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नारी शक्ति वंदन कानून में बदलाव की तैयारी, मई में होगा संसद का विशेष सत्र
नेशनल न्यूज
केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संशोधन की तैयारी कर रही है। इसके लिए मई में संसद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
केंद्र सरकार महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाने जा रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संशोधन की योजना बनाई जा रही है। इस प्रस्तावित बदलाव को संसद के आगामी विशेष सत्र में पेश किया जाएगा, जिससे कानून को और प्रभावी और व्यावहारिक बनाया जा सके।
मई में दो दिन का विशेष सत्र प्रस्तावित
सरकार ने संकेत दिए हैं कि मई महीने में संसद का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य संशोधन विधेयक को पेश करना और उसे पारित कराना होगा। मौजूदा बजट सत्र 2 अप्रैल को स्थगित होने वाला है और उससे पहले सरकार इस विशेष सत्र की औपचारिक जानकारी सदन में दे सकती है।
क्या है मौजूदा कानून का प्रावधान
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। यह कानून देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना गया है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
संशोधन की जरूरत क्यों महसूस हुई
सरकार का मानना है कि कानून के मौजूदा प्रावधानों को और अधिक स्पष्ट और लागू करने योग्य बनाने की आवश्यकता है। सूत्रों के अनुसार, कुछ तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं में बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए और इसका लाभ वास्तविक रूप से महिलाओं तक पहुंचे।
राजनीतिक और सामाजिक महत्व
इस प्रस्तावित संशोधन को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। इससे महिलाओं की भागीदारी को मजबूती मिलेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में संतुलन बेहतर होगा। सामाजिक स्तर पर भी यह बदलाव महिलाओं को नेतृत्व के नए अवसर प्रदान कर सकता है।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी
विशेष सत्र के दौरान विधेयक पेश किया जाएगा और दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि यह प्रक्रिया तेजी से पूरी हो, ताकि आगामी चुनावों में इसका प्रभाव दिखाई दे सके।
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नारी शक्ति वंदन कानून में बदलाव की तैयारी, मई में होगा संसद का विशेष सत्र
नेशनल न्यूज
केंद्र सरकार महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाने जा रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संशोधन की योजना बनाई जा रही है। इस प्रस्तावित बदलाव को संसद के आगामी विशेष सत्र में पेश किया जाएगा, जिससे कानून को और प्रभावी और व्यावहारिक बनाया जा सके।
मई में दो दिन का विशेष सत्र प्रस्तावित
सरकार ने संकेत दिए हैं कि मई महीने में संसद का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य संशोधन विधेयक को पेश करना और उसे पारित कराना होगा। मौजूदा बजट सत्र 2 अप्रैल को स्थगित होने वाला है और उससे पहले सरकार इस विशेष सत्र की औपचारिक जानकारी सदन में दे सकती है।
क्या है मौजूदा कानून का प्रावधान
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। यह कानून देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना गया है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
संशोधन की जरूरत क्यों महसूस हुई
सरकार का मानना है कि कानून के मौजूदा प्रावधानों को और अधिक स्पष्ट और लागू करने योग्य बनाने की आवश्यकता है। सूत्रों के अनुसार, कुछ तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं में बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए और इसका लाभ वास्तविक रूप से महिलाओं तक पहुंचे।
राजनीतिक और सामाजिक महत्व
इस प्रस्तावित संशोधन को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। इससे महिलाओं की भागीदारी को मजबूती मिलेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में संतुलन बेहतर होगा। सामाजिक स्तर पर भी यह बदलाव महिलाओं को नेतृत्व के नए अवसर प्रदान कर सकता है।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी
विशेष सत्र के दौरान विधेयक पेश किया जाएगा और दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि यह प्रक्रिया तेजी से पूरी हो, ताकि आगामी चुनावों में इसका प्रभाव दिखाई दे सके।
