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पीएम मोदी-जापारोव की मुलाकात, भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी पर जोर
Digital Desk
SCO शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और आर्थिक-वाणिज्यिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव ने बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर चर्चा की और सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर विचार किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में दोनों अर्थव्यवस्थाओं की एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मोदी ने जापारोव से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव से मुलाकात की।
बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और किर्गिस्तान के बीच संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की।
दोनों पक्षों ने भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बातचीत ने दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क के महत्व को भी रेखांकित किया।
रणनीतिक साझेदारी पर जोर
भारत और किर्गिस्तान के बीच लंबे समय से राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध हैं।
रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का महत्वपूर्ण आधार है। ताजा बैठक में मोदी और जापारोव ने मौजूदा संबंधों को आगे बढ़ाने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।
नई दिल्ली और बिश्केक के बीच लगातार उच्चस्तरीय संपर्क मध्य एशिया में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है।
व्यापार सहयोग को बढ़ावा
बैठक में आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग प्रमुख मुद्दों में रहा।
दोनों नेताओं ने दोनों अर्थव्यवस्थाओं की पूरक क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
भारत और किर्गिस्तान के बीच कारोबार तथा व्यावसायिक संपर्क बढ़ाने के लिए नए अवसर तलाशने पर जोर दिया जा रहा है। आर्थिक सहयोग को मजबूत करना दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को भी नई गति दे सकता है।
SCO बना अहम मंच
मोदी और जापारोव की बैठक बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के इतर हुई।
SCO मंच भारत को मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर सीधे संवाद का अवसर देता है।
शिखर सम्मेलन के दौरान होने वाली द्विपक्षीय बैठकें सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डिजिटल सहयोग की संभावना
भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी के विस्तार के साथ उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
डिजिटल कनेक्टिविटी और तकनीक भविष्य में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र बन सकते हैं।
हालांकि, बैठक के बाद जारी जानकारी में किसी नए विशिष्ट डिजिटल समझौते या परियोजना की घोषणा का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इस बैठक के दौरान किसी नए डिजिटल करार का दावा करना उचित नहीं होगा।
रक्षा संबंध भी महत्वपूर्ण
भारत और किर्गिस्तान के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
दोनों देशों के बीच रक्षा आदान-प्रदान और सैन्य सहयोग की परंपरा है। हालांकि, ताजा बैठक से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में किसी नए रक्षा समझौते की घोषणा नहीं की गई है।
इसलिए किसी नई रक्षा पहल या सैन्य समझौते की पुष्टि के लिए अलग से आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
मध्य एशिया पर भारत का फोकस
मोदी-जापारोव बैठक भारत की मध्य एशिया के साथ बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
किर्गिस्तान भारत के लिए मध्य एशिया में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। राजनीतिक संपर्क के साथ आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग को बढ़ाना नई दिल्ली की व्यापक क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा है।
बिश्केक में हुई बैठक का मुख्य परिणाम भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता तथा आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति रही।
आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और अन्य आपसी हित वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं इस साझेदारी को और व्यापक बना सकती हैं।
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