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पतंजलि अनुसंधान संस्थान लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
Digital Desk
Dr. P. D. Sethi National HPTLC Awards 2025 में मिला प्रथम स्थान,यह पुरस्कार मात्र एक सम्मान नहीं, पतंजलि के वैज्ञानिकों की वर्षों की मेहनत, समर्पण और वैज्ञानिक सोच का परिणाम - आचार्य बालकृष्ण
वैज्ञानिक उत्कृष्टता और नवाचार की अपनी निरंतर यात्रा को आगे बढ़ाते हुए, पतंजलि अनुसंधान संस्थान ने एक बार पुनः राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। संस्थान को Dr. P. D. Sethi National HPTLC Awards 2025 में प्राइवेट इंडस्ट्री कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पिछले वर्ष भी संस्थान को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार संस्थान को उनके आंवला (Phyllanthus emblica) के बीज तेल पर किए गए उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए मिला, जिसमें इसके शक्तिशाली एंटी-माइक्रोबियल और बायोफिल्म-रोधी गुणों को उजागर किया गया है।
इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह पुरस्कार मात्र एक सम्मान नहीं, पतंजलि के वैज्ञानिकों की वर्षों की मेहनत, समर्पण और वैज्ञानिक सोच का परिणाम है।
आगे उन्होंने कहा की यह हर उस वैज्ञानिक के समर्पण की जीत है जो प्रतिदिन विश्व को एक सुगम, सुरक्षित और प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
पतंजलि के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने इस अवसर पर बताया कि Dr. P. D. Sethi National HPTLC Awards, देश में एनालिटिकल केमिस्ट्री के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध को पहचान देने वाला एक प्रतिष्ठित मंच है। इस मंच पर लगातार दूसरी बार पुरस्कार प्राप्त करना संस्थान के लिए गर्व का विषय है, और यह संस्थान की सुदृढ़ वैज्ञानिक आधारशिला को दर्शाता है।
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आगे उन्होंने कहा कि आंवला पर किए गए इन्हीं शोध के आधार पर भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा भी संस्थान को पिछले वर्ष 10वें अंतरराष्ट्रीय “Waste to Worth” सम्मेलन एवं 4R Awards 2025 संस्करण में “Award of Merit” से सम्मानित किया गया था।
ज्ञात हो कि आंवला बीज के तेल पर किए गए इन शोधों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। प्रतिष्ठित Elsevier प्रकाशन ने पतंजलि के दोनों शोधों को एक साथ अपने Research Journal, ‘Applied Food Research’ के अंक में भी स्थान दिया था।
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पतंजलि अनुसंधान संस्थान लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
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वैज्ञानिक उत्कृष्टता और नवाचार की अपनी निरंतर यात्रा को आगे बढ़ाते हुए, पतंजलि अनुसंधान संस्थान ने एक बार पुनः राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। संस्थान को Dr. P. D. Sethi National HPTLC Awards 2025 में प्राइवेट इंडस्ट्री कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पिछले वर्ष भी संस्थान को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार संस्थान को उनके आंवला (Phyllanthus emblica) के बीज तेल पर किए गए उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए मिला, जिसमें इसके शक्तिशाली एंटी-माइक्रोबियल और बायोफिल्म-रोधी गुणों को उजागर किया गया है।
इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह पुरस्कार मात्र एक सम्मान नहीं, पतंजलि के वैज्ञानिकों की वर्षों की मेहनत, समर्पण और वैज्ञानिक सोच का परिणाम है।
आगे उन्होंने कहा की यह हर उस वैज्ञानिक के समर्पण की जीत है जो प्रतिदिन विश्व को एक सुगम, सुरक्षित और प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
पतंजलि के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने इस अवसर पर बताया कि Dr. P. D. Sethi National HPTLC Awards, देश में एनालिटिकल केमिस्ट्री के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध को पहचान देने वाला एक प्रतिष्ठित मंच है। इस मंच पर लगातार दूसरी बार पुरस्कार प्राप्त करना संस्थान के लिए गर्व का विषय है, और यह संस्थान की सुदृढ़ वैज्ञानिक आधारशिला को दर्शाता है।
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आगे उन्होंने कहा कि आंवला पर किए गए इन्हीं शोध के आधार पर भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा भी संस्थान को पिछले वर्ष 10वें अंतरराष्ट्रीय “Waste to Worth” सम्मेलन एवं 4R Awards 2025 संस्करण में “Award of Merit” से सम्मानित किया गया था।
ज्ञात हो कि आंवला बीज के तेल पर किए गए इन शोधों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। प्रतिष्ठित Elsevier प्रकाशन ने पतंजलि के दोनों शोधों को एक साथ अपने Research Journal, ‘Applied Food Research’ के अंक में भी स्थान दिया था।
