- Hindi News
- टॉप न्यूज़
- TV एंकर से Trump की ‘Gatekeeper’ तक: Natalie Harp राष्ट्रपति के Inner Circle में कैसे पहुंचीं?
TV एंकर से Trump की ‘Gatekeeper’ तक: Natalie Harp राष्ट्रपति के Inner Circle में कैसे पहुंचीं?
Sandeep Patel
कुछ वर्ष पहले तक अमेरिकी राजनीति में लगभग अनजान रहीं नैटली हार्प आज राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर बैठती हैं और लगभग हर महत्वपूर्ण यात्रा में डोनाल्ड ट्रंप के साथ दिखाई देती हैं। आखिर उन्होंने राष्ट्रपति का इतना विश्वास कैसे हासिल किया?
अमेरिकी राष्ट्रपति से सीधे संपर्क करना आसान नहीं होता। किसी विदेशी नेता का संदेश पहले राजनयिक अधिकारियों, राष्ट्रीय सुरक्षा दल और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारियों से होकर गुजरता है।
लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में कथित रूप से एक दूसरा रास्ता भी है।
हाल की अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ विदेशी नेताओं के कार्यालय जब ट्रंप से सीधे संपर्क नहीं कर पाते तो राष्ट्रपति की 35 वर्षीय कार्यकारी सहायक नैटली हार्प को संदेश भेजते हैं।
हार्प कोई विदेश नीति विशेषज्ञ, निर्वाचित नेता या लंबे अनुभव वाली सरकारी अधिकारी नहीं हैं। कुछ वर्ष पहले तक वह एक दक्षिणपंथी अमेरिकी समाचार चैनल की प्रस्तोता थीं। आज वह राष्ट्रपति के ओवल कार्यालय के बाहर बैठती हैं, ट्रंप के साथ हवाई यात्राएं करती हैं और उन चुनिंदा लोगों में गिनी जाती हैं जो यह प्रभावित कर सकते हैं कि राष्ट्रपति तक कौन-सी खबर और किस व्यक्ति का संदेश पहुंचेगा।
इतने कम समय में एक पूर्व टेलीविजन प्रस्तोता अमेरिकी राष्ट्रपति की सबसे करीबी मंडली तक कैसे पहुंच गईं?
इसका उत्तर एक गंभीर बीमारी, एक टेलीविजन साक्षात्कार और डोनाल्ड ट्रंप की खबरें पढ़ने की विशेष आदत से शुरू होता है।
कौन हैं नैटली हार्प?
नैटली हार्प अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की रहने वाली हैं। उन्होंने प्वाइंट लोमा नाजरीन विश्वविद्यालय से स्नातक और लिबर्टी विश्वविद्यालय से व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है।
उनके पास राजनीति, विदेश नीति या सरकारी प्रशासन में काम करने का लंबा अनुभव नहीं था। राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें पहली पहचान भी किसी चुनाव अभियान या राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि कैंसर से अपने संघर्ष के कारण मिली।
हार्प ने बताया था कि वह हड्डियों के कैंसर से जूझ चुकी हैं और इलाज के दौरान उन्हें एक गंभीर चिकित्सकीय गलती का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव ने उन्हें अमेरिका के ‘राइट टू ट्राई’ कानून का मुखर समर्थक बना दिया।
यह कानून गंभीर या जानलेवा बीमारी से पीड़ित पात्र मरीजों को कुछ शर्तों के साथ ऐसे प्रायोगिक उपचार प्राप्त करने का रास्ता देता है जिन्हें अभी पूरी सरकारी स्वीकृति नहीं मिली हो।
एक साक्षात्कार ने बदल दी नैटली हार्प की जिंदगी
वर्ष 2019 में हार्प अमेरिकी समाचार चैनल फॉक्स न्यूज़ पर दिखाई दीं और उन्होंने सार्वजनिक रूप से डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद किया।
हार्प का दावा था कि ट्रंप के हस्ताक्षर वाले ‘राइट टू ट्राई’ कानून ने उन्हें ऐसा उपचार पाने का अवसर दिया, जिसने उनकी जान बचाने में सहायता की।
यह साक्षात्कार डोनाल्ड ट्रंप की नजर में आया।
इसके बाद हार्प को ट्रंप से मिलने और उनकी स्वास्थ्य नीति के समर्थन में सार्वजनिक कार्यक्रमों में बोलने का अवसर मिलने लगा। वर्ष 2020 में वह ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के सलाहकार मंडल से जुड़ीं और रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में भी भाषण दिया।
