हिंदू पंचांग के अनुसार गुरुवार को चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक आज चंद्रमा धनु राशि में मूल नक्षत्र में स्थित है, जबकि सूर्य कुंभ राशि में विराजमान हैं। ग्रह-नक्षत्रों की यह स्थिति दिन को आध्यात्मिक चिंतन और अनुशासित कार्यों के लिए अनुकूल बना रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दिन में सिद्धि योग का संयोग भी बन रहा है, जिसे शुभ कार्यों और नई शुरुआत के लिए लाभकारी माना जाता है।
पंचांग के अनुसार 12 मार्च को नवमी तिथि अगले दिन यानी 13 मार्च की सुबह 6 बजकर 28 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होगी। गुरुवार को सूर्योदय सुबह 6:34 बजे और सूर्यास्त शाम 6:28 बजे होगा। चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा और मूल नक्षत्र का प्रभाव रात 12:43 बजे तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मूल नक्षत्र के प्रभाव से व्यक्ति के स्वभाव में अनुशासन, ईमानदारी और आत्मचिंतन की प्रवृत्ति बढ़ती है। यह नक्षत्र परिवर्तन और आत्ममंथन से जुड़ा माना जाता है। ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में आत्मविश्लेषण, ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए वातावरण अनुकूल रहता है।
आज सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है, जो सुबह 9:59 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस योग को कार्यों में सफलता और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना हो या नया कार्य प्रारंभ करना हो तो अभिजीत मुहूर्त का समय उपयुक्त रहेगा। आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:07 बजे से 12:55 बजे तक रहेगा।
इसके अलावा अमृत काल शाम 5:36 बजे से 7:23 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों और यात्रा के लिए अनुकूल माना जाता है। वहीं दिन के कुछ समय को अशुभ माना गया है। राहुकाल दोपहर 2:00 बजे से 3:29 बजे तक रहेगा। इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। इसी तरह गुलिकाल सुबह 9:33 बजे से 11:02 बजे तक और यमगण्ड सुबह 6:34 बजे से 8:04 बजे तक रहेगा।
धार्मिक परंपराओं में पंचांग का उपयोग शुभ-अशुभ समय की जानकारी के लिए किया जाता है। कई लोग विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा या नए कार्यों की शुरुआत से पहले पंचांग के अनुसार मुहूर्त तय करते हैं। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति जीवन की दिशा और निर्णयों पर प्रभाव डाल सकती है, इसलिए पंचांग का अध्ययन भारतीय परंपरा में महत्वपूर्ण माना गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन ज्ञान, धर्म और दान से जुड़े कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं। श्रद्धालु इस दिन पूजा-पाठ, व्रत और दान जैसे कार्य भी करते हैं।
---------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए


