अमेरिका-ईरान निर्वासन मामला: तेहरान के कहने पर ICE ने बदली उड़ान सूची

Sandeep Patel

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सामने आए ईमेल के अनुसार ICE ने ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर निर्वासन उड़ानों की यात्री सूची में तेहरान के अनुरोध पर बदलाव किए।

हाल ही में सामने आए ईमेल से कथित तौर पर पता चलता है कि अमेरिकी आव्रजन एजेंसी ICE ने ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर निर्वासन उड़ानों की सूची में तेहरान के अनुरोध पर बदलाव किए।

ICE ने ईरान से किया समन्वय

अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) के अधिकारियों ने 100 से अधिक ईरानी नागरिकों के निर्वासन की व्यवस्था के दौरान ईरानी अधिकारियों के साथ सीधे संपर्क बनाए रखा।

हाल ही में सामने आए आंतरिक ईमेल के अनुसार, ICE ने तीन प्रत्यावर्तन उड़ानों के लिए ईरानी प्रतिनिधियों के साथ समन्वय किया। ये रिकॉर्ड नेशनल ईरानी अमेरिकन काउंसिल (NIAC) ने हासिल किए और द इंटरसेप्ट तथा एसोसिएटेड प्रेस ने इनकी रिपोर्ट की।

यह खुलासा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच राजनीतिक संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाया है।

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तेहरान ने सूची में बदलाव मांगे

ईमेल से कथित तौर पर पता चलता है कि ईरानी प्रतिनिधियों ने निर्वासन उड़ानों की यात्री सूची में अंतिम समय में बदलाव करने का अनुरोध किया।

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एक ईमेल में एक अज्ञात ICE अधिकारी ने लिखा कि ईरानी दूतावास के अनुरोध पर कुछ अतिरिक्त मामलों को सूची में शामिल किया गया और पहले से तैयार सूची में बदलाव कर निर्वासन प्रक्रिया को तेज किया गया।

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पत्राचार से संकेत मिलता है कि ईरानी अधिकारियों ने व्यक्तिगत मामलों को लेकर ICE कर्मचारियों से सीधे बातचीत की और उड़ान रवाना होने से कुछ समय पहले यात्रियों के नामों में बदलाव का अनुरोध किया।

कतर ने उड़ानों में मदद की

रिपोर्ट के अनुसार, इन चार्टर उड़ानों की व्यवस्था में कतर ने भी भूमिका निभाई। उड़ानें दोहा के रास्ते संचालित की गईं।

रिकॉर्ड में ICE अधिकारियों के ऐसे लोगों से संपर्क का उल्लेख है, जिन्हें “ईरानी दूतावास के निदेशक” और अमेरिका में मौजूद “ईरानी प्रतिनिधिमंडल” के सदस्य बताया गया।

हवाई क्षेत्र बंद होने की आशंका और यात्रा दस्तावेज जारी होने में देरी जैसी लॉजिस्टिक चुनौतियों के बावजूद अमेरिकी अधिकारियों ने निर्वासन उड़ानों को प्राथमिकता दी।

हिरासत में रखे लोगों ने उठाए सवाल

रिकॉर्ड में कुछ ईरानी नागरिकों को निर्वासित किए जाने से पहले उनकी हिरासत और प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम एक व्यक्ति को गलती से उड़ान की यात्री सूची में शामिल कर दिया गया था। अमेरिकी संघीय अदालत में दायर कानूनी घोषणाओं में कुछ हिरासत में लिए गए लोगों ने यह भी कहा कि ICE की हिरासत में रहते हुए उन्हें ईरानी सरकारी प्रतिनिधियों से मिलने के लिए कहा गया।

इन खुलासों ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या हिरासत में रखे गए लोगों को पर्याप्त कानूनी और सुरक्षा संबंधी संरक्षण मिला और क्या ईरानी अधिकारियों की भागीदारी ने सामान्य निर्वासन प्रक्रिया को प्रभावित किया।

अधिकार समूहों ने जताई चिंता

आव्रजन अधिकार संगठनों और ईरानी-अमेरिकी समूहों ने कथित समन्वय की आलोचना की है।

नेशनल ईरानी अमेरिकन काउंसिल के अध्यक्ष जमाल अब्दी ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि इन खुलासों से ऐसा लगता है कि प्राथमिकता हर संभव तरीके से अधिक से अधिक लोगों को अमेरिका से बाहर भेजना थी।

मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि अमेरिका में रह रहे कुछ ईरानी नागरिकों ने राजनीतिक उत्पीड़न या ईरान लौटने पर संभावित खतरे के आधार पर शरण या अन्य सुरक्षा की मांग की हो सकती है।

ईरानी प्रतिनिधियों की कथित भूमिका ने शरण चाहने वालों और असंतुष्टों के साथ अमेरिकी प्रशासन के व्यवहार को लेकर व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव जारी

निर्वासन की यह प्रक्रिया अमेरिका और ईरान के बीच गंभीर तनाव के बीच हुई।

दोनों देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लंबे समय से आमने-सामने हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

ऐसे माहौल में ICE अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच सीधा परिचालन स्तर का संपर्क असामान्य दिखाई देता है।

रिकॉर्ड से संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक दुश्मनी के बावजूद निर्वासन से जुड़े मामलों में अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच व्यावहारिक संपर्क बना रहा।

निर्वासन नीति पर बढ़े सवाल

इन खुलासों के बाद अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की ईरानी नागरिकों को निर्वासित करने की नीति को लेकर बहस तेज हो सकती है।

मुख्य सवाल यह हैं कि ईरानी प्रतिनिधियों को व्यक्तिगत मामलों में क्यों शामिल किया गया, यात्री सूचियों में बदलाव कैसे किए गए और हिरासत में रखे गए लोगों को पूरी प्रक्रिया के दौरान पर्याप्त कानूनी सुरक्षा मिली या नहीं।

रिपोर्ट प्रकाशित होने तक अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने सामने आए ईमेल पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

उपलब्ध रिकॉर्ड यह साबित नहीं करते कि हर निर्वासन प्रक्रिया में गलत आचरण हुआ। हालांकि, वे अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच सीधे परिचालन समन्वय का संकेत देते हैं और निर्वासन प्रक्रिया की पारदर्शिता, कानूनी प्रक्रिया तथा हिरासत में रखे गए लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हैं।

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