यही उनकी यात्रा का पहला बड़ा मोड़ था। वह एक मरीज और ट्रंप समर्थक से उनके चुनाव अभियान का सार्वजनिक चेहरा बन गईं।
हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों ने बाद में हार्प के दावे की समयरेखा पर सवाल उठाए। विशेषज्ञों का कहना था कि यह स्पष्ट नहीं है कि जिस उपचार का हार्प उल्लेख कर रही थीं, वह वास्तव में ‘राइट टू ट्राई’ कानून के कारण ही उपलब्ध हुआ था।
इसलिए यह स्थापित तथ्य नहीं है कि ट्रंप की नीति ने उनका जीवन बचाया। यह हार्प का अपना दावा है, जिस पर चिकित्सा विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं।
ट्रंप के चुनाव अभियान से समाचार चैनल तक
वर्ष 2020 में नैटली हार्प ने दक्षिणपंथी अमेरिकी समाचार चैनल ‘वन अमेरिका न्यूज़ नेटवर्क’ में प्रस्तोता के रूप में काम करना शुरू किया।
इस चैनल को डोनाल्ड ट्रंप समर्थक रुख के लिए जाना जाता है। हार्प ने यहां ट्रंप की नीतियों का समर्थन किया और वर्ष 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े उनके कई राजनीतिक दावों को प्रमुखता दी।
वह वर्ष 2022 तक इस चैनल से जुड़ी रहीं। चैनल छोड़ने के कुछ महीने बाद उन्हें ट्रंप की राजनीतिक टीम में जगह मिल गई।
यहीं से उनका काम कैमरे के सामने बोलने से बदलकर पर्दे के पीछे ट्रंप के लिए सूचनाएं और खबरें जुटाने का हो गया।
ट्रंप के पीछे प्रिंटर लेकर क्यों चलती थीं हार्प?
डोनाल्ड ट्रंप के बारे में लंबे समय से बताया जाता रहा है कि वह मोबाइल फोन या कंप्यूटर पर पढ़ने के बजाय खबरों और सामाजिक माध्यम की पोस्ट की छपी हुई प्रतियां पढ़ना पसंद करते हैं।
नैटली हार्प ने ट्रंप की इस आदत को अपनी सबसे बड़ी उपयोगिता बना लिया।
वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान वह कथित रूप से एक छोटा प्रिंटर और कंप्यूटर लेकर ट्रंप के साथ यात्रा करती थीं। इंटरनेट पर कोई लेख, जनमत सर्वेक्षण, सामाजिक माध्यम की पोस्ट या ट्रंप की प्रशंसा वाली खबर आने पर हार्प उसकी प्रति निकालकर उन्हें दे देती थीं।
इस कारण चुनाव अभियान के कर्मचारियों ने उन्हें एक असामान्य नाम दिया—
‘चलती-फिरती प्रिंटर’
शुरुआत में यह एक मजाकिया नाम था, लेकिन धीरे-धीरे यही प्रिंटर हार्प की ताकत बन गया।
ट्रंप को कौन-सी खबर दिखाई जाएगी, किस आलोचना को उनके सामने रखा जाएगा और किस समर्थक का संदेश उन तक पहुंचेगा—इन सभी के बीच हार्प की भूमिका बढ़ती गई।
वह केवल खबरों की प्रतियां निकालने वाली सहायक नहीं रहीं। वह ट्रंप तक पहुंचने वाली सूचनाओं की धारा का हिस्सा बन गईं।
खबरें पहुंचाने से राष्ट्रपति तक पहुंच नियंत्रित करने का सफर
वर्ष 2024 का राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने नैटली हार्प को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति की विशेष सहायक और कार्यकारी सहायक नियुक्त किया।
उनकी सीट राष्ट्रपति के ओवल कार्यालय के बाहर बताई जाती है। यह स्थान उन्हें ट्रंप की दैनिक गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों के बेहद करीब रखता है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हार्प—
- ट्रंप के लिए खबरें और सामाजिक माध्यम की पोस्ट चुनती हैं।
- राष्ट्रपति के बोलने पर उनके संदेश लिखती हैं।
- ट्रंप के ‘ट्रुथ सोशल’ खाते तक पहुंच रखने वाले चुनिंदा लोगों में शामिल हैं।
- लगभग हर महत्वपूर्ण यात्रा में राष्ट्रपति के साथ रहती हैं।
- ट्रंप से बात करने की कोशिश करने वाले लोगों के संदेश उन तक पहुंचाती हैं।
- कुछ विदेशी नेताओं के कार्यालयों के लिए भी संपर्क का वैकल्पिक माध्यम बन गई हैं।
यहां हार्प के औपचारिक पद से अधिक महत्वपूर्ण उनकी वास्तविक पहुंच है।
व्हाइट हाउस में कई अधिकारी उनसे वरिष्ठ हैं, लेकिन प्रत्येक वरिष्ठ अधिकारी को ट्रंप के साथ इतना समय बिताने या उन्हें लगातार जानकारी देने का अवसर नहीं मिलता।
क्या विदेशी नेता भी नैटली हार्प को संदेश भेजते हैं?
