गोबरा नवापारा थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल निलंबित, अवैध शराब मामले में कार्रवाई

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संदिग्ध भूमिका और लापरवाही के आरोपों के बाद एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा का बड़ा एक्शन

रायपुर ग्रामीण जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश जायसवाल को निलंबित कर दिया गया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने यह कार्रवाई उस समय की है जब थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। पुलिस विभाग के अनुसार मामले में थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, जिसके बाद प्रारंभिक जांच के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।

जानकारी के मुताबिक गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में पिछले कई महीनों से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और विभिन्न माध्यमों से यह जानकारी लगातार वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रही थी कि क्षेत्र के कुछ हिस्सों में खुलेआम शराब का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। इस संबंध में थाना स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश भी समय-समय पर दिए गए थे। इसके बावजूद अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पाया, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।

मामला 29 मई को उस समय सामने आया जब रायपुर ACCU की देहात टीम ने गोबरा नवापारा क्षेत्र में स्थित लल्ला सोनवानी के ढाबे पर छापेमारी की। पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि ढाबे की आड़ में अवैध शराब का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में कथित तौर पर अवैध शराब की बिक्री होते पाए जाने की बात सामने आई। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई की और संबंधित जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई।

बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे थे। यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ लिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार कार्रवाई के दौरान उनका व्यवहार संदिग्ध पाया गया। आरोप है कि उन्होंने आरोपी लल्ला सोनवानी से अलग जाकर एकांत में बातचीत की। इस घटनाक्रम के बाद उनकी भूमिका को लेकर संदेह पैदा हुआ और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।

पुलिस विभाग के अनुसार किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई के दौरान संबंधित अधिकारी से निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी की भूमिका पर संदेह उत्पन्न होता है तो उसकी जांच आवश्यक हो जाती है। इसी आधार पर मामले की प्रारंभिक समीक्षा की गई और प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों को गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया।

रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने आदेश जारी करते हुए दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर ग्रामीण से संबद्ध किया गया है। विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मामले की विस्तृत जांच पूरी होने तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी।

साथ ही पूरे प्रकरण की प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक झा को सौंपी गई है। उन्हें सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण को लेकर थाना स्तर पर क्या प्रयास किए गए थे और कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी की भूमिका क्या रही। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

पुलिस विभाग के भीतर इस कार्रवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ राज्यभर में अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या संदिग्ध भूमिका को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।

गोबरा नवापारा और आसपास के क्षेत्रों में इस कार्रवाई की चर्चा भी तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ था। ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी होती है तो इससे कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

पूरे मामले की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। सात दिन के भीतर आने वाली रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि थाना प्रभारी पर लगे आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस विभाग ने साफ कर दिया है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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30 May 2026 By Vaishnavi.J

गोबरा नवापारा थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल निलंबित, अवैध शराब मामले में कार्रवाई

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रायपुर ग्रामीण जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश जायसवाल को निलंबित कर दिया गया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने यह कार्रवाई उस समय की है जब थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। पुलिस विभाग के अनुसार मामले में थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, जिसके बाद प्रारंभिक जांच के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।

जानकारी के मुताबिक गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में पिछले कई महीनों से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और विभिन्न माध्यमों से यह जानकारी लगातार वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रही थी कि क्षेत्र के कुछ हिस्सों में खुलेआम शराब का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। इस संबंध में थाना स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश भी समय-समय पर दिए गए थे। इसके बावजूद अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पाया, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।

मामला 29 मई को उस समय सामने आया जब रायपुर ACCU की देहात टीम ने गोबरा नवापारा क्षेत्र में स्थित लल्ला सोनवानी के ढाबे पर छापेमारी की। पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि ढाबे की आड़ में अवैध शराब का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में कथित तौर पर अवैध शराब की बिक्री होते पाए जाने की बात सामने आई। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई की और संबंधित जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई।

बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे थे। यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ लिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार कार्रवाई के दौरान उनका व्यवहार संदिग्ध पाया गया। आरोप है कि उन्होंने आरोपी लल्ला सोनवानी से अलग जाकर एकांत में बातचीत की। इस घटनाक्रम के बाद उनकी भूमिका को लेकर संदेह पैदा हुआ और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।

पुलिस विभाग के अनुसार किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई के दौरान संबंधित अधिकारी से निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी की भूमिका पर संदेह उत्पन्न होता है तो उसकी जांच आवश्यक हो जाती है। इसी आधार पर मामले की प्रारंभिक समीक्षा की गई और प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों को गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया।

रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने आदेश जारी करते हुए दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर ग्रामीण से संबद्ध किया गया है। विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मामले की विस्तृत जांच पूरी होने तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी।

साथ ही पूरे प्रकरण की प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक झा को सौंपी गई है। उन्हें सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण को लेकर थाना स्तर पर क्या प्रयास किए गए थे और कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी की भूमिका क्या रही। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

पुलिस विभाग के भीतर इस कार्रवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ राज्यभर में अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या संदिग्ध भूमिका को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।

गोबरा नवापारा और आसपास के क्षेत्रों में इस कार्रवाई की चर्चा भी तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ था। ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी होती है तो इससे कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

पूरे मामले की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। सात दिन के भीतर आने वाली रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि थाना प्रभारी पर लगे आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस विभाग ने साफ कर दिया है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/gobra-navapara-police-station-incharge-deepesh-jaiswal-suspended-action-in/article-54604

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