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पंचांग: आश्विन पूर्णिमा पर बन रहे शुभ योग, करें देवी पूजन और प्राप्त करें समृद्धि का आशीर्वाद
DHARAM DESK
मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 को आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। यह दिन देवी लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत योग का संयोग बन रहा है, जो साधना, दान-पुण्य और पूजा के लिए विशेष फलदायी है।
पूर्णिमा तिथि सुबह 9:16 बजे तक रहेगी, जिसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। यह तिथि 8 अक्टूबर की सुबह 5:53 बजे तक जारी रहेगी।
आज का पंचांग (मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025)
- विक्रम संवत: 2081
- मास: आश्विन
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: पूर्णिमा (सुबह 9:16 बजे तक)
- दिन: मंगलवार
- नक्षत्र: रेवती
- योग: ध्रुव
- करण: बव
- चंद्र राशि: मीन
- सूर्य राशि: कन्या
- सूर्योदय: 06:32 बजे
- सूर्यास्त: 06:21 बजे
- चंद्रोदय: 06:21 बजे
- चंद्रास्त: आज नहीं
🌙 आज का नक्षत्र और योग का प्रभाव
आज चंद्रमा मीन राशि और रेवती नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। रेवती नक्षत्र बुध ग्रह के स्वामित्व वाला और अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है। यह दिन नए कार्यों की योजना, व्यापार प्रारंभ, धार्मिक यात्रा और आध्यात्मिक चिंतन के लिए अनुकूल है।
ध्रुव योग स्थिरता और सफलता का प्रतीक है। इस योग में किए गए कार्य दीर्घकालिक परिणाम देते हैं।
राहुकाल और अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: 03:24 बजे से 04:53 बजे तक
- यमगंड: 10:58 बजे से 12:27 बजे तक
इन अवधियों में कोई भी शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए। अन्यथा कार्य में बाधा आ सकती है।
पूजा और आराधना का महत्व
पूर्णिमा तिथि पर देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा का विधान है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन घर में दीप जलाकर धन की देवी लक्ष्मी का आह्वान करने से समृद्धि बनी रहती है। इसके साथ ही माता सरस्वती और पार्वती की भी आराधना करनी चाहिए, जिससे बुद्धि, ज्ञान और शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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पंचांग: आश्विन पूर्णिमा पर बन रहे शुभ योग, करें देवी पूजन और प्राप्त करें समृद्धि का आशीर्वाद
DHARAM DESK
मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 को आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। यह दिन देवी लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत योग का संयोग बन रहा है, जो साधना, दान-पुण्य और पूजा के लिए विशेष फलदायी है।
पूर्णिमा तिथि सुबह 9:16 बजे तक रहेगी, जिसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। यह तिथि 8 अक्टूबर की सुबह 5:53 बजे तक जारी रहेगी।
आज का पंचांग (मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025)
- विक्रम संवत: 2081
- मास: आश्विन
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: पूर्णिमा (सुबह 9:16 बजे तक)
- दिन: मंगलवार
- नक्षत्र: रेवती
- योग: ध्रुव
- करण: बव
- चंद्र राशि: मीन
- सूर्य राशि: कन्या
- सूर्योदय: 06:32 बजे
- सूर्यास्त: 06:21 बजे
- चंद्रोदय: 06:21 बजे
- चंद्रास्त: आज नहीं
🌙 आज का नक्षत्र और योग का प्रभाव
आज चंद्रमा मीन राशि और रेवती नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। रेवती नक्षत्र बुध ग्रह के स्वामित्व वाला और अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है। यह दिन नए कार्यों की योजना, व्यापार प्रारंभ, धार्मिक यात्रा और आध्यात्मिक चिंतन के लिए अनुकूल है।
ध्रुव योग स्थिरता और सफलता का प्रतीक है। इस योग में किए गए कार्य दीर्घकालिक परिणाम देते हैं।
राहुकाल और अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: 03:24 बजे से 04:53 बजे तक
- यमगंड: 10:58 बजे से 12:27 बजे तक
इन अवधियों में कोई भी शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए। अन्यथा कार्य में बाधा आ सकती है।
पूजा और आराधना का महत्व
पूर्णिमा तिथि पर देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा का विधान है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन घर में दीप जलाकर धन की देवी लक्ष्मी का आह्वान करने से समृद्धि बनी रहती है। इसके साथ ही माता सरस्वती और पार्वती की भी आराधना करनी चाहिए, जिससे बुद्धि, ज्ञान और शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