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कुछ विदेशी नेताओं के कार्यालय, आधिकारिक माध्यमों से ट्रंप तक संपर्क न हो पाने पर, नैटली हार्प को संदेश भेजते हैं।
इसका अर्थ यह नहीं है कि हार्प स्वयं अमेरिकी विदेश नीति के निर्णय लेती हैं। लेकिन इससे यह जरूर पता चलता है कि ट्रंप तक संदेश पहुंचाने में उन्हें एक प्रभावशाली माध्यम समझा जाता है।
कूटनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में राष्ट्रपति तक पहुंच का ऐसा अनौपचारिक रास्ता होना कई पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
मुख्य प्रश्न यह है कि क्या राष्ट्रपति तक पहुंच व्यक्तिगत विश्वास से तय होनी चाहिए या स्थापित सरकारी प्रक्रिया से?
जगह नहीं मिली तो गाड़ी के पिछले हिस्से में बैठ गईं
नैटली हार्प की ट्रंप के प्रति निष्ठा और उनके आसपास बने रहने की कोशिश से जुड़ी कई घटनाएं अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित हुई हैं।
सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में ट्रंप को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश होना था। हार्प को राष्ट्रपति के वाहनों के काफिले में बैठने की जगह नहीं मिली।
इसके बावजूद वह कथित रूप से एक गाड़ी के पिछले सामान रखने वाले हिस्से में बैठ गईं। उनका कहना था कि ट्रंप ने उन्हें अपने साथ रहने के लिए कहा था।
यह घटना हार्प की हर परिस्थिति में ट्रंप के पास बने रहने की कोशिश का प्रतीक बन गई।
समर्थक इसे उनकी असाधारण मेहनत और समर्पण बताते हैं। आलोचकों का कहना है कि यही लगातार मौजूद रहने की क्षमता उन्हें उनके औपचारिक पद से कहीं अधिक प्रभावशाली बनाती है।
खतरे के समय भी ट्रंप ने हार्प को अपने साथ रखा
हार्प पर डोनाल्ड ट्रंप के विश्वास का एक और उदाहरण हाल की सुरक्षा घटना में देखने को मिला।
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप के खिलाफ कथित ईरानी खतरे की सूचना के बाद तुर्किये में उन्हें ‘एयर फोर्स वन’ से एक गुप्त सैन्य विमान में स्थानांतरित किया गया था।
उस समय ज्यादातर मंत्री, अधिकारी और पत्रकार कथित रूप से ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल किए गए दूसरे विमान में ही रहे। लेकिन हार्प उन चुनिंदा लोगों में शामिल थीं जिन्हें ट्रंप के साथ गुप्त विमान में ले जाया गया।
इस घटना ने दिखाया कि सुरक्षा की अत्यंत संवेदनशील परिस्थिति में भी हार्प राष्ट्रपति के सबसे करीबी समूह का हिस्सा थीं।
इसी निकटता ने उनकी सुरक्षा स्वीकृति को लेकर उठे विवाद को अधिक गंभीर बना दिया।
एक वर्ष तक सुरक्षा स्वीकृति न होने का दावा
अमेरिकी समाचार माध्यम ‘एमएस नाउ’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि नैटली हार्प ने व्हाइट हाउस में एक वर्ष से अधिक समय तक नियमित सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कथित रूप से आवश्यक प्रपत्र जमा नहीं किए थे। व्हाइट हाउस के विधिक कार्यालय और सुरक्षा अधिकारियों द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद ट्रंप स्वयं इस मामले में शामिल हुए।
इसके बाद हार्प ने अपनी पृष्ठभूमि की जांच के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा किए और उन्हें सुरक्षा स्वीकृति दे दी गई।
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। व्हाइट हाउस के सभी कर्मचारियों को समान स्तर की गोपनीय जानकारी तक पहुंच नहीं मिलती। अलग-अलग पदों के लिए पृष्ठभूमि जांच और सुरक्षा स्वीकृति की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं।
यह सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि हार्प ने सुरक्षा स्वीकृति मिलने से पहले कोई गोपनीय दस्तावेज देखा था।
व्हाइट हाउस ने कहा है कि नैटली हार्प के पास अब अन्य कर्मचारियों की तरह आवश्यक सुरक्षा स्वीकृति है।
विवाद आखिर किस बात पर है?
