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Budh Gochar 2026: मेष राशि में बुध का प्रवेश, इन 4 राशियों पर बढ़ेगा दबाव
धर्म डेस्क
30 अप्रैल से शुरू होगा प्रभाव, पारिवारिक और स्वास्थ्य समस्याओं के संकेत; जानें उपाय
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार 30 अप्रैल 2026 को बुध ग्रह का गोचर मेष राशि में होने जा रहा है, जिसका असर कई राशियों के जीवन पर पड़ेगा। इस दौरान सूर्य पहले से ही मेष राशि में उच्च स्थिति में रहेंगे, जिससे बुध और सूर्य की युति बनकर बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा। हालांकि यह योग जहां कुछ राशियों के लिए लाभकारी हो सकता है, वहीं मेष, वृषभ, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय चुनौतियां लेकर आ सकता है।
क्या है पूरा प्रभाव?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बुध के मीन राशि से निकलकर मेष में प्रवेश करने से मानसिक दबाव, पारिवारिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से घर-परिवार और निर्णय लेने की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
मेष राशि पर असर
मेष राशि के लिए बुध तीसरे भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। वायरल या छोटी बीमारियों की संभावना बढ़ेगी। लापरवाही से परेशानी बढ़ सकती है।
उपाय: बुधवार को मूंग दाल का दान करना लाभकारी रहेगा।
वृषभ राशि पर असर
वृषभ राशि के लिए यह गोचर 12वें भाव में होगा, जिससे खर्चों में वृद्धि और मानसिक अस्थिरता हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी होगी और जल्दबाजी में फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उपाय: गणेश जी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
मकर राशि पर असर
मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर चौथे भाव में होगा, जिससे पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से माता की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। करियर में भी दबाव वाले काम मिल सकते हैं।
उपाय: गाय को हरा चारा खिलाना शुभ रहेगा।
कुंभ राशि पर असर
कुंभ राशि के लिए बुध तीसरे भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान अचानक बदलाव और तेजी से निर्णय लेने की स्थिति बन सकती है। नए काम की शुरुआत के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी होगा।
उपाय: बुधवार को गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
क्यों है यह गोचर महत्वपूर्ण?
बुध ग्रह को बुद्धि, संवाद और व्यापार का कारक माना जाता है। ऐसे में इसके राशि परिवर्तन का असर व्यक्ति के निर्णय, संबंध और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। सूर्य के साथ युति बनने से प्रभाव और अधिक गहरा हो सकता है।
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Budh Gochar 2026: मेष राशि में बुध का प्रवेश, इन 4 राशियों पर बढ़ेगा दबाव
धर्म डेस्क
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार 30 अप्रैल 2026 को बुध ग्रह का गोचर मेष राशि में होने जा रहा है, जिसका असर कई राशियों के जीवन पर पड़ेगा। इस दौरान सूर्य पहले से ही मेष राशि में उच्च स्थिति में रहेंगे, जिससे बुध और सूर्य की युति बनकर बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा। हालांकि यह योग जहां कुछ राशियों के लिए लाभकारी हो सकता है, वहीं मेष, वृषभ, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय चुनौतियां लेकर आ सकता है।
क्या है पूरा प्रभाव?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बुध के मीन राशि से निकलकर मेष में प्रवेश करने से मानसिक दबाव, पारिवारिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से घर-परिवार और निर्णय लेने की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
मेष राशि पर असर
मेष राशि के लिए बुध तीसरे भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। वायरल या छोटी बीमारियों की संभावना बढ़ेगी। लापरवाही से परेशानी बढ़ सकती है।
उपाय: बुधवार को मूंग दाल का दान करना लाभकारी रहेगा।
वृषभ राशि पर असर
वृषभ राशि के लिए यह गोचर 12वें भाव में होगा, जिससे खर्चों में वृद्धि और मानसिक अस्थिरता हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी होगी और जल्दबाजी में फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उपाय: गणेश जी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
मकर राशि पर असर
मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर चौथे भाव में होगा, जिससे पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से माता की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। करियर में भी दबाव वाले काम मिल सकते हैं।
उपाय: गाय को हरा चारा खिलाना शुभ रहेगा।
कुंभ राशि पर असर
कुंभ राशि के लिए बुध तीसरे भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान अचानक बदलाव और तेजी से निर्णय लेने की स्थिति बन सकती है। नए काम की शुरुआत के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी होगा।
उपाय: बुधवार को गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
क्यों है यह गोचर महत्वपूर्ण?
बुध ग्रह को बुद्धि, संवाद और व्यापार का कारक माना जाता है। ऐसे में इसके राशि परिवर्तन का असर व्यक्ति के निर्णय, संबंध और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। सूर्य के साथ युति बनने से प्रभाव और अधिक गहरा हो सकता है।
