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MP Dog Sterilization Scam: मंडला में 795 कुत्तों के अंग बरामद, नसबंदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
मंडला(म.प्र.)
काम शुरू होने से पहले मिला ‘स्टॉक’, जांच में सामने आई संदिग्ध गतिविधियां; एजेंसी पर गहराया शक
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में कुत्तों की नसबंदी के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बिंझिया क्षेत्र की शारदा कॉलोनी स्थित एक मकान से 795 कुत्तों के प्राइवेट अंग बरामद किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि नगर पालिका क्षेत्र में नसबंदी का काम शुरू ही नहीं हुआ था, फिर भी इतने बड़े पैमाने पर अंगों का मिलना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
नगर पालिका ने आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर जारी किया था, जिसे एक निजी संस्था को दिया गया था। लेकिन स्थानीय स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ। इसी बीच संस्था द्वारा किराए पर लिए गए एक मकान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली।
कैसे हुआ खुलासा
स्थानीय पशु प्रेमी की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया। राजस्व, पुलिस, नगर पालिका और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान एक कमरे में रखे दो डिब्बों से 795 कुत्तों के अंग बरामद किए गए, जिन्हें फॉर्मेलिन में सुरक्षित रखा गया था।
क्यों उठा शक
जांच में सामने आया कि शहर में नसबंदी का कार्य शुरू ही नहीं हुआ था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बाहर से अंग लाकर फर्जी तरीके से ‘काम पूरा’ दिखाने की तैयारी की जा रही थी, ताकि बिना वास्तविक ऑपरेशन किए भुगतान लिया जा सके।
नगर पालिका ने एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम के तहत यह टेंडर जारी किया था। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित एजेंसी को कई बार काम शुरू करने के निर्देश दिए गए, लेकिन वह टालमटोल करती रही। अंततः ठेका निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सामान्य प्रक्रिया में ऑपरेशन के बाद ऐसे अंगों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाता है। बड़ी संख्या में इनका संग्रह नियमों के खिलाफ है।
यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि संभावित आर्थिक अनियमितताओं की ओर भी इशारा करता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित एजेंसी की भूमिका की जांच की जा रही है।प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
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MP Dog Sterilization Scam: मंडला में 795 कुत्तों के अंग बरामद, नसबंदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
मंडला(म.प्र.)
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में कुत्तों की नसबंदी के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बिंझिया क्षेत्र की शारदा कॉलोनी स्थित एक मकान से 795 कुत्तों के प्राइवेट अंग बरामद किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि नगर पालिका क्षेत्र में नसबंदी का काम शुरू ही नहीं हुआ था, फिर भी इतने बड़े पैमाने पर अंगों का मिलना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
नगर पालिका ने आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर जारी किया था, जिसे एक निजी संस्था को दिया गया था। लेकिन स्थानीय स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ। इसी बीच संस्था द्वारा किराए पर लिए गए एक मकान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली।
कैसे हुआ खुलासा
स्थानीय पशु प्रेमी की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया। राजस्व, पुलिस, नगर पालिका और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान एक कमरे में रखे दो डिब्बों से 795 कुत्तों के अंग बरामद किए गए, जिन्हें फॉर्मेलिन में सुरक्षित रखा गया था।
क्यों उठा शक
जांच में सामने आया कि शहर में नसबंदी का कार्य शुरू ही नहीं हुआ था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बाहर से अंग लाकर फर्जी तरीके से ‘काम पूरा’ दिखाने की तैयारी की जा रही थी, ताकि बिना वास्तविक ऑपरेशन किए भुगतान लिया जा सके।
नगर पालिका ने एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम के तहत यह टेंडर जारी किया था। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित एजेंसी को कई बार काम शुरू करने के निर्देश दिए गए, लेकिन वह टालमटोल करती रही। अंततः ठेका निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सामान्य प्रक्रिया में ऑपरेशन के बाद ऐसे अंगों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाता है। बड़ी संख्या में इनका संग्रह नियमों के खिलाफ है।
यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि संभावित आर्थिक अनियमितताओं की ओर भी इशारा करता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित एजेंसी की भूमिका की जांच की जा रही है।प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
