर UPPCL ने नया अपडेट जारी किया है, जिसके बाद अब प्रीपेड बिजली मीटर को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग की तरफ से साफ कहा गया है कि मई 2026 का बिल अब जून 2026 से उपभोक्ताओं को सीधे फोन पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए रिचार्ज की टेंशन लगभग खत्म मानी जा रही है, क्योंकि बिल अब पहले की तरह तय तारीखों पर भेजा जाएगा।
UPPCL ने अपने आधिकारिक पोस्ट में यह भी बताया है कि उपभोक्ताओं को बिल पाने के लिए अलग-अलग डिजिटल विकल्प दिए जाएंगे। पहले जहां मीटर रीडिंग के बाद घर-घर बिल पहुंचाया जाता था, वहीं अब सिस्टम डिजिटल हो गया है। प्रीपेड मीटर के बढ़ते इस्तेमाल के बाद यह बदलाव जरूरी माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 1 जून से 10 जून के बीच उपभोक्ताओं को उनका बिल मोबाइल पर SMS या WhatsApp के जरिए भेज दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और लोगों को समय पर जानकारी मिलती रहेगी।
अब बात करते हैं कि आखिर उपभोक्ता अपना बिजली बिल कैसे प्राप्त कर सकेंगे। सबसे आसान तरीका SMS बताया गया है। इसके तहत डिस्कॉम की तरफ से सीधे उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जाएगा। अगर किसी को कई मैसेज के बीच अपना बिल ढूंढने में परेशानी हो रही है, तो वह अपने मोबाइल के SMS सर्च में कस्टमर आईडी डालकर संबंधित बिल मैसेज आसानी से खोज सकता है। यह तरीका उन लोगों के लिए काफी उपयोगी रहेगा जो स्मार्टफोन या ऐप्स का इस्तेमाल कम करते हैं।
दूसरा तरीका WhatsApp का है, जिसे UPPCL ने काफी आसान बताया है। इसके लिए अलग-अलग डिस्कॉम के आधिकारिक नंबर जारी किए गए हैं। पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल और केस्को के लिए अलग-अलग नंबर दिए गए हैं। उपभोक्ता को बस अपने डिस्कॉम के नंबर पर “Hi” भेजना होता है। इसके बाद आगे दिए गए विकल्पों में से Electricity Bill चुनना होता है और फिर अपनी कस्टमर आईडी डालनी होती है। इसके बाद पूरा बिल WhatsApp चैट में ही मिल जाता है। यह तरीका खासकर उन लोगों के लिए सुविधाजनक है जो मोबाइल ऐप्स की बजाय मैसेजिंग ऐप ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
तीसरा विकल्प पेमेंट ऐप्स का है, जिसमें PhonePe और Google Pay जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन ऐप्स पर Electricity Bill सेक्शन में जाकर राज्य, डिस्कॉम और कस्टमर आईडी डालकर बिल देखा जा सकता है। यहां से उपभोक्ता सीधे UPI के जरिए भुगतान भी कर सकते हैं। यह तरीका सबसे तेज माना जा रहा है क्योंकि इसमें बिल देखने और भुगतान दोनों की सुविधा एक ही जगह मिल जाती है।
अगर किसी उपभोक्ता को इन सभी तरीकों में दिक्कत आती है, तो चौथा विकल्प 1912 हेल्पलाइन नंबर है। इस नंबर पर कॉल करके ग्राहक सेवा अधिकारी से सीधे बात की जा सकती है। कॉल कनेक्ट होने के बाद उपभोक्ता को अपनी कस्टमर आईडी बतानी होती है और फिर बिल की पूरी जानकारी मिल जाती है। UPPCL का कहना है कि यह हेल्पलाइन उन लोगों के लिए काफी मददगार होगी जो डिजिटल माध्यमों से सहज नहीं हैं।
कुल मिलाकर यह बदलाव बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा सिस्टम अपडेट माना जा रहा है। प्रीपेड मीटर बिल व्यवस्था से पोस्टपेड सिस्टम की तरफ यह शिफ्टिंग आने वाले समय में उपभोक्ताओं के अनुभव को काफी बदल सकती है।
