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आज का पंचांग 01 अगस्त 2026: सावन तृतीया पर शोभन योग का संयोग, जानें राहुकाल, भद्रा व शुभ मुहूर्त
राशिफल
श्रावण कृष्ण तृतीया तिथि, शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि में चंद्रमा का गोचर; जानिए शनिवार के पंचांग की पूरी जानकारी
सावन का शनिवार होने के कारण आज न्याय के देवता शनिदेव तथा देवाधिदेव महादेव की आराधना का अद्भुत संयोग बन रहा है। दैनिक जीवन में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या मांगलिक आयोजन की शुरुआत करने से पहले पंचांग के माध्यम से दिन के शुभ-अशुभ काल, मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति जान लेना अत्यंत आवश्यक होता है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
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सूर्योदय: प्रातः 05:42 बजे
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सूर्यास्त: सायंकाल 07:12 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 08:51 बजे
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चंद्रास्त: अगली सुबह 07:59 बजे
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दिन की अवधि: लगभग 13 घंटे 29 मिनट
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
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तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष तृतीया (रात्रि 11:07 बजे तक), तत्पश्चात चतुर्थी।
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नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र (रात्रि 08:45 बजे तक), इसके बाद पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु देव हैं और इसके देवता वरुण हैं।
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योग: शोभन योग (रात्रि 11:23 बजे तक), इसके बाद अतिगण्ड योग का निर्माण होगा। शोभन योग को नए कार्यों की योजना बनाने और धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
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करण: वणिज करण (प्रातः 10:53 बजे तक), तत्पश्चात विष्टि (भद्रा) करण रात्रि 11:07 बजे तक। इसके बाद बव करण शुरू होगा।
सूर्य और चंद्र की स्थिति
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सूर्य राशि: कर्क राशि (पुष्य नक्षत्र)
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चंद्र राशि: कुंभ राशि (दिन-रात कुंभ राशि में संचरण)
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सूर्य दिशा: दक्षिणायन
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ऋतु: वर्षा ऋतु
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विक्रम संवत: 2083
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शक संवत: 1948
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
वैदिक ज्योतिष में शुभ मुहूर्त में शुरू किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक। यह दिन का सबसे श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त माना जाता है।
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अमृत काल: दोपहर 01:10 बजे से दोपहर 02:51 बजे तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:18 बजे से प्रातः 05:00 बजे तक। ध्यान, योग व ईश्वर भक्ति के लिए यह समय सर्वोत्तम है।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:17 बजे से दोपहर 03:10 बजे तक।
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गोधूलि मुहूर्त: सायंकाल 06:43 बजे से सायंकाल 07:04 बजे तक।
आज के अशुभ काल एवं वर्जित समय (Inauspicious Timings)
अशुभ समय के दौरान किसी भी प्रकार का नया व्यवसाय, बड़ा वित्तीय समझौता या मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: प्रातः 09:04 बजे से प्रातः 10:45 बजे तक। राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य या यात्रा शुरू न करें।
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यमगण्ड काल: दोपहर 02:08 बजे से अपराह्न 03:49 बजे तक।
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गुलिक काल: प्रातः 05:42 बजे से प्रातः 07:23 बजे तक।
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भद्रा काल (विष्टि): प्रातः 10:53 बजे से रात्रि 11:07 बजे तक। भद्रा के साए में विवाह, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित रहते हैं।
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दुर्मुहूर्त: प्रातः 07:11 बजे से प्रातः 08:04 बजे तक।
आज का चौघड़िया (Day & Night Choghadiya)
दिन का चौघड़िया (Day Time):
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काल (अशुभ): 05:42 AM – 07:23 AM
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शुभ (शुभ): 07:23 AM – 09:04 AM
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रोग (अशुभ): 09:04 AM – 10:46 AM
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उद्वेग (अशुभ): 10:46 AM – 12:27 PM
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चर (सामान्य): 12:27 PM – 02:08 PM
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लाभ (शुभ): 02:08 PM – 03:49 PM
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अमृत (सर्वोत्तम): 03:49 PM – 05:30 PM
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काल (अशुभ): 05:30 PM – 07:12 PM
रात का चौघड़िया (Night Time):
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लाभ (शुभ): 07:12 PM – 08:31 PM
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उद्वेग (अशुभ): 08:31 PM – 09:49 PM
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शुभ (शुभ): 09:49 PM – 11:08 PM
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अमृत (सर्वोत्तम): 11:08 PM – 12:27 AM (02 अगस्त)
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चर (सामान्य): 12:27 AM – 01:46 AM (02 अगस्त)
आज का विशेष महत्व एवं पूजन विधि
01 अगस्त 2026 का दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि और शनिवार के अद्भुत संयोग से युक्त है। शनिवार का दिन शनिदेव की आराधना के लिए समर्पित होता है। आज के दिन सावन का महत्व होने के कारण भगवान भोलेनाथ का जल और बेलपत्र से अभिषेक करना चाहिए।
इसके साथ ही, शाम को पीपल के वृक्ष के पास सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं। काले तिल, उरद दाल या काले वस्त्र का दान करने से शनि ढैय्या और साढ़ेसाती के प्रतिकूल प्रभावों में शांति मिलती है। राहुकाल (09:04 AM - 10:45 AM) का विशेष ध्यान रखें और इस समय के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।
