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ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा BRICS के लिए दिल्ली पहुंचे
Digital Desk
ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। भारत और ब्राजील के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा 18वें BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं। भारत 12 और 13 सितंबर को इस उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक सहयोग, व्यापार, विकास, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
विएरा के दिल्ली पहुंचने के साथ BRICS Summit में भाग लेने वाले विदेशी नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी बढ़ गई है। भारत और ब्राजील के बीच भी हाल के वर्षों में आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर रहा है।
ब्राजील के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2026 के पहले सात महीनों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 32.9 प्रतिशत अधिक है।
माउरो विएरा नई दिल्ली पहुंचे
माउरो विएरा का नई दिल्ली पहुंचना भारत की मेजबानी में हो रहे BRICS सम्मेलन में ब्राजील की उच्चस्तरीय भागीदारी को दर्शाता है।
विएरा एक अनुभवी राजनयिक हैं। वह अर्जेंटीना, अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र और क्रोएशिया में ब्राजील के राजदूत के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। जनवरी 2023 से वह ब्राजील के विदेश मंत्री हैं।
BRICS के भीतर ब्राजील की प्राथमिकताओं और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भारत कर रहा 18वें BRICS Summit की मेजबानी
नई दिल्ली में 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब BRICS में शामिल उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक सहयोग बढ़ाने और वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अपनी भूमिका मजबूत करने पर जोर दे रही हैं।
भारत ने अपनी अंतरराष्ट्रीय प्राथमिकताओं में ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया है। ऐसे में सम्मेलन में विकास, आर्थिक सहयोग और वैश्विक शासन से जुड़े मुद्दे प्रमुख चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
भारत-ब्राजील व्यापार में तेजी
भारत और ब्राजील के बीच आर्थिक संबंधों में हाल के समय में मजबूती देखी गई है।
ब्राजील के Ministry of Development, Industry, Foreign Trade and Services के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 15.2 अरब डॉलर रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 25.4 प्रतिशत अधिक था।
2025 में ब्राजील से भारत को निर्यात करीब 6.86 अरब डॉलर रहा। वहीं, 2026 के पहले सात महीनों में द्विपक्षीय व्यापार 10.1 अरब डॉलर और ब्राजील का भारत को निर्यात 5.89 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
व्यापार और निवेश पर रहेगा जोर
भारत-ब्राजील संबंधों में व्यापार के विस्तार और निवेश सहयोग को महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है।
दोनों देश बाजार पहुंच, व्यापार बाधाओं, निवेश को बढ़ावा देने और India-MERCOSUR Preferential Trade Agreement के विस्तार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते रहे हैं।
निवेश संबंधों को 2020 में नई दिल्ली में हस्ताक्षरित India-Brazil Agreement on Cooperation and Facilitation of Investments से भी समर्थन मिला है। यह समझौता अक्टूबर 2025 में ब्राजील में लागू हुआ।
Critical Minerals पर बढ़ रहा सहयोग
भारत और ब्राजील के संबंध अब पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं।
2026 में दोनों देशों के बीच rare earth elements और critical minerals के क्षेत्र में सहयोग से जुड़ा समझौता दर्ज किया गया। रणनीतिक खनिजों की बढ़ती मांग और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा को देखते हुए यह क्षेत्र दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
BRICS के भीतर भी आर्थिक मजबूती और रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर सहयोग पर चर्चा बढ़ रही है।
BRICS में ब्राजील की अहम भूमिका
ब्राजील BRICS समूह के मूल सदस्यों में शामिल है। भारत, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ ब्राजील ने समूह के शुरुआती स्वरूप को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
माउरो विएरा इससे पहले भी BRICS से जुड़े उच्चस्तरीय कार्यक्रमों में ब्राजील का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2024 में कजान में हुए BRICS Summit में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मामलों और वैश्विक चुनौतियों पर समूह की चर्चाओं में भाग लिया था।
नई दिल्ली में उनकी मौजूदगी ब्राजील की दीर्घकालिक BRICS भागीदारी और उसके कूटनीतिक एजेंडे को रेखांकित करती है।
ग्लोबल साउथ पर रहेगा फोकस
विदेशी प्रतिनिधियों के नई दिल्ली पहुंचने के साथ अब सभी की नजरें 18वें BRICS Summit की औपचारिक चर्चाओं पर हैं।
भारत और ब्राजील के लिए यह सम्मेलन द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ व्यापक वैश्विक मुद्दों पर समन्वय का अवसर भी देगा।
वहीं, BRICS के लिए यह बैठक उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका की मांग को आगे बढ़ाने का मंच बन सकती है।
माउरो विएरा का दिल्ली आगमन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल ब्राजील की BRICS Summit में भागीदारी को मजबूत करता है, बल्कि भारत-ब्राजील साझेदारी में व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग की बढ़ती अहमियत को भी सामने लाता है।
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