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ट्रंप का दावा- 3 नवंबर के बाद तुरंत खत्म हो जाएगा ईरान युद्ध
Digital Desk
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि 3 नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद ईरान युद्ध खत्म हो जाएगा, जबकि संघर्ष तेज होने के साथ कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध 3 नवंबर 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद समाप्त हो जाएगा। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य और आर्थिक दबाव के कारण ईरान अब लंबे समय तक संघर्ष जारी रखने की स्थिति में नहीं रहेगा।
ट्रंप ने बुधवार को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज से डलास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में यह दावा किया। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आ सकती है।
हालांकि, ट्रंप का यह बयान फिलहाल एक राजनीतिक और रणनीतिक अनुमान है। युद्ध के खत्म होने की कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है और संघर्ष सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है।
चुनाव के बाद युद्ध खत्म होने का दावा
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उनका मानना है कि नवंबर के चुनाव के तुरंत बाद युद्ध समाप्त हो जाएगा, क्योंकि ईरान अब ज्यादा समय तक दबाव नहीं झेल सकता।
उन्होंने तेहरान पर अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने के लिए संघर्ष को लंबा खींचने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। ट्रंप के मुताबिक, ईरानी नेतृत्व अमेरिका में अलग राजनीतिक परिणाम चाहता है।
ट्रंप इससे पहले भी युद्ध को जल्दी समाप्त होने की उम्मीद जता चुके हैं, लेकिन महीनों बाद भी सैन्य संघर्ष जारी है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 3 नवंबर 2026 को होने हैं। ऐसे में युद्ध को चुनाव के बाद समाप्त करने का ट्रंप का दावा घरेलू राजनीति से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
फिलहाल बातचीत की योजना नहीं
ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान के साथ बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका प्रशासन नई औपचारिक वार्ता शुरू करने की दिशा में सक्रिय प्रयास नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बातचीत संभव हो सकती है, लेकिन इस समय यह प्रशासन की प्राथमिकता नहीं है।
इससे संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन की तत्काल रणनीति सैन्य और आर्थिक दबाव बनाए रखने पर केंद्रित है, न कि तत्काल कूटनीतिक वार्ता बहाल करने पर।
पहले भी दोनों देशों के बीच समझौते की कोशिशें हुई हैं, लेकिन वे स्थायी समाधान तक नहीं पहुंच सकीं।
होर्मुज में बढ़ा तनाव
ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव बढ़ गया है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ईरान ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा उसके पांच तेल टैंकरों को नष्ट किए जाने के बाद उसने जलमार्ग के आसपास 10 जहाजों को निशाना बनाया। वहीं, अमेरिका ने अपने जहाजों पर हमले से जुड़े ईरानी दावों को खारिज किया है।
दोनों देशों के बीच चेतावनियों और सैन्य कार्रवाई के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
तेल की कीमत 100 डॉलर पार
युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। जुलाई के बाद यह पहली बार था जब कीमत इस स्तर से ऊपर गई।
तेल बाजार में तेजी की प्रमुख वजह होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।
ट्रंप ने कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में उल्लेखनीय कमी हो सकती है।
ऊर्जा कीमतों में उछाल ने महंगाई और आम लोगों की जीवन-यापन लागत को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
चुनाव से पहले राजनीतिक दबाव
ट्रंप का यह दावा अमेरिका में राजनीतिक रूप से संवेदनशील समय में आया है। लंबे समय से चल रहे संघर्ष और बढ़ती ऊर्जा कीमतों ने प्रशासन पर दबाव बढ़ाया है।
रॉयटर्स की रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप की लोकप्रियता भी हाल के समय में दबाव में रही है। ऐसे में नवंबर का मध्यावधि चुनाव उनके प्रशासन और रिपब्लिकन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।
ट्रंप ने अपने हालिया बयानों में युद्ध, तेल की कीमतों और घरेलू राजनीति को एक-दूसरे से जोड़कर पेश किया है।
ईरान पर दबाव जारी
ट्रंप का कहना है कि ईरान लंबे समय तक अमेरिकी दबाव का सामना नहीं कर पाएगा। वह लगातार यह भी कहते रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
हालांकि, अभी ऐसा कोई सार्वजनिक रूप से पुष्ट संकेत नहीं है कि ईरान ने ट्रंप द्वारा बताई गई युद्ध समाप्ति की समयसीमा स्वीकार की हो।
सैन्य कार्रवाई जारी रहने और होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ने से दोनों देशों के बीच संभावित समझौते की राह और जटिल हो गई है।
3 नवंबर के बाद क्या होगा?
ट्रंप ने युद्ध खत्म होने की संभावित तारीख को 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद से जोड़ दिया है। लेकिन युद्ध की वास्तविक दिशा कई परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
सैन्य घटनाक्रम, ईरान की प्रतिक्रिया, अमेरिकी दबाव, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और भविष्य में कूटनीतिक बातचीत की संभावना अहम भूमिका निभाएगी।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच टकराव जारी है। ट्रंप ने बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है, लेकिन तत्काल नई वार्ता को अपनी प्राथमिकता नहीं बताया है।
यदि इससे पहले कोई बड़ा कूटनीतिक समझौता नहीं होता, तो 3 नवंबर का चुनाव ट्रंप के ईरान युद्ध समाप्त करने के दावे का महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक पड़ाव बन जाएगा।
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