अपरा एकादशी व्रत कथा: सुनने मात्र से मिलता है 1 हजार गोदान जितना फल

धर्म डेस्क

By Rohit.P
On

अपरा एकादशी व्रत कथा का महत्व, श्रीकृष्ण द्वारा बताई गई कथा और पद्म पुराण अनुसार इसका फल 1000 गोदान के बराबर पुण्य देता है।

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को अपरा एकादशी कहते हैं, और इस बार ये तिथि 13 मई, बुधवार को मनाई जा रही है। धर्म के हिसाब से, ये दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, और इस दिन व्रत-उपवास करने से जीवन में किए गए सभी पाप मिट जाते हैं, चाहे वो जानबूझकर किए गए हों या अनजाने। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का माहौल रहता है, और भक्त लोग भगवान विष्णु की विशेष आराधना में लगे रहते हैं। इस दिन का अपरा एकादशी व्रत कथा का विशेष महत्व है, जिसका जिक्र पद्म पुराण में मिलता है। ऐसा माना जाता है कि इस कथा का पाठ करने से हजार गायों के दान के बराबर पुण्य मिलता है, इसलिए इसे सुनना और पढ़ना बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक जानकारों का मानना है कि इस व्रत से न सिर्फ आध्यात्मिक शुद्धि मिलती है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता भी आती है।

एक पौराणिक कथा के अनुसार, धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में कौन-सी एकादशी आती है और इसका क्या महत्व है। तब श्रीकृष्ण ने कहा कि इसे अपरा एकादशी कहा जाता है और ये बेहद पुण्य देने वाली होती है। उन्होंने बताया कि जो इस दिन श्रद्धा से व्रत करता है, उसके बड़े पाप भी समाप्त हो जाते हैं। कथा में आगे कहा गया है कि चाहे वह ब्रह्महत्या जैसा दोष हो, झूठी गवाही, छल-कपट, या धर्म विरुद्ध कर्म - अपरा एकादशी का व्रत इन सभी पापों का नाश करने की शक्ति रखता है। पद्म पुराण में इसे इतनी महत्ता दी गई है कि इसे करने वाले को अनेक तीर्थों के पुण्य के बराबर फल मिलता है। माघ मास में प्रयाग स्नान, काशी में शिवरात्रि व्रत, गया में पिंडदान और बदरी-केदार के दर्शन जैसे पुण्य कर्मों के समान फल इस एकादशी के व्रत से प्राप्त होता है।

कथा में यह भी बताया गया है कि जो श्रद्धा से भगवान वामन और विष्णु जी की पूजा करता है, वह सभी संकटों से मुक्त हो जाता है और अंत में विष्णुलोक की प्राप्ति करता है। कहा गया है कि अपरा एकादशी व्रत कथा का पाठ करने से उतना ही पुण्य मिलता है जितना एक हजार गायों के दान से होता है। इसलिए यह दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। व्रत करने वाले श्रद्धालु दिनभर उपवास करते हैं और रात में भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए कथा का श्रवण करते हैं। परंपरा के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य का भी खास महत्व होता है, और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुएं देने से पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि अपरा एकादशी को देशभर में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है, और लोग इसे आत्मशुद्धि और मोक्ष के साधन के रूप में देखते हैं।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
13 May 2026 By Rohit.P

अपरा एकादशी व्रत कथा: सुनने मात्र से मिलता है 1 हजार गोदान जितना फल

धर्म डेस्क

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को अपरा एकादशी कहते हैं, और इस बार ये तिथि 13 मई, बुधवार को मनाई जा रही है। धर्म के हिसाब से, ये दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, और इस दिन व्रत-उपवास करने से जीवन में किए गए सभी पाप मिट जाते हैं, चाहे वो जानबूझकर किए गए हों या अनजाने। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का माहौल रहता है, और भक्त लोग भगवान विष्णु की विशेष आराधना में लगे रहते हैं। इस दिन का अपरा एकादशी व्रत कथा का विशेष महत्व है, जिसका जिक्र पद्म पुराण में मिलता है। ऐसा माना जाता है कि इस कथा का पाठ करने से हजार गायों के दान के बराबर पुण्य मिलता है, इसलिए इसे सुनना और पढ़ना बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक जानकारों का मानना है कि इस व्रत से न सिर्फ आध्यात्मिक शुद्धि मिलती है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता भी आती है।

