- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- कूनो से निकला KGP-1 चीता फिर घाटीगांव पहुंचा, गांवों में बढ़ाई गई सतर्कता
कूनो से निकला KGP-1 चीता फिर घाटीगांव पहुंचा, गांवों में बढ़ाई गई सतर्कता
ग्वालियर (म.प्र.)
सोन चिरैया अभयारण्य में दोबारा दिखा चीता, वन विभाग अलर्ट; ग्रामीणों को दी गई सुरक्षा सलाह
मध्यप्रदेश के Gwalior जिले में स्थित Son Chidiya Sanctuary में एक बार फिर KGP-1 चीते की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह चीता करीब 15 दिन पहले Kuno National Park से बाहर निकला था और लंबा सफर तय करने के बाद दोबारा उसी इलाके में पहुंचा है, जहां वह पहले भी रह चुका है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार KGP-1 चीते को रेडियो कॉलर की मदद से लगातार ट्रैक किया जा रहा है। कूनो से निकलने के बाद इसने आरोन और सिमरैया क्षेत्रों को पार किया और अंततः घाटीगांव के जंगलों में प्रवेश किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वही चीता है, जिसने कुछ महीने पहले भी घाटीगांव क्षेत्र को अस्थायी निवास बनाया था। ऐसे में उसकी दोबारा वापसी से यह संकेत मिलता है कि यह क्षेत्र उसके लिए अनुकूल हो सकता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी क्षेत्र में पर्याप्त शिकार और सुरक्षित वातावरण मिलने पर बड़े शिकारी बार-बार उसी इलाके में लौटते हैं। घाटीगांव के जंगलों में शिकार की उपलब्धता और प्राकृतिक परिस्थितियां चीते को आकर्षित कर रही हैं।
ग्रामीणों के लिए चेतावनी
वन विभाग ने अभयारण्य से लगे गांवों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे मवेशियों को खुले में न छोड़ें और रात के समय विशेष सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने को कहा गया है।
शिकार को लेकर अलर्ट
अधिकारियों के अनुसार चीता बकरी को आसान शिकार मानता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर वह नीलगाय और चीतल जैसे वन्यजीवों का भी शिकार कर सकता है। इससे स्थानीय पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है।
कूनो से बाहर चीते की मूवमेंट को वन्यजीव विस्तार योजना के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि चीते नए क्षेत्रों में अपना आवास तलाश रहे हैं, जो भविष्य में उनके संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
कूनो से निकला KGP-1 चीता फिर घाटीगांव पहुंचा, गांवों में बढ़ाई गई सतर्कता
ग्वालियर (म.प्र.)
मध्यप्रदेश के Gwalior जिले में स्थित Son Chidiya Sanctuary में एक बार फिर KGP-1 चीते की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह चीता करीब 15 दिन पहले Kuno National Park से बाहर निकला था और लंबा सफर तय करने के बाद दोबारा उसी इलाके में पहुंचा है, जहां वह पहले भी रह चुका है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार KGP-1 चीते को रेडियो कॉलर की मदद से लगातार ट्रैक किया जा रहा है। कूनो से निकलने के बाद इसने आरोन और सिमरैया क्षेत्रों को पार किया और अंततः घाटीगांव के जंगलों में प्रवेश किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वही चीता है, जिसने कुछ महीने पहले भी घाटीगांव क्षेत्र को अस्थायी निवास बनाया था। ऐसे में उसकी दोबारा वापसी से यह संकेत मिलता है कि यह क्षेत्र उसके लिए अनुकूल हो सकता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी क्षेत्र में पर्याप्त शिकार और सुरक्षित वातावरण मिलने पर बड़े शिकारी बार-बार उसी इलाके में लौटते हैं। घाटीगांव के जंगलों में शिकार की उपलब्धता और प्राकृतिक परिस्थितियां चीते को आकर्षित कर रही हैं।
ग्रामीणों के लिए चेतावनी
वन विभाग ने अभयारण्य से लगे गांवों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे मवेशियों को खुले में न छोड़ें और रात के समय विशेष सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने को कहा गया है।
शिकार को लेकर अलर्ट
अधिकारियों के अनुसार चीता बकरी को आसान शिकार मानता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर वह नीलगाय और चीतल जैसे वन्यजीवों का भी शिकार कर सकता है। इससे स्थानीय पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है।
कूनो से बाहर चीते की मूवमेंट को वन्यजीव विस्तार योजना के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि चीते नए क्षेत्रों में अपना आवास तलाश रहे हैं, जो भविष्य में उनके संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