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आज का पंचांग 01 अगस्त 2026: सावन तृतीया पर शोभन योग का संयोग, जानें राहुकाल, भद्रा व शुभ मुहूर्त
राशिफल
सावन का शनिवार होने के कारण आज न्याय के देवता शनिदेव तथा देवाधिदेव महादेव की आराधना का अद्भुत संयोग बन रहा है। दैनिक जीवन में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या मांगलिक आयोजन की शुरुआत करने से पहले पंचांग के माध्यम से दिन के शुभ-अशुभ काल, मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति जान लेना अत्यंत आवश्यक होता है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
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सूर्योदय: प्रातः 05:42 बजे
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सूर्यास्त: सायंकाल 07:12 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 08:51 बजे
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चंद्रास्त: अगली सुबह 07:59 बजे
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दिन की अवधि: लगभग 13 घंटे 29 मिनट
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
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तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष तृतीया (रात्रि 11:07 बजे तक), तत्पश्चात चतुर्थी।
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नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र (रात्रि 08:45 बजे तक), इसके बाद पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु देव हैं और इसके देवता वरुण हैं।
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योग: शोभन योग (रात्रि 11:23 बजे तक), इसके बाद अतिगण्ड योग का निर्माण होगा। शोभन योग को नए कार्यों की योजना बनाने और धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
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करण: वणिज करण (प्रातः 10:53 बजे तक), तत्पश्चात विष्टि (भद्रा) करण रात्रि 11:07 बजे तक। इसके बाद बव करण शुरू होगा।
सूर्य और चंद्र की स्थिति
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सूर्य राशि: कर्क राशि (पुष्य नक्षत्र)
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चंद्र राशि: कुंभ राशि (दिन-रात कुंभ राशि में संचरण)
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सूर्य दिशा: दक्षिणायन
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ऋतु: वर्षा ऋतु
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विक्रम संवत: 2083
-
शक संवत: 1948
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
वैदिक ज्योतिष में शुभ मुहूर्त में शुरू किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक। यह दिन का सबसे श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त माना जाता है।
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अमृत काल: दोपहर 01:10 बजे से दोपहर 02:51 बजे तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:18 बजे से प्रातः 05:00 बजे तक। ध्यान, योग व ईश्वर भक्ति के लिए यह समय सर्वोत्तम है।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:17 बजे से दोपहर 03:10 बजे तक।
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गोधूलि मुहूर्त: सायंकाल 06:43 बजे से सायंकाल 07:04 बजे तक।
आज के अशुभ काल एवं वर्जित समय (Inauspicious Timings)
अशुभ समय के दौरान किसी भी प्रकार का नया व्यवसाय, बड़ा वित्तीय समझौता या मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: प्रातः 09:04 बजे से प्रातः 10:45 बजे तक। राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य या यात्रा शुरू न करें।
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यमगण्ड काल: दोपहर 02:08 बजे से अपराह्न 03:49 बजे तक।
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गुलिक काल: प्रातः 05:42 बजे से प्रातः 07:23 बजे तक।
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भद्रा काल (विष्टि): प्रातः 10:53 बजे से रात्रि 11:07 बजे तक। भद्रा के साए में विवाह, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित रहते हैं।
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दुर्मुहूर्त: प्रातः 07:11 बजे से प्रातः 08:04 बजे तक।
आज का चौघड़िया (Day & Night Choghadiya)
दिन का चौघड़िया (Day Time):
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काल (अशुभ): 05:42 AM – 07:23 AM
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शुभ (शुभ): 07:23 AM – 09:04 AM
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रोग (अशुभ): 09:04 AM – 10:46 AM
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उद्वेग (अशुभ): 10:46 AM – 12:27 PM
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चर (सामान्य): 12:27 PM – 02:08 PM
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लाभ (शुभ): 02:08 PM – 03:49 PM
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अमृत (सर्वोत्तम): 03:49 PM – 05:30 PM
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काल (अशुभ): 05:30 PM – 07:12 PM
रात का चौघड़िया (Night Time):
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लाभ (शुभ): 07:12 PM – 08:31 PM
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उद्वेग (अशुभ): 08:31 PM – 09:49 PM
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शुभ (शुभ): 09:49 PM – 11:08 PM
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अमृत (सर्वोत्तम): 11:08 PM – 12:27 AM (02 अगस्त)
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चर (सामान्य): 12:27 AM – 01:46 AM (02 अगस्त)
आज का विशेष महत्व एवं पूजन विधि
01 अगस्त 2026 का दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि और शनिवार के अद्भुत संयोग से युक्त है। शनिवार का दिन शनिदेव की आराधना के लिए समर्पित होता है। आज के दिन सावन का महत्व होने के कारण भगवान भोलेनाथ का जल और बेलपत्र से अभिषेक करना चाहिए।
इसके साथ ही, शाम को पीपल के वृक्ष के पास सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं। काले तिल, उरद दाल या काले वस्त्र का दान करने से शनि ढैय्या और साढ़ेसाती के प्रतिकूल प्रभावों में शांति मिलती है। राहुकाल (09:04 AM - 10:45 AM) का विशेष ध्यान रखें और इस समय के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।