एक पौराणिक कथा के अनुसार, धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में कौन-सी एकादशी आती है और इसका क्या महत्व है। तब श्रीकृष्ण ने कहा कि इसे अपरा एकादशी कहा जाता है और ये बेहद पुण्य देने वाली होती है। उन्होंने बताया कि जो इस दिन श्रद्धा से व्रत करता है, उसके बड़े पाप भी समाप्त हो जाते हैं। कथा में आगे कहा गया है कि चाहे वह ब्रह्महत्या जैसा दोष हो, झूठी गवाही, छल-कपट, या धर्म विरुद्ध कर्म - अपरा एकादशी का व्रत इन सभी पापों का नाश करने की शक्ति रखता है। पद्म पुराण में इसे इतनी महत्ता दी गई है कि इसे करने वाले को अनेक तीर्थों के पुण्य के बराबर फल मिलता है। माघ मास में प्रयाग स्नान, काशी में शिवरात्रि व्रत, गया में पिंडदान और बदरी-केदार के दर्शन जैसे पुण्य कर्मों के समान फल इस एकादशी के व्रत से प्राप्त होता है।

कथा में यह भी बताया गया है कि जो श्रद्धा से भगवान वामन और विष्णु जी की पूजा करता है, वह सभी संकटों से मुक्त हो जाता है और अंत में विष्णुलोक की प्राप्ति करता है। कहा गया है कि अपरा एकादशी व्रत कथा का पाठ करने से उतना ही पुण्य मिलता है जितना एक हजार गायों के दान से होता है। इसलिए यह दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। व्रत करने वाले श्रद्धालु दिनभर उपवास करते हैं और रात में भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए कथा का श्रवण करते हैं। परंपरा के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य का भी खास महत्व होता है, और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुएं देने से पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि अपरा एकादशी को देशभर में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है, और लोग इसे आत्मशुद्धि और मोक्ष के साधन के रूप में देखते हैं।

https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/just-by-listening-to-the-story-of-apara-ekadashi-fast/article-53248

खबरें और भी हैं

दहेज में बुलेट और 2 लाख नहीं मिले, तो शादी छोड़ बारात लेकर भागा दूल्हा

टाप न्यूज

दहेज में बुलेट और 2 लाख नहीं मिले, तो शादी छोड़ बारात लेकर भागा दूल्हा

टीकमगढ़ में दहेज में 2 लाख और बुलेट की मांग पूरी नहीं होने पर दूल्हा अधूरी रस्में छोड़ बारात लेकर...
राज्य  मध्य प्रदेश 
दहेज में बुलेट और 2 लाख नहीं मिले, तो शादी छोड़ बारात लेकर भागा दूल्हा

गर्मी में रामबाण घरेलू ड्रिंक: किशमिश-सौंफ पानी पीने से मिलते हैं गजब के फायदे, जानें कैसे आजमाएं

गर्मियों में किशमिश और सौंफ का पानी शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने और एनर्जी बढ़ाने में मदद कर सकता...
लाइफ स्टाइल 
गर्मी में रामबाण घरेलू ड्रिंक: किशमिश-सौंफ पानी पीने से मिलते हैं गजब के फायदे, जानें कैसे आजमाएं

NEET पेपर लीक नेटवर्क के तार सीहोर तक जुड़े, यहां की यूनिवर्सिटी से पढ़ चुका है मास्टमाइंड शुभम

NEET 2026 पेपर लीक मामले में सीहोर कनेक्शन सामने आया है. आरोपी शुभम खैरनार का श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से संबंध...
राज्य  मध्य प्रदेश 
NEET पेपर लीक नेटवर्क के तार सीहोर तक जुड़े, यहां की यूनिवर्सिटी से पढ़ चुका है मास्टमाइंड शुभम

पीएम मोदी की अपील का असर, CM मोहन यादव ने घटाईं अपने काफिले की गाड़ियां

पीएम मोदी की अपील के बाद कई राज्यों में वीआईपी काफिले और सरकारी वाहनों में कटौती, ईंधन बचत और ई-वाहनों...
राज्य  मध्य प्रदेश  भोपाल 
पीएम मोदी की अपील का असर, CM मोहन यादव ने घटाईं अपने काफिले की गाड़ियां

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.