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5 मार्च 2026 का पंचांग: गुरुवार को द्वितीया तिथि, भाई-बहन के स्नेह का पर्व
Dharm, Desk
5 मार्च 2026, गुरुवार को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। यह तिथि धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन वायु देव का प्रभाव रहता है और स्थायी कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल माना जाता है। कई स्थानों पर आज भाई-बहन के स्नेह से जुड़ा पर्व मनाया जाता है।
आज का पंचांग विवरण
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विक्रम संवत : 2082
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मास : चैत्र
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पक्ष : कृष्ण पक्ष
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तिथि : द्वितीया
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वार : गुरुवार
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योग : शूल
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नक्षत्र : उत्तरा फाल्गुनी
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करण : गर
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चंद्र राशि : कन्या
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सूर्य राशि : कुंभ
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सूर्योदय : 06:43 प्रातः
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सूर्यास्त : 06:23 सायं
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चंद्रोदय : 08:17 रात्रि
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चंद्रास्त : 07:32 प्रातः
नक्षत्र का प्रभाव और शुभ कार्य
आज चंद्रमा कन्या राशि में भ्रमण कर रहे हैं और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का संयोग बना हुआ है। यह नक्षत्र स्थिर प्रकृति का माना जाता है और दीर्घकालिक योजनाओं के लिए अच्छा समझा जाता है।
इस दिन विशेष रूप से ये कार्य शुभ माने जाते हैं—
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मकान निर्माण की शुरुआत या नींव पूजन
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भूमि क्रय-विक्रय
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धार्मिक अनुष्ठान और कर्मकांड
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पौधारोपण
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शिक्षा का शुभारंभ
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मंदिर या देव स्थापना
जो लोग भविष्य को ध्यान में रखकर स्थायी कार्य करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय सकारात्मक माना गया है।
इन समयों में रखें सावधानी
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राहुकाल : दोपहर 02:00 बजे से 03:28 बजे तक
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यमगंड : सुबह 06:43 बजे से 08:10 बजे तक
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए या शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। आवश्यक कार्य हो तो उचित मुहूर्त की जानकारी लेकर ही प्रारंभ करें।
गुरुवार का महत्व
गुरुवार का दिन बृहस्पति ग्रह से संबंधित है। इस दिन पीले रंग का महत्व माना जाता है। व्रत, दान और भगवान विष्णु की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
सलाह: किसी भी बड़े निर्णय या मांगलिक कार्य से पहले अपने क्षेत्र के अनुसार समय की पुष्टि अवश्य कर लें, क्योंकि स्थान परिवर्तन के अनुसार पंचांग के समय में अंतर हो सकता है।

