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दतिया उपचुनाव में 71.44% मतदान, अब 3 अगस्त को खुलेगा जनता के फैसले का राज
दतिया,(म.प्र.)
शांतिपूर्ण मतदान के साथ लोकतंत्र का उत्सव संपन्न, भाजपा और कांग्रेस ने जताई जीत की उम्मीद, मतगणना 3 अगस्त को होगी
मध्य प्रदेश की बहुचर्चित दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस उपचुनाव में लगभग 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला। पूरे दिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं ने भी उत्साह के साथ अपने मताधिकार का उपयोग किया। अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर हैं, जब यह तय होगा कि दतिया विधानसभा का नया विधायक कौन बनेगा।
यह उपचुनाव प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है। दतिया सीट पर मतदान को लेकर शुरुआत से ही राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और मतदान व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर ने बताया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी 291 मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। मतदाताओं के लिए पेयजल, छाया, चिकित्सा सुविधा और दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई थी। मतदान समाप्त होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और अन्य चुनाव सामग्री को सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम तक पहुंचाया गया।
मतदान प्रतिशत पर नजर डालें तो पुरुष मतदाताओं में लगभग 74.09 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि महिला मतदाताओं की भागीदारी 68.48 प्रतिशत रही। वहीं तीसरे लिंग के मतदाताओं ने भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार पूरे दिन मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और किसी भी बड़े व्यवधान की सूचना नहीं मिली।
दतिया विधानसभा क्षेत्र में इस बार कुल 21 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है। इसके अलावा आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव भी चुनाव मैदान में हैं और उन्होंने भी अपने स्तर पर व्यापक जनसंपर्क किया। चुनाव प्रचार के दौरान सभी प्रमुख उम्मीदवारों ने क्षेत्र में लगातार संपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से समर्थन मांगा।
यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक की सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया गया है। इसी कारण इस सीट पर राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारा और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखा। मतदान वाले दिन भी दोनों दलों के कार्यकर्ता मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने में जुटे रहे।
दतिया विधानसभा का राजनीतिक इतिहास भी काफी रोचक रहा है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में यहां करीब 80 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया था। इस बार मतदान प्रतिशत कुछ कम जरूर रहा, लेकिन फिर भी 71 प्रतिशत से अधिक मतदान को लोकतंत्र के प्रति जनता की मजबूत भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि उपचुनाव में इतनी बड़ी संख्या में मतदान होना मतदाताओं की सक्रियता को दर्शाता है।
मतदान के बाद राजनीतिक दलों ने भी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए दतिया की जनता का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदान लोकतंत्र के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग, जिला प्रशासन, पुलिस और चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों के शांतिपूर्ण चुनाव संचालन की भी सराहना की।
चुनाव के दौरान प्रशासन लगातार सभी मतदान केंद्रों की निगरानी करता रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क रहे। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि मतदान के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हुईं और मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई।
अब चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही सामने आएगा। मतगणना 3 अगस्त को होगी और उसी दिन यह स्पष्ट हो जाएगा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अगले कार्यकाल में कौन करेगा।
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दतिया उपचुनाव में 71.44% मतदान, अब 3 अगस्त को खुलेगा जनता के फैसले का राज
दतिया,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश की बहुचर्चित दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस उपचुनाव में लगभग 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला। पूरे दिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं ने भी उत्साह के साथ अपने मताधिकार का उपयोग किया। अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर हैं, जब यह तय होगा कि दतिया विधानसभा का नया विधायक कौन बनेगा।
यह उपचुनाव प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है। दतिया सीट पर मतदान को लेकर शुरुआत से ही राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और मतदान व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर ने बताया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी 291 मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। मतदाताओं के लिए पेयजल, छाया, चिकित्सा सुविधा और दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई थी। मतदान समाप्त होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और अन्य चुनाव सामग्री को सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम तक पहुंचाया गया।
मतदान प्रतिशत पर नजर डालें तो पुरुष मतदाताओं में लगभग 74.09 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि महिला मतदाताओं की भागीदारी 68.48 प्रतिशत रही। वहीं तीसरे लिंग के मतदाताओं ने भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार पूरे दिन मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और किसी भी बड़े व्यवधान की सूचना नहीं मिली।
दतिया विधानसभा क्षेत्र में इस बार कुल 21 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है। इसके अलावा आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव भी चुनाव मैदान में हैं और उन्होंने भी अपने स्तर पर व्यापक जनसंपर्क किया। चुनाव प्रचार के दौरान सभी प्रमुख उम्मीदवारों ने क्षेत्र में लगातार संपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से समर्थन मांगा।
यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक की सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया गया है। इसी कारण इस सीट पर राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारा और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखा। मतदान वाले दिन भी दोनों दलों के कार्यकर्ता मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने में जुटे रहे।
दतिया विधानसभा का राजनीतिक इतिहास भी काफी रोचक रहा है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में यहां करीब 80 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया था। इस बार मतदान प्रतिशत कुछ कम जरूर रहा, लेकिन फिर भी 71 प्रतिशत से अधिक मतदान को लोकतंत्र के प्रति जनता की मजबूत भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि उपचुनाव में इतनी बड़ी संख्या में मतदान होना मतदाताओं की सक्रियता को दर्शाता है।
मतदान के बाद राजनीतिक दलों ने भी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए दतिया की जनता का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदान लोकतंत्र के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग, जिला प्रशासन, पुलिस और चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों के शांतिपूर्ण चुनाव संचालन की भी सराहना की।
चुनाव के दौरान प्रशासन लगातार सभी मतदान केंद्रों की निगरानी करता रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क रहे। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि मतदान के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हुईं और मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई।
अब चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही सामने आएगा। मतगणना 3 अगस्त को होगी और उसी दिन यह स्पष्ट हो जाएगा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अगले कार्यकाल में कौन करेगा।