विवाद केवल इस बात पर नहीं है कि नैटली हार्प किस कमरे में बैठती हैं या उनके पास कौन-सा आधिकारिक पद है।
मुख्य चिंता उनकी अनौपचारिक शक्ति को लेकर है।
यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति के लिए खबरें चुनता हो, उनके सामाजिक माध्यम के संदेश तैयार करता हो, उनके साथ लगातार यात्रा करता हो और उनसे संपर्क चाहने वाले लोगों के संदेश पहुंचाता हो तो वह राष्ट्रपति के विचारों और निर्णयों पर अप्रत्यक्ष प्रभाव डाल सकता है।
यह प्रभाव तब भी संभव है जब उस व्यक्ति के पास नीति बनाने का कोई औपचारिक अधिकार न हो।
हार्प के आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति तक पहुंचने वाली जानकारी किसी एक व्यक्ति पर अत्यधिक निर्भर नहीं होनी चाहिए।
वहीं, ट्रंप और व्हाइट हाउस का मानना है कि हार्प को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह राष्ट्रपति के प्रति असाधारण रूप से वफादार हैं।
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस ने नैटली हार्प का मजबूती से बचाव किया है।
प्रशासन के प्रवक्ता ने उन्हें ट्रंप की टीम की सबसे मेहनती और विश्वसनीय सहयोगियों में से एक बताया। व्हाइट हाउस ने उनकी सुरक्षा स्वीकृति पर उठे सवालों को भी खारिज करते हुए कहा कि उनके पास आवश्यक स्वीकृति मौजूद है।
प्रशासन ने हार्प की भूमिका को लेकर चल रही कई खबरों को ट्रंप विरोधी राजनीतिक और मीडिया अभियान का हिस्सा बताया है।
हार्प ने स्वयं अपनी बढ़ती शक्ति या विदेशी नेताओं के संदेशों से संबंधित रिपोर्टों पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
नैटली हार्प की असली ताकत क्या है?
नैटली हार्प की कहानी परंपरागत राजनीतिक सफलता की कहानी नहीं है।
उन्होंने कोई चुनाव नहीं जीता। वह किसी बड़े सरकारी विभाग की प्रमुख नहीं रहीं। उनके पास विदेश नीति या राष्ट्रीय सुरक्षा का लंबा अनुभव भी नहीं है।
उनकी शक्ति मुख्य रूप से तीन बातों से बनी दिखाई देती है—
- डोनाल्ड ट्रंप के प्रति लगातार और सार्वजनिक निष्ठा।
- राष्ट्रपति की खबरें पढ़ने और काम करने की व्यक्तिगत आदतों को समझना।
- लगभग हर परिस्थिति में उनके आसपास मौजूद रहने की क्षमता।
एक टेलीविजन साक्षात्कार ने उन्हें ट्रंप की नजरों तक पहुंचाया। छोटा प्रिंटर लेकर चलने की आदत ने उन्हें उनके रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनाया। लगातार मौजूद रहने और राष्ट्रपति का विश्वास जीतने ने उन्हें व्हाइट हाउस के सबसे महत्वपूर्ण दरवाजों में से एक के बाहर पहुंचा दिया।
आज नैटली हार्प केवल ट्रंप को खबरें देने वाली ‘चलती-फिरती प्रिंटर’ नहीं हैं।
वह स्वयं उस रास्ते का हिस्सा बन गई हैं जिससे खबरें, संदेश और लोग अमेरिकी राष्ट्रपति तक पहुंचते हैं।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

