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पंचांग: देव दिवाली पर कार्तिक पूर्णिमा, सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग
Dharm, Desk
आज कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि है, जिसे धर्मशास्त्रों में अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन देवताओं की दीपावली यानी देव दिवाली मनाई जाती है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान विष्णु, भगवान शिव, माता लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
तिथि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि आज सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो हर प्रकार के शुभ कार्यों की सफलता का द्योतक माना जाता है। धर्म, दान, स्नान, दीपदान और व्रत पालन के लिए यह दिन श्रेष्ठ है।
आज का पंचांग — बुधवार, 5 नवंबर 2025
| विवरण | समय/तथ्य |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2081 |
| माह | कार्तिक |
| पक्ष | शुक्ल |
| तिथि | पूर्णिमा |
| दिन | बुधवार |
| नक्षत्र | अश्विनी |
| योग | सिद्धि |
| करण | विष्टि |
| चंद्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | तुला |
| सूर्योदय | 06:46 AM |
| सूर्यास्त | 05:59 PM |
| चंद्रोदय | 05:11 PM |
| चंद्रास्त | — |
शुभ-अशुभ मुहूर्त
-
सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन
-
राहुकाल: 12:23 PM से 01:47 PM
-
यमगंड काल: 08:10 AM से 09:34 AM
इन समयों में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
अश्विनी नक्षत्र का महत्व
आज चंद्रमा मेष राशि में और अश्विनी नक्षत्र में विराजमान रहेगा।
यह नक्षत्र —
नए काम की शुरुआत
निवेश व व्यवसाय
यात्रा, वाहन खरीद
स्वास्थ्य व उपचार संबंधी कार्य
कला, खेल व सौंदर्य कार्य
के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य हैं, इसलिए आज आरोग्य प्राप्ति और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष योग है।
धार्मिक महत्व
-
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान, दीपदान, हवन और व्रत का विशेष फल मिलता है
-
देव दिवाली पर घर और मंदिरों में दीपक जलाए जाते हैं
-
आज के दिन दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता का शुभ फल बताया गया है
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पंचांग: देव दिवाली पर कार्तिक पूर्णिमा, सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग
Dharm, Desk
आज कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि है, जिसे धर्मशास्त्रों में अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन देवताओं की दीपावली यानी देव दिवाली मनाई जाती है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान विष्णु, भगवान शिव, माता लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
तिथि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि आज सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो हर प्रकार के शुभ कार्यों की सफलता का द्योतक माना जाता है। धर्म, दान, स्नान, दीपदान और व्रत पालन के लिए यह दिन श्रेष्ठ है।
आज का पंचांग — बुधवार, 5 नवंबर 2025
| विवरण | समय/तथ्य |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2081 |
| माह | कार्तिक |
| पक्ष | शुक्ल |
| तिथि | पूर्णिमा |
| दिन | बुधवार |
| नक्षत्र | अश्विनी |
| योग | सिद्धि |
| करण | विष्टि |
| चंद्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | तुला |
| सूर्योदय | 06:46 AM |
| सूर्यास्त | 05:59 PM |
| चंद्रोदय | 05:11 PM |
| चंद्रास्त | — |
शुभ-अशुभ मुहूर्त
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सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन
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राहुकाल: 12:23 PM से 01:47 PM
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यमगंड काल: 08:10 AM से 09:34 AM
इन समयों में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
अश्विनी नक्षत्र का महत्व
आज चंद्रमा मेष राशि में और अश्विनी नक्षत्र में विराजमान रहेगा।
यह नक्षत्र —
नए काम की शुरुआत
निवेश व व्यवसाय
यात्रा, वाहन खरीद
स्वास्थ्य व उपचार संबंधी कार्य
कला, खेल व सौंदर्य कार्य
के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य हैं, इसलिए आज आरोग्य प्राप्ति और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष योग है।
धार्मिक महत्व
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान, दीपदान, हवन और व्रत का विशेष फल मिलता है
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देव दिवाली पर घर और मंदिरों में दीपक जलाए जाते हैं
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आज के दिन दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता का शुभ फल बताया गया है
