- Hindi News
- देश विदेश
- थलापति विजय बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, शपथ समारोह में दिखा शक्ति प्रदर्शन
थलापति विजय बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, शपथ समारोह में दिखा शक्ति प्रदर्शन
नेशनल डेस्क
टीवीके प्रमुख थलापति विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कांग्रेस, लेफ्ट और सहयोगी दलों के समर्थन से बनी सरकार।
तमिलनाडु की राजनीति में रविवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब टीवीके प्रमुख और अभिनेता थलापति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुबह से ही स्टेडियम के बाहर विजय समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। कई लोग पार्टी के झंडे और विजय की तस्वीरें लेकर पहुंचे थे। समारोह के दौरान “थलापति… थलापति…” के नारे लगातार गूंजते रहे। विजय सरकार के गठन के साथ ही राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री बनने तक का सफर हालांकि आसान नहीं रहा। 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद से ही तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज हो गई थी। टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई। ऐसे में विजय लगातार सहयोगी दलों से बातचीत करते रहे। 6 मई को कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के साथ वह पहली बार राज्यपाल से मिले थे, लेकिन जरूरी संख्या पूरी नहीं होने पर उन्हें इंतजार करने को कहा गया। अगले दिन लेफ्ट पार्टियों CPI और CPI(M) के समर्थन के बाद फिर मुलाकात हुई, मगर तब भी आंकड़ा कम पड़ गया। इस दौरान चेन्नई में राजनीतिक बैठकों का दौर देर रात तक चलता रहा। टीवी चैनलों से लेकर सोशल मीडिया तक बस इसी चर्चा ने जगह बना ली थी कि क्या विजय सरकार बना पाएंगे।
8 मई को हालात अचानक बदले जब VCK ने समर्थन के संकेत दिए। हालांकि देर रात तक औपचारिक पुष्टि नहीं होने से मामला फिर अटक गया था। आखिरकार 9 मई को IUML और VCK ने आधिकारिक तौर पर समर्थन दे दिया। इसके बाद विजय 121 विधायकों का समर्थन पत्र लेकर राजभवन पहुंचे। बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत थी। राज्यपाल ने दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे दिया। बताया जा रहा है कि राजभवन से बाहर निकलते ही विजय ने अपने करीबी नेताओं से लंबी चर्चा की और देर रात मंत्रिमंडल की रूपरेखा तय हुई।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद रहे। मंच पर विजय काफी भावुक नजर आए। शपथ के बाद उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। उनके समर्थकों ने इसे “रील से रियल हीरो बनने का दिन” बताया। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को नई चुनौती दी है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
थलापति विजय बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, शपथ समारोह में दिखा शक्ति प्रदर्शन
नेशनल डेस्क
तमिलनाडु की राजनीति में रविवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब टीवीके प्रमुख और अभिनेता थलापति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुबह से ही स्टेडियम के बाहर विजय समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। कई लोग पार्टी के झंडे और विजय की तस्वीरें लेकर पहुंचे थे। समारोह के दौरान “थलापति… थलापति…” के नारे लगातार गूंजते रहे। विजय सरकार के गठन के साथ ही राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री बनने तक का सफर हालांकि आसान नहीं रहा। 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद से ही तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज हो गई थी। टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई। ऐसे में विजय लगातार सहयोगी दलों से बातचीत करते रहे। 6 मई को कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के साथ वह पहली बार राज्यपाल से मिले थे, लेकिन जरूरी संख्या पूरी नहीं होने पर उन्हें इंतजार करने को कहा गया। अगले दिन लेफ्ट पार्टियों CPI और CPI(M) के समर्थन के बाद फिर मुलाकात हुई, मगर तब भी आंकड़ा कम पड़ गया। इस दौरान चेन्नई में राजनीतिक बैठकों का दौर देर रात तक चलता रहा। टीवी चैनलों से लेकर सोशल मीडिया तक बस इसी चर्चा ने जगह बना ली थी कि क्या विजय सरकार बना पाएंगे।
8 मई को हालात अचानक बदले जब VCK ने समर्थन के संकेत दिए। हालांकि देर रात तक औपचारिक पुष्टि नहीं होने से मामला फिर अटक गया था। आखिरकार 9 मई को IUML और VCK ने आधिकारिक तौर पर समर्थन दे दिया। इसके बाद विजय 121 विधायकों का समर्थन पत्र लेकर राजभवन पहुंचे। बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत थी। राज्यपाल ने दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे दिया। बताया जा रहा है कि राजभवन से बाहर निकलते ही विजय ने अपने करीबी नेताओं से लंबी चर्चा की और देर रात मंत्रिमंडल की रूपरेखा तय हुई।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद रहे। मंच पर विजय काफी भावुक नजर आए। शपथ के बाद उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। उनके समर्थकों ने इसे “रील से रियल हीरो बनने का दिन” बताया। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को नई चुनौती दी है।
