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IGKV पेपर लीक: एंटोमोलॉजी परीक्षा रद्द, जांच के लिए कमेटी गठित
Sandeep Patel
रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एंटोमोलॉजी परीक्षा पेपर लीक की शिकायत के बाद रद्द कर दी गई। सीएम विष्णु देव साय ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत के बाद रद्द कर दी गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
परीक्षा से पहले वायरल हुआ पेपर
छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कृषि कीट विज्ञान (एंटोमोलॉजी) परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत के बाद रद्द कर दिया गया। परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होनी थी।
रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र की तस्वीरें व्हाट्सऐप समूहों में प्रसारित होने लगी थीं। विश्वविद्यालय को सुबह शिकायत मिलने के बाद मामले की जानकारी सामने आई।
70 फीसदी सवालों का मिलान
विश्वविद्यालय से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र वास्तविक प्रश्नपत्र से पूरी तरह समान नहीं था, लेकिन उसके करीब 70 फीसदी सवाल वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते पाए गए।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
यह परीक्षा एईएनटी-221 के तहत ‘फसलों और संग्रहित अनाज में कीट प्रबंधन-1 (रबी फसलें)’ विषय से संबंधित थी।
1200 छात्र हुए प्रभावित
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा में राज्य के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी शामिल होने वाले थे। पेपर रद्द होने के बाद इन छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी।
विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को परीक्षा की नई तारीख से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक सूचनाओं और अपने संबंधित कॉलेजों से संपर्क में रहने की सलाह दी है।
पांच सदस्यीय जांच समिति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति यह पता लगाएगी कि प्रश्नपत्र कहां से बाहर आया, किस माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचा और इसमें किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
रिपोर्ट सामने आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, कुछ राष्ट्रीय रिपोर्टों में विश्वविद्यालय की जांच समिति को चार सदस्यीय बताया गया है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देश पर पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसलिए समिति की अंतिम संरचना की पुष्टि विश्वविद्यालय या सरकार के आधिकारिक आदेश से होना बाकी है।
परीक्षा सितंबर में दोबारा
विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों को जारी परिपत्र के अनुसार, रद्द की गई परीक्षा सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द करने के आधिकारिक कारण के रूप में “प्रशासनिक कारण” का उल्लेख किया है, जबकि अधिकारियों ने प्रश्नपत्र लीक की शिकायत और वायरल पेपर में वास्तविक प्रश्नों की समानता की जानकारी दी है।
नई परीक्षा की सटीक तारीख विश्वविद्यालय की ओर से आधिकारिक रूप से घोषित की जानी है।
मुख्यमंत्री ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
मामले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार को घटनाक्रम की जानकारी है और जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर जांच समिति गठित की है और मामले की जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के भविष्य पर सवाल
पेपर लीक की घटना ने परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को अब दोबारा परीक्षा देनी होगी, जबकि जांच पूरी होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय की व्यवस्था के किस स्तर से बाहर पहुंचा।
इस मामले में जांच समिति की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। इससे न केवल पेपर लीक के स्रोत का पता चल सकेगा, बल्कि यह भी स्पष्ट हो सकता है कि परीक्षा प्रक्रिया में सुरक्षा संबंधी किस स्तर पर चूक हुई।
फिलहाल विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर दी है और दोबारा परीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में कराने की तैयारी है। सरकार की ओर से दोषियों की पहचान होने पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